जाली नोटों का जाल-वेस्ट बंगाल से वाया मुंबई, नागपुर और इंदौर तक,एनआईए को दी खबर

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। जाली नोटो के तस्कर अब देश भर में फैलने लगे हैं। डीआरआई मुंबई ने पिछले तीन दिन में जाली नोटों के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। इस ऑपरेशन ने वेस्ट बंगाल से मुंबई और नागपुर होते हुए इंदौर तक फैल रहे जाली नोटों के जाल के बारे में पता चला है। डीआरआई के इस ऑपरेशन के बारे में राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए) को सूचित कर दिया गया है।

जैाली नोटों की तस्करी में पकड़े गए आरोपी ———–

डीआरआई मुंबई ने जाली नोटों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। डीआरआई को जाली नोटों की तस्करी के बारे में विशेष सूचना मिली थी।

इस सूचना के आधार पर डीआरआई नागपुर ने एक संदिग्ध शख्स पर निगरानी रखनी शुरू की। सूचना में बताया गया था कि संदिग्ध शख्स पश्चिम बंगाल से जाली नोट लेकर नागपुर पहुंचा है। डीआरआई ने 13 जनवरी को संदिग्ध शख्स को नागपुर के ताज बाग से हिरासत में लिया।  

पकड़े गए शख्स की पहचान बिहार निवासी लालू खान के रूप में हुई। उसके कब्जे से डीआरआई ने 2000 के 386 और 500 के 1191 नोट बरामद किए। बरामद फर्जी नोटों की कीमत 13,67,500 थी। लालू खान नागपुर के राजमहल होटल में ठहरा हुआ था। पता चला कि उससे जाली नोटों की खेप लेने तीन और लोग आने वाले हैं। कल जैसे ही तीनों लालू खान के पास पहुंचे उन्हें भी हिरासत में लेकर तलाशी ली गई। उनके कब्जे से 500 के 178 नोट जिसकी कीमत 89000 थी बरामद हुआ। लालू खान को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। इनकी निशानदेही पर डीआरआई इंदौर ने मध्य प्रदेश के धार में छापेमारी की और 2000 के 190 और 500 के 76 जाली नोट बरामद किए। इनकी कीमत 418000 थी। इसके बाद गुरूवार को तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

दोनों जगह की गई छापेमारी में कुल 1875500 कीमत के जाली नोट बरामद किए गए। मामले में लालू खान के अलावा महेश बागवान, रितेश रघुवंशी और रंधीर ठाकुर को भी गिरफ्तार कर लिया गया।  

गौरतलब है कि 2017 के अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में भी डीआरआई मुंबई ने क्रमशः 6.98,7.36 और 20.57 लाख रुपये बरामद किए थे।

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20-07-2026