देश में बढ़ते साइबर खतरों और महत्वपूर्ण संस्थानों की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के 5,000 साइबर कमांडो तैयार करने के विजन को आगे बढ़ाते हुए CISF ने अपने जवानों के लिए विशेष Cyber Security Training कार्यक्रम शुरू किया है।
यह भी पढ़ेंः साइबर सुरक्षा अलर्ट: निष्क्रिय बैंक खातों का दुरुपयोग, मनी म्यूल स्कैम से कैसे बचें
यह छह सप्ताह का एडवांस प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 जून 2026 से चेन्नई स्थित IIT Madras में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम में CISF के 35 जवान हिस्सा ले रहे हैं, जिन्हें आधुनिक साइबर सुरक्षा तकनीकों और डिजिटल खतरों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
Cyber Security Training में क्या सिखाया जाएगा?
इस एडवांस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जवानों को कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी। इनमें नेटवर्क सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर खतरों की पहचान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), इंसिडेंट रिस्पॉन्स और साइबर कानून से जुड़े पहलू शामिल हैं।
CISF का उद्देश्य अपने जवानों को ऐसे कौशल से लैस करना है जिससे वे भविष्य में सामने आने वाली डिजिटल चुनौतियों और साइबर हमलों का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकें।
साइबर सुरक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है CISF
CISF पिछले कुछ वर्षों से अपने जवानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। बल गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत Indian Cyber Crime Coordination Centre के क्षमता निर्माण अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
इसी प्रयास का परिणाम है कि अब तक 1,600 से अधिक CISF जवानों को साइबर सुरक्षा और साइबर कमांडो प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह प्रशिक्षण देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे National Forensic Sciences University, Defence Institute of Advanced Technology तथा Sardar Vallabhbhai Patel National Police Academy में आयोजित किया गया है।
CERT-In मान्यता की दिशा में भी बढ़ रहा बल
CISF स्वयं को सूचना सुरक्षा ऑडिटिंग संगठन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है। इसके लिए बल के जवानों को Information Security तथा ISO/IEC 27001 से जुड़े सर्टिफिकेशन कार्यक्रमों में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य संगठन के भीतर साइबर सुरक्षा ऑडिट, जोखिम प्रबंधन और अनुपालन संबंधी विशेषज्ञता विकसित करना है ताकि महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और अधिक प्रभावी बनाई जा सके।
देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में अहम भूमिका
CISF देश के कई संवेदनशील और रणनीतिक महत्व वाले प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाता है। इनमें हवाई अड्डे, परमाणु ऊर्जा संयंत्र, बंदरगाह, मेट्रो नेटवर्क और सरकारी संस्थान शामिल हैं। आज जब भौतिक सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ती जा रही हैं, तब Cyber Security Training जैसे कार्यक्रम इन महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अब साइबर सुरक्षा कंसल्टेंसी देने की भी तैयारी
सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा परामर्श के क्षेत्र में CISF पहले से ही सरकारी और निजी संस्थानों को विशेषज्ञ सलाह देता रहा है। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि, विभिन्न बिजनेस पार्क, शैक्षणिक संस्थान और सरकारी कार्यालय इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
साइबर सुरक्षा क्षेत्र में उन्नत क्षमताएं विकसित होने के बाद CISF अब एक पूर्ण सुरक्षा प्रदाता के रूप में अपनी भूमिका को और विस्तारित करने की तैयारी कर रहा है। भविष्य में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों को साइबर सुरक्षा कंसल्टेंसी सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।