let’s inspire bihar का अभियान, बिहार में ऐसे आएगा उद्यमिता का ज्ञान, स्टार्ट अप समिट

let's inspire bihar

आईपीएस विकास वैभव द्वारा शुरू किया गया अभियान let’s inspire bihar अब बिहार में उद्ममिता की क्रांति लाने के लिए कमर कस चुका है। इसी के तहत बिहार के नवादा में लेट्स इंस्पायर बिहार ( let’s inspire bihar) अभियान के अंतर्गत ‘स्टार्ट-अप एंड बिजनेस समिट 2025’ का आयोजन किया गया।

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राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ आईपीएस विकास वैभव ने बताया कि अभियान के अंतर्गत जिला मुख्यालयों में स्टार्ट-अप सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, चूंकि अभियान के अंतर्गत बिहार में उद्यमिता की व्यापक क्रांति लाने का लक्ष्य है जिससे बिहार में ही रोजगार का अधिकाधिक सृजन हो सके।

let’s inspire bihar का लक्ष्य हर बिहारवासी हो शिक्षित और स्किल्ड

विकास वैभव ने कहा कि हर बिहारवासी को शिक्षित एवं स्किल्ड बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को जोड़कर एक व्यापक इकोसिस्टम निर्मित करने की आवश्यकता है जिसमें जो युवा स्वरोजगार, स्टार्ट-अप, उद्यम एवं व्यवसाय की ओर बढ़ते हैं उन्हे आवश्यक हरसंभव सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया जा सके।let’s inspire bihar अभियान के अंतर्गत 2028 तक बिहार के हर जिले में कम से कम 5 ऐसे स्टार्ट-अप स्थापित करने का लक्ष्य है जिनमें 100+ व्यक्तियों को रोजगार मिलता हो और 3 अभी तक स्थापित भी हो चुके हैं ।

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इसी परिकल्पना को साकार करने के लिए हाल में 13 अप्रैल, 2025 को जमुई में तथा 25 मार्च, 2025 से 3 मई, 2025 तक भागलपुर के टीएनबी काॅलेज में उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इसके पूर्व राजधानी पटना में ही स्टार्ट-अप समिट का आयोजन वर्ष 2022 एवं 2024 के अगस्त माह में किया गया था तथा उद्यमिता के उन्नयन पर आधारित कार्यक्रम भी पटना या भारत के महानगरों में ही पूर्व में आयोजित होते रहे थे । पूर्व में दिल्ली के एनडीएमसी सभागार में वर्ष 2021 में बिहार उद्यमिता सम्मेलन तथा 2023 में बिहार विजन @ 2047 काॅन्क्लेव का सफल आयोजन किया गया। 22 दिसंबर, 2024 को दिल्ली के भारत मंडपम में बिहार @ 2047 विजन काॅन्क्लेव (सीजन 2) का आयोजन किया गया ।

अभियान के अंतर्गत अब तक 10,000 से अधिक सफल उद्यमी साथ जुड़कर स्वैच्छिक योगदान कर रहे हैं । दुबई, दिल्ली, मुंबई, बेंगलूरू, हैदराबाद, पुणे और वडोदरा में भी बिहार संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से उद्यमियों को अभियान के साथ जोड़ा गया है। अनेक सफल उद्यमी ऐसे समिट में समय-समय पर स्टार्ट-अप को सलाह देते रहते हैं। 22 जून, 2025 को अहमदाबाद के गुजरात चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज सभागार में ‘बिहार बिजनेस कनेक्ट 2025’, 24 अगस्त, 2025 को पटना में स्टार्ट-अप समिट 2025 तथा 21 दिसंबर, 2025 को बेंगलुरू में ‘बिहार @ 2047 विज़न कॉन्क्लेव (सीजन 3)’ का आयोजन निर्धारित है ।

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2047 का लक्ष्य

बिहार में स्टार्ट-अप और उद्यमिता की क्रांति की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए आईपीएस वैभव ने सभी से कहा कि हमारा स्वप्न है कि 2047 तक एक ऐसे विकसित बिहार की स्थापना हो जाए जिसमें शिक्षा, रोजगार अथवा स्वास्थ्य के लिए किसी को अन्यत्र जाने की आवश्यकता न हो, परंतु यह कदापि आसान नहीं है ।

वर्तमान में बिहार की लगभग 14 करोड़ जनसंख्या में से 9 करोड़ की आयु 30 वर्ष से कम है । यदि हम वास्तव में विकसित बिहार का निर्माण करना चाहते हैं तो हमें अगले दो दशकों में 9 करोड़ से अधिक रोजगार का सृजन करने हेतु चिंतन के साथ-साथ सकारात्मक प्रयास करना होगा चूंकि किसी भी राजनीतिक दल की कितनी भी इमानदार सरकार बन जाए और पूर्ण प्रयास भी करे तो भी सरकारी नौकरी से केवल 1% या कुछ अधिक को ही लाभान्वित किया जा सकेगा ।

उन्होंने कहा कि आज प्रति व्यक्ति आय के अनुसार बिहार भारत का सर्वाधिक पिछड़ा राज्य बन चुका है जिसमें एक माह में प्रति व्यक्ति आय मात्र 5028 रूपये है जबकि सिक्किम में 48,979, दिल्ली में 38,493, तेलंगाना में 29,714, केरल में 23,417, महाराष्ट्र में 23,134, गुजरात में 22,704, और आंध्र प्रदेश में 20,207 है । ऐसे पिछड़ेपन की स्थिति में यह अत्यंत सुखद है कि बिहार का विकास दर अभी 14.5% है चूंकि किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए 5% से अधिक वृद्धि अत्यंत शुभ संकेतक है ।

