देश के कई इलाक़ों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है।ऐसे में एसी से निकलकर तुरंत लू में जाना जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसलिए सतर्क रहें और ज्यादा देर तक धूप में रहने से बचें।
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खासकर जब कोई व्यक्ति ठंडे कमरे यानी AC से निकलकर अचानक तेज धूप में जाता है, तो यह बदलाव शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इस लेख में समझेंगे कि ऐसा क्यों होता है, शरीर पर इसका क्या असर पड़ता है और हीट स्ट्रोक से बचाव कैसे किया जा सकता है।
कैसे नियंत्रित होता है शरीर का तापमान
सामान्यतया हमारे शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहता है। मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस में मौजूद थर्मो रेगुलेटरी सेंटर शरीर का तापमान नियंत्रित करता है। जब बाहरी तापमान बढ़ता है, तो शरीर पसीना निकालकर खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो शरीर को अधिक गर्म होने से बचाती है।
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लेकिन अधिक देर तक लगातार लू में रहने के कारण लंबे समय तक पसीना अधिक निकलने से शरीर में नमक व पानी की कमी होने लगती है।इस वजह से शरीर का थर्मो रेगुलेटरी सेंटर शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं कर पाता।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
पसीना नहीं आना।उल्टी,दस्त।हृदय गति बढ़ना।बेहोश होना।सिर में दर्द। तेज बुखार। मांसपेशियों में ऐंठन।
हीट स्ट्रोक होने पर बेहोशी, तेज बुखार, पसीना नहीं आने की समस्या होती है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह जानलेवा हो सकता है। क्योंकि यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है। इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के खराब होने का खतरा रहता है।
AC से धूप में जाने पर खतरा क्यों बढ़ता है
एसी चलाने पर कमरे का तापमान 20-22 डिग्री सेल्सियस होता है। बाहर का तापमान 45 डिग्री से ज्यादा रह रहा है। ऐसे में कमरे व बाहर के तापमान में करीब 23 डिग्री सेल्सियस का अंतर होता है। ऐसी स्थिति में ठंड से अचानक बहुत गर्म स्थान पर जाने और देर तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक हो सकता है।
लू लगने पर शरीर में क्या होता है
डिहाइड्रेशन से खून गाढ़ा होने का खतरा रहता है। इससे मस्तिष्क की नसों में ब्लड थक्का होने से हेमोरेजिक स्ट्रोक का खतरा रहता है।
बाहर जाने से पहले कर लें ये काम
हाइपरटेंशन के मरीजों का ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है। इसलिए बुजुर्ग, ब्लड प्रेशर के मरीजों को खतरा अधिक होता है।इसलिए बाहर जाने से पहले एसी को कुछ देर के लिए बंद कर देना चाहिए। कमरे का तापमान सामान्य होने के बाद बाहर निकलना चाहिए।
हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय
धूप में अधिक देर तक न रहें। दिन में 11 बजे से दोपहर तीन बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।बाहर निकलने पर छाता या गमछे से चेहरे को ढंक कर रखें। थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए।
पानी के अलावा स्वस्थ लोग शिंकजी,लस्सी व छाछ का इस्तेमाल करना चाहिए।अल्कोहल का इस्तेमाल न करें,इससे डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है। सूती कपड़े का इस्तेमाल करें।(ए.के.अरुण,एमडी;हील इनिशिएटिव)


