WhatsApp Boss Scam Alert: CEO बनकर ठग रहे साइबर अपराधी, I4C ने जारी की चेतावनी

I4C के अनुसार साइबर अपराधी CEO और वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाकर WhatsApp Boss Scam को अंजाम दे रहे हैं। मालवेयर के जरिए WhatsApp अकाउंट हैक कर कर्मचारियों को फर्जी भुगतान निर्देश भेजे जा रहे हैं।
I4C advisory on WhatsApp Boss Scam targeting CEOs and finance teams

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने एक नए साइबर खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है। “WhatsApp Boss Scam” या “CEO Impersonation Fraud” नाम की इस धोखाधड़ी में साइबर अपराधी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों और CEO को निशाना बना रहे हैं। इसके बाद उनके WhatsApp अकाउंट का इस्तेमाल कर कर्मचारियों और वित्त विभाग को फर्जी भुगतान निर्देश भेजे जा रहे हैं।

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I4C के नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) के अनुसार ठग खुद को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या किसी अन्य नियामक संस्था का अधिकारी बताकर ईमेल या WhatsApp संदेश भेजते हैं। संदेश में किसी कथित सुरक्षा खामी या नियामकीय उल्लंघन का हवाला देकर तत्काल कार्रवाई का दबाव बनाया जाता है।

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एडवाइजरी के अनुसार साइबर अपराधी पीड़ित को एक ZIP फाइल भेजते हैं। इस फाइल में छिपा हुआ मालवेयर होता है। कई मामलों में CEO या वरिष्ठ अधिकारी यह संदेश आगे वित्त विभाग या संबंधित कर्मचारी को भेज देते हैं। जैसे ही फाइल को Windows कंप्यूटर पर डाउनलोड कर चलाया जाता है, मालवेयर सक्रिय हो जाता है। इसके बाद अपराधी सिस्टम में प्रवेश कर लेते हैं और Web WhatsApp से जुड़े सेशन पर भी कब्जा कर सकते हैं।

कैसे होती है वित्तीय धोखाधड़ी

WhatsApp अकाउंट तक पहुंच मिलने के बाद अपराधी उसी अधिकारी की पहचान में कर्मचारियों या अकाउंट विभाग को संदेश भेजते हैं। इन संदेशों में तत्काल भुगतान करने या किसी खाते में धनराशि भेजने का निर्देश दिया जाता है। कुछ मामलों में हमलावर मोबाइल की संपर्क सूची में बदलाव कर अपने नंबर को CEO के नाम से सेव कर देते हैं। इसके बाद कर्मचारी फर्जी नंबर से आए निर्देश को असली समझकर भुगतान कर देते हैं।

I4C ने क्या सलाह दी

I4C ने कंपनियों के वित्त विभाग और कर्मचारियों को सलाह दी है कि केवल WhatsApp संदेश या ईमेल के आधार पर किसी भी वित्तीय लेनदेन को मंजूरी न दें। भुगतान से पहले संबंधित अधिकारी से फोन कॉल या व्यक्तिगत रूप से पुष्टि अवश्य करें।

इसके अलावा अज्ञात स्रोतों से प्राप्त EXE या ZIP फाइल डाउनलोड न करें। WhatsApp के Linked Devices सेक्शन की नियमित जांच करें और अनावश्यक Web WhatsApp सेशन को तुरंत लॉगआउट करें। Windows सिस्टम में अद्यतन सुरक्षा सॉफ्टवेयर का उपयोग भी जरूरी है।

साइबर ठगी होने पर क्या करें

यदि किसी संदिग्ध लिंक, फाइल या फर्जी भुगतान निर्देश का सामना हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें या साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट करें। समय रहते शिकायत करने पर धनराशि बचाने की संभावना बढ़ जाती है।

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19-07-2026