wildlife crime: दिल्ली में तीन करोड़ के सफेद गैंडे का सींग बरामद, 90 साल से रखे हुए थे घर में, घाटे से उबरने के लिए बेच रहा था

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wildlife crime: साउथ दिल्ली के लाजपत नगर स्थित एक फ्लैट में सफेद गैंडे के सिंग (rhino horn) पिछले 90 साल से रखे हुए थे। फ्लैट में रहने वाले कारोबारी ने घाटे से उबरने के लिए तीन करोड़ रपये मूल्य वाले इस सींग को एक करोड़ में बेचने के लिए सौदेबाजी शुरू की। उसके इस काम में एक आश्रम के महंत और सरकारी सफाई कर्मचारी सहित तीन और लोग कमीशन की लालच में साथ देने लगे। मगर जिससे उन्होंने सैदेबाजी की वह दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का जवान था। पुलिस ने चारों को दबोचकर गैंडे के सींग बरामद कर लिए हैं।

wildlife crime: सफेद गैंडे के सींग की सौदेबाजी का ऐसे हुआ खुलासा


क्राइम ब्रांच के एडिशनल सीपी संजय कुमार सैन के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक शर्मा, सुरेश कुमार, संत राम और अनिल कुमार सेठी के रूप में हुई है। उनके मुताबिक एएसआई राकेश को गैंडे के सींगों के बारे में सूचना मिली थी आरोपी व्यक्तियों को पकड़ने के लिए एसीपी रमेश लांबा की निगरानी और इंस्पेक्टर सतेंद्र मोहन की देखरेख में इंस्पेक्टर कमल कुमार, एसआई आशीष शर्मा, गुलाब सिंह, एएसआई शैलेंद्र, राकेश, एचसी शक्ति, वरुण और कर्मबीर और कांस्टेबल नवीन की एक समर्पित टीम गठित की गई।

कांस्टेबल नवीन को एक नकली ग्राहक के रूप में तैनात किया गया। नवीन ने प्रदीप और उसके साथियों से सौदेबाजी कर 1 करोड़ में सौदा तय किया। इसके बाद, डिलीवरी के लिए टीम ने एफ ब्लॉक, लाजपत नगर, पार्ट- I, नई दिल्ली के एक फ्लैट में छापा मारा, जहां चारों आरोपियों को गैंडे के दो सींगों के साथ दबोच लिया गया।

लालच में बन गया सींग बेचने वाला गैंग

पूछताछ के दौरान आरोपी दीपक शर्मा ने खुलासा किया कि उसके पास उसके दादा के समय से गैंडे के दो सींग हैं। उन्होंने इन्हें प्राचीन और दुर्लभ वस्तु होने के कारण संरक्षित किया था। ये सींग अफ्रीकी देशों के सफेद गैंडे के हैं और पिछले 90 वर्षों से उसके घर में पड़े थे। कोविड-19 महामारी के बाद उसे आटोमोबाइल कारोबार में घाटा हो गया। उस पर लाखों रुपये का कर्जा भी हो गया।

वह जानता था कि सींग दुर्लभ हैं और इसकी कीमत 3 करोड़ रुपये से अधिक है, इसलिए अपनी खराब वित्तीय स्थिति के कारण, उसने अच्छा पैसा कमाने के लिए इन प्राचीन सींगों को बेचने का फैसला किया। उसने दिल्ली के उत्तम नगर में ‘महंत’ सुरेश कुमार से सींगों को एक करोड़ में बेचने के लिए संपर्क किया और उसे बिक्री के बदले में मोटी रकम देने का भी वादा किया।

सुरेश कुमार ने संत राम से संपर्क किया, जो एक करोड़ रुपये मूल्य के सींगों को बेचने के लिए अनिल कुमार सेठी के संपर्क में आया। अनिल कुमार ने संभावित खरीदार की तलाश की और इस प्रक्रिया में वह एक स्रोत के संपर्क में आया, जिसने क्राइम ब्रांच को इसके बारे में सूचना दे दी। सुरेश कुमार दिल्ली के उत्तम नगर में स्थित एक आश्रम में ‘महंत’ है।

वह एक सामान्य मित्र के माध्यम से दीपक शर्मा के संपर्क में आया, जिसने उससे गैंडे के दो प्राचीन और दुर्लभ सींगों को बेचने के बारे में चर्चा की। उसे आश्रम परिसर में निर्माण कार्य के लिए पैसे की आवश्यकता थी, इसलिए उसने दीपक शर्मा की योजना पर सहमति जताई, जिसने आगे संत राम से संपर्क किया। संत राम सरकारी सेवा में सफाई कर्मचारी है। वह आकर्षक कमीशन के लिए सहमत हो गया। वह कर्ज में भी डूबा हुआ था और उसे अपना कर्ज चुकाने के लिए पैसे की जरूरत थी। उसने सींग बेचने के लिए अनिल कुमार सेठी से संपर्क किया। अनिल कुमार सेठी कुछ निजी काम करके अपनी आजीविका चला रहा है। उसे पैसों की सख्त जरूरत थी क्योंकि उसे अपनी बेटी की शादी करनी थी। गैंडे के सींग बेचने की आकर्षक योजना सुनने के तुरंत बाद वह तुरंत इस योजना के लिए सहमत हो गया।

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18-08-2026