स्वदेशी जागरण मंच का खास अभियान इस तरह शुरू हुआ

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स्वदेशी जागरण मंच के आह्वान पर एनसीयूआई सभागार, नई दिल्ली में स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान का आरंभ किया गया। इस अवसर पर व्यापारी, उद्योग, व्यवसाय, किसान, श्रमिक, छात्र, धार्मिक, आध्यात्मिक एवं अन्य सामाजिक संगठनों सहित विभिन्न संगठनों के राष्ट्रीय नेताओं ने भाग लिया और आज 12 जून, 2025 को शुरू किए गए अभियान के प्रति अपनी एकजुटता और सक्रिय समर्थन व्यक्त किया।

स्वदेशी के बारे में ये हैं विचार

बैठक में उपस्थित नेताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज इस अभियान को शुरू करने का सबसे उपयुक्त और उपयुक्त समय है, जिसमें भारत के सभी नागरिकों से विदेशी वस्तुओं और सेवाओं के उपयोग का बहिष्कार करने और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया गया है, साथ ही व्यापारियों से भी आह्वान किया गया है कि वे विदेशी वस्तुओं और सेवाओं का उपयोग न करें।

स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक डा. अश्वनी महाजन ने कहा कि वक्ताओं ने ऑपरेशन सिंदूर की शानदार सफलता की सराहना की। इस ऑपरेशन में हमारी सेनाओं ने पाकिस्तान/पीओजेके क्षेत्रों में स्थित आतंकवादी ठिकानों और लॉन्च पैडों को नष्ट कर दिया तथा हमारे स्वदेशी रूप से विकसित और उत्पादित रक्षा उपकरणों से उनके एयरबेस और डिपो को नष्ट कर दिया।

यह भी कहा गया कि स्वदेशी रूप से विकसित और उत्पादित रक्षा उपकरण चीन और तुर्की द्वारा आपूर्ति किए गए तथा पाकिस्तान द्वारा उपयोग किए जाने वाले रक्षा उत्पादों से कहीं बेहतर हैं। वर्तमान व्यापार युद्ध के प्रभाव, जिसने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को नष्ट करके विश्व व्यवस्था को बदल दिया है, पर भी प्रकाश डाला गया।

swadeshi jagran manch

ऑपरेशन सिंदूर और बाधित वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं ने चीन और तुर्की को हमारी संप्रभुता और व्यापार के लिए खतरे के रूप में भी उजागर किया है। प्रतिभागियों में भारी पीड़ा और गुस्सा दिखाई दिया। बैठक में सदस्यों ने चीनी और तुर्की की सभी वस्तुओं का बहिष्कार करने का आह्वान किया। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन द्वारा टैरिफ बढ़ाने, गैर-अमेरिकी मूल के लोगों द्वारा भेजे जाने वाले धन पर कर लगाने के परिदृश्य को देखते हुए, स्वदेशी जागरण मंच ने देश के लोगों से विदेशी फंडिंग वाली अमेजन, फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों का बहिष्कार करने का आह्वान किया है।

स्वदेशी जागरण मंच भारत सरकार से अनुरोध करेगा कि वह रॉयल्टी, लाभांश, तकनीकी शुल्क, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के बहिर्वाह के रूप में विदेशी मुद्रा के बहिर्वाह पर पारस्परिकता के सिद्धांत के आधार पर उच्च कर लगाए। इस अवसर पर वक्ताओं ने घरेलू नवाचारों और स्वदेशी तकनीक आधारित उत्पादन के महत्व को भी रेखांकित किया।

वक्ताओं ने उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक, दूरसंचार, रक्षा, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स और अन्य उत्पादों के उत्पादन के लिए भारतीय कॉरपोरेट्स और एमएसएमई को भी बधाई दी। बैठक में मौजूद 50 से अधिक संगठनों के नेताओं ने एकजुटता व्यक्त की और अभियान को अपने-अपने संगठनों का पूरा समर्थन देने की पेशकश की। कार्यक्रम के बाद हुई बैठक में इस अभियान को देश के कोने-कोने तक ले जाने का निर्णय लिया गया।

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