spoof call आने कम हो गए हैं। आपको फोन पर भी spoof call अब कम आते होंगे। क्या आप जानते हैं ऐसे कॉल से कैसे छुटाकारा मिल रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी स्पूफ कॉल की संख्या में गिरावट संभव हुआ है कुछ खास प्रयासों से। आपको भी जानना जरुरी है कि आखिर spoof call से कैसे छुटाका मिल रहा है। क्योंकि जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है।
spoof call में ऐसे आई गिरावट
अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉल्स में भारी गिरावट आई है। देशभर में जागरूकता अभियानों, एजेंसियों के एकीकरण (कानून प्रवर्तन एजेंसियां समेत) और जनता की सक्रिय भागीदारी की बदौलत। यह संभव हुआ है। हाँ, और बेहद प्रभावशाली रूप से!
भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉल्स में 97% की कमी हासिल की है, जिसका श्रेय दूरसंचार विभाग (DoT) और संचार मंत्रालय द्वारा चलाए गए बहु-आयामी अभियान को जाता है।
क्या बदला?
• CIOR प्रणाली:
अक्टूबर 2024 में शुरू हुई Centralized International Out Roaming Registry (CIOR) ने पहले ही 1.35 करोड़ स्पूफ कॉल्स को 24 घंटे में ब्लॉक कर दिया।
• कॉलर ID अलर्ट:
अब सभी अंतरराष्ट्रीय कॉल्स पर “International Call” चेतावनी प्रदर्शित होती है, जिससे पहचान की धोखाधड़ी पकड़ में आ जाती है।
• ब्लैकलिस्टिंग:
308 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कैरियर्स और एग्रीगेटर्स, जो बार-बार स्पूफ कॉल भेज रहे थे, को ब्लैकलिस्ट किया गया।
• शिकायतों में गिरावट:
जनवरी 2025 में जहां अंतरराष्ट्रीय नंबरों से जुड़े 2,776 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें थीं, वहीं जून तक यह आंकड़ा कुछ ही मामलों तक सिमट गया।
सफलता के पीछे की तकनीक
• ASTR प्रणाली:
AI आधारित फेस रेकग्निशन ने 82 लाख फर्जी मोबाइल कनेक्शन की पहचान करके उन्हें डिस्कनेक्ट किया।
• संचार साथी पोर्टल:
15.5 करोड़ उपयोगकर्ताओं को संदिग्ध कॉल्स रिपोर्ट करने और चोरी हुए डिवाइसेज़ ब्लॉक करने में सक्षम बनाया।
• डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP):
620 संस्थाओं—बैंक, पुलिस, टेलीकॉम कंपनियाँ—को एकीकृत करके रीयल-टाइम धोखाधड़ी रोकथाम में सहयोग प्रदान किया।
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