अपडेट: 13 सितंबर 2026
गृह मंत्रालय द्वारा संसद में दी गई ताजा जानकारी और वर्तमान GRM प्रक्रिया के अनुसार लेख संशोधित किया गया है।
साइबर फ्रॉड की किसी रकम का एक छोटा हिस्सा भी आपके खाते में पहुंच जाए तो बैंक खाता फ्रीज हो सकता है या उसमें पड़ी रकम पर लीन लगाया जा सकता है। कई बार खाताधारक को यह भी पता नहीं होता कि कार्रवाई किस शिकायत पर हुई है। ऐसे मामलों के निवारण के लिए गृह मंत्रालय ने GRM व्यवस्था शुरू की है, लेकिन शिकायत सीधे खाताधारक नहीं, संबंधित बैंक शाखा के माध्यम से दर्ज होती है।
GRM और MRM में क्या अंतर है?
| व्यवस्था | किसके लिए है |
|---|---|
| GRM Portal | गलत तरीके से फ्रीज, होल्ड या लीन लगे बैंक खाते की शिकायत |
| MRM Portal | साइबर ठगी में रोकी या बरामद रकम पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया |
| NCRP/1930 | साइबर अपराध और वित्तीय ठगी की शुरुआती शिकायत |
यह अंतर बहुत महत्वपूर्ण है। ठगी का शिकार व्यक्ति अपनी रोकी गई रकम वापस चाहता है तो उसका मामला MRM से जुड़ सकता है। निर्दोष खाताधारक अपना फ्रीज खाता खुलवाना चाहता है तो GRM उपयोगी है।
क्या I4C आपका बैंक खाता फ्रीज करता है?
नहीं। गृह मंत्रालय के सार्वजनिक नोटिस के अनुसार बैंक खाता फ्रीज करने या खाते में जमा रकम पर लीन लगाने का निर्णय संबंधित जांच अधिकारी अथवा कानून प्रवर्तन एजेंसी करती है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र यानी I4C स्वयं किसी व्यक्ति का बैंक खाता फ्रीज नहीं करता।
गृह मंत्रालय का आधिकारिक सार्वजनिक नोटिस पढ़ें
GRM पोर्टल क्या है और क्यों जरूरी है
GRM (Grievance Reporting Module) http://ncrp-grievanceredressal.mha.gov.in/ एक ऑनलाइन सिस्टम है जिसके जरिए बैंक खाते के फ्रीज़/होल्ड मामलों की शिकायत दर्ज होती है, पुलिस-बैंक के बीच समन्वय होता है और आम आदमी को हर स्टेज पर अपडेट मिलता है।
स्टेप बाइ स्टेप गाइड
बैंक शाखा जाते समय ये दस्तावेज साथ रखेंः
लिखित आवेदन, केवाईसी दस्तावेज, पासपोर्ट आकार का फोटो, बैंक खाते का विवरण, संबंधित लेनदेन का स्पष्टीकरण और प्रमाण, फ्रीज या लीन से जुड़ी बैंक की सूचना, NCRP शिकायत संख्या, यदि उपलब्ध हो व्यापारिक लेनदेन हो तो बिल, भुगतान रसीद या अनुबंध।
1. समस्या पहचानें
सबसे पहले यह सुनिश्चित करें:
- खाता फ्रीज़ है या लीन मार्क
- UPI या नेट बैंकिंग बंद है
2. बैंक शाखा जाएँ
- संबंधित शाखा में आवेदन दें
- KYC, आधार, शिकायत प्रमाण जमा करें
बैंक करेगा GRM में एंट्री
- बैंक अधिकारी पोर्टल पर केस दर्ज करेगा
- आपकी शिकायत को एक Grievance ID मिलेगी
- केस पुलिस के पास भेजा जाएगा
शिकायत ट्रैक करें
आपकी शिकायत इन चरणों से गुजरेगी:
IO → जिला GRO → राज्य GRO
हर स्तर पर आपको अपडेट मिलेगा।
रिजेक्ट होने पर क्या करें
- 10–15 दिन में Review मांग सकते हैं
- मामला दोबारा जांच में जाएगा
- अंतिम विकल्प: कोर्ट
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पुलिस जांच कैसे होती है?
🔍 IO क्या करता है
- बैंक दस्तावेजों की जांच
- वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पूछताछ
⚖️ निर्णय के विकल्प
- खाता अनफ्रीज़
- लीन जारी रखना
- शिकायत खारिज करना
- अतिरिक्त जानकारी मांगना
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयसीमा
मामले की जांच, राज्य पुलिस की कार्रवाई और दस्तावेजों की कमी के कारण वास्तविक समय अलग हो सकता है। तय समय बीतने का अर्थ यह नहीं है कि खाता अपने आप खुल जाएगा।
- बैंक से IO: 7 दिन
- IO जांच: 15 दिन
- जिला समीक्षा: 15 दिन
- राज्य समीक्षा: 15 दिन
- आदेश लागू: 48 घंटे
सबसे महत्वपूर्ण बातें (Quick Summary)
- शिकायत सीधे पोर्टल पर नहीं, बैंक के माध्यम से शुरू होती है
- पुलिस जांच के बाद निर्णय लेती है
- 3-लेवल समीक्षा सिस्टम मौजूद है
- पूरा सिस्टम समयबद्ध है