परंतु बिहार यदि 15% के दर से भी बढ़ता रहा तो भी 5 वर्ष पश्चात हमारी प्रति व्यक्ति आय मात्र 10,000 के आसपास और 10 वर्ष के पश्चात भी मात्र 20,000 के ही आसपास होगी । 15% के दर पर वृद्धि कितना चुनौतीपूर्ण है यह समझना तो अपने-आप में अत्यंत सुलभ है और वह भी तब जब समाज जाति-संप्रदाय आदि लघुवादों के खंड-खंड में बंटा हो और राजनीति भी इन्हीं खंडों के समीकरणों पर आधारित हो ।

ऐसे में यह स्पष्ट है कि यदि वर्तमान दर से भी हम विकसित होते रहे तो लक्ष्य से बहुत पीछे ही रहेंगे । जब तक हम बिहार में उद्यमिता की क्रांति लाने के निमित्त कार्य नहीं करेंगे तो हम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकेंगे और इसके लिए हमें जाति-संप्रदाय, लिंगभेद और विचारधारात्मक मतभेदों से उपर उठकर कार्य करना होगा और हमारे युवाओं को बड़ी संख्या में ‘जाॅब-सीकर्स’ के स्थान पर ‘जाॅब-क्रिएटर्स’ बनने के लिए न केवल हमें प्रेरित करना होगा अपितु एक ऐसे इकोसिस्टम का भी निर्माण करना होगा जिसमें हमारे स्टार्ट-अप्स बड़ी संख्या में सफल हो सकें ।

उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत का स्वप्न विकसित बिहार के बिना असंभव है । बिहार का अतीत गौरवशाली रहा है, यदि मिलकर हमने प्रयास किया तो निश्चित ही भविष्य भी उज्ज्वलतम होगा । अभियान के अंतर्गत महान वृक्ष के स्वरूप का बीजारोपण हो रहा है । यह अत्यंत सुखद है कि 2047 तक विकसित भारत में विकसित बिहार के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान आज उन सभी बिहारवासियों का अभियान बन चुका है जो बिहार की ऐतिहासिक गरिमा को पुनर्स्थापित करना चाहते हैं और जो वर्तमान में हावी जाति-संप्रदाय, लिंगभेद और विचारधारात्मक मतभेदों के परस्पर संघर्षों से हटकर एक ऐसे विकसित बिहार का निर्माण चाहते हैं जिसमें शिक्षा, रोजगार या स्वास्थ्य के लिए किसी को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं हो ।

लाखों बिहारवासी आज let’s inspire bihar अभियान के साथ जुड़े हैं जिसमें से 2,00,000+ की संख्या व्हाट्सएप्प समूहों के माध्यम से सीधे रूप में जुड़ी है। गांव-गांव और नगर-नगर में अभियान से जुड़ी महिलाएं, युवा, किसान, चिकित्सक, अधिवक्ता, समाजसेवी और सभी सजग नागरिक बिहार को विकसित बनाने का संकल्प ले रहे हैं । वर्तमान में बिहार के 14 जिलों में जुड़े व्यक्तियों/विदुषियों द्वारा 27 निःशुल्क शिक्षा केंद्र चल रहे हैं जिसमें लगभग 2000 आर्थिक रूप से वंचित विद्यार्थी अध्ययनरत हैं । इनमें से 22 महिलाओं द्वारा गार्गी पाठशाला के नाम से संचालित हैं।

चिकित्सा शिविरों का लाभ

let’s inspire bihar अभियान के तहत चिकित्सकों द्वारा स्थापित जीवक अध्याय द्वारा आयोजित 250 से अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों में 40,000+ वंचित व्यक्ति लाभान्वित हो चुके हैं। अनेक सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियाँ जुड़े व्यक्तियों द्वारा नित्य की जा रही हैं । 2028 तक बिहार के हर पंचायत एवं वार्ड में अभियान के अध्यायों को स्थापित करने का लक्ष्य है ।

विद्यार्थियों के साथ-साथ नवादा के अनेक स्टार्ट-अप्स भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए तथा अनेक समस्याओं पर विचार-विमर्श संभव हो सका जिसका प्रभाव निश्चित ही निकट भविष्य में देखने को मिल सकेगा । अभियान बिहार में एक बड़े सांस्कृतिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक परिवर्तन के लिए कार्यरत है । सफलता हेतु सभी का सहयोग आवश्यक है ।

इस अवसर पर जिला प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन अध्यक्ष श्री विजय कुमार, जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल के डायरेक्ट डॉ आरपी साहू, नवादा सेंट्रल स्कूल के डायरेक्ट धर्मेंद्र प्रसाद सिंह, ज्ञान निकेतन स्कूल के डायरेक्टर बंटी कुमार, न्यू दिल्ली सेंट्रल स्कूल के डायरेक्टर सतीश कुमार, बोधि ट्री स्कूल के डायरेक्टर शशांक कुमार, एलआईबी सोशल मीडिया समन्वयक आशीष रंजन, एलआईबी जिला मुख्य समन्वयक विश्वजीत कुमार, एलआईबी डिजाइन समन्वयक सुमित झा, एलआईबी जिला मीडिया समन्वयक शुभम वत्स, एलआईबी समन्वयक तरुण कुमार, केशव कुमार, डॉ रवि शंकर कुमार, ओंकार कुमार, सुरेश प्रसाद सिंह, राजेश, रूपक, चंदन, जयप्रकाश यादव, डॉ कुणाल कुमार, प्रोफेसर अजित कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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25-05-2026