सुरक्षा के साथ हरियाली का संकल्प: CISF ने 6 वर्षों में लगाए 44 लाख से अधिक पौधे

वृक्षारोपण अभियान के तहत CISF ने छह वर्षों में 44 लाख से अधिक पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
वृक्षारोपण अभियान के दौरान पौधारोपण करते CISF के जवान

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बल ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया है। CISF द्वारा चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान ने हरित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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वर्ष 2020 से 2025 के बीच CISF ने देशभर में कुल 44,08,341 पौधों का रोपण किया। यह संख्या गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित 35,70,000 पौधों के संचयी लक्ष्य से काफी अधिक है। लगातार छह वर्षों तक निर्धारित लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन यह दर्शाता है कि पर्यावरण संरक्षण अब बल की कार्य संस्कृति का भी हिस्सा बन चुका है।

वृक्षारोपण अभियान में लक्ष्य से आगे निकला CISF

गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित वार्षिक लक्ष्यों के अनुरूप CISF की विभिन्न इकाइयों ने पूरे देश में पौधारोपण गतिविधियों को गति दी। परिणामस्वरूप हर वर्ष निर्धारित संख्या से अधिक पौधे लगाए गए। यह वृक्षारोपण अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहा बल्कि उनके संरक्षण और निगरानी पर भी विशेष ध्यान दिया गया। यही कारण है कि अभियान को दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभों से जोड़कर देखा जा रहा है।

90 प्रतिशत पौधों की जियो-टैगिंग

अभियान की एक बड़ी उपलब्धि पौधों की डिजिटल निगरानी व्यवस्था रही। लगाए गए 44 लाख से अधिक पौधों में से 40,07,586 पौधों को क्रमांकित और जियो-टैग किया गया है। यह कुल पौधों का लगभग 90 प्रतिशत है। इसके अलावा 44,03,856 वृक्षारोपण अभिलेख Government Land Information System (GLIS) पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और पौधों की स्थिति पर नियमित निगरानी संभव हो सकी है।

मियावाकी पद्धति से तैयार किए जा रहे शहरी वन

वृक्षारोपण अभियान के तहत CISF ने मियावाकी तकनीक को भी अपनाया है। भिलाई, थक्कोलम, रांची और अमरावतीपुदुर में लगभग 10.5 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी वन विकसित किए गए हैं। इन स्थानों पर 13,474 पौधे लगाए गए हैं। घने और तेजी से विकसित होने वाले ये वन जैव विविधता को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय पर्यावरण को भी बेहतर बनाने में मदद करेंगे।

मृत पौधों का भी किया जा रहा प्रतिस्थापन

पर्यावरण संरक्षण की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सूख चुके या मृत पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाने की प्रक्रिया भी लगातार जारी है। प्रतिस्थापन के लिए चिन्हित 1,54,170 पौधों में से 1,48,668 पौधों का पुनः रोपण किया जा चुका है। शेष 5,502 पौधों का प्रतिस्थापन वर्ष 2026 के वृक्षारोपण सत्र में पूरा किया जाएगा।

विश्व पर्यावरण दिवस पर भी चला विशेष अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर CISF की इकाइयों ने देशभर में विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया। 5 जून 2026 को अकेले 61,921 पौधे लगाए गए। इससे पहले 5 जून 2025 को 68,168 पौधों का रोपण किया गया था।

यह आंकड़े बताते हैं कि बल पर्यावरण संरक्षण को एक नियमित गतिविधि के रूप में आगे बढ़ा रहा है।

वर्ष 2026 के लिए 4 लाख पौधों का लक्ष्य

CISF ने वर्ष 2026 के लिए 4,00,000 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें से 1,06,006 पौधे पहले ही लगाए जा चुके हैं।पौधों की जीवित रहने की दर बढ़ाने के लिए 71 स्थानों पर ड्रिप सिंचाई प्रणाली विकसित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त 216 नर्सरियों का विकास किया गया है और 193 वाटिकाओं को शहीद जवानों की स्मृति को समर्पित किया गया है।

पर्यावरण संरक्षण में भी निभा रहा राष्ट्रीय दायित्व

देश की औद्योगिक और रणनीतिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के साथ-साथ CISF पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से बल ने यह संदेश दिया है कि सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों राष्ट्रीय विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं।

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23-09-2026