दिल्ली और आसपास के इलाकों में ATM मशीनों को काटकर नकदी चोरी करने वाले एक कथित अंतरराज्यीय अपराधी को आखिरकार Crime Branch ने पकड़ लिया। ATM मशीन काटने वाला बदमाश Md. Zahid, निवासी जिला Nuh यानी मेवात, हरियाणा को दिल्ली पुलिस की Western Range-II, Crime Branch ने राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया है।
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पुलिस के मुताबिक Zahid 14 से अधिक ATM Cutting और ATM Theft मामलों में शामिल रहा है। वह दिल्ली और हरियाणा के कई आपराधिक मामलों में वांछित था। तीन मामलों में उसे Proclaimed Offender घोषित किया जा चुका था, जबकि दिल्ली के Special Cell से जुड़े एक Arms Act मामले में उसके खिलाफ Non-Bailable Warrant भी जारी था।
सबसे अहम बात यह है कि पुलिस के अनुसार उसका आपराधिक रिकॉर्ड वर्ष 2012 से सामने आता है। यानी करीब 14 साल के लंबे अंतराल में वह कई बार जेल गया, बाहर आया और फिर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगा। बाद में अदालत में पेश होना बंद करने पर वह फरार घोषित हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा।
ATM काटने का तरीका क्या था?
क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा के मुताबिक Zahid और उसके साथी देर रात ऐसे ATM को तलाशते थे जहां लोगों की आवाजाही कम हो। जगह तय करने के बाद गैस कटर की मदद से ATM मशीन को काटा जाता था और उसके cash compartment तक पहुंच बनाई जाती थी।
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नकदी निकालने के बाद आरोपी तुरंत मौके से निकल जाते थे। पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद वे दिल्ली या आसपास के इलाकों में रुकने के बजाय मेवात, हरियाणा स्थित अपने गांवों में लौट जाते थे। इससे पुलिस के लिए उनकी पहचान और गिरफ्तारी मुश्किल हो जाती थी।
पुलिस का कहना है कि Zahid के साथ Aarif, Younus Hassan और Abbas भी इस तरह की ATM Cutting वारदातों में शामिल रहे हैं। आगे की जांच में इन लोगों और कथित नेटवर्क की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है।
14 ATM मामलों से जुड़ा नाम, फिर भी गिरफ्तारी से बचता रहा
Crime Branch के अनुसार Zahid लंबे समय से पुलिस की नजर से बचने की कोशिश कर रहा था। जेल से बाहर आने के बाद उसने अदालत में पेश होना बंद कर दिया। अलग-अलग मामलों में उसे Proclaimed Offender घोषित किया गया।
पुलिस के अनुसार वह अपनी गतिविधियों को सीमित रखता था, बार-बार अपना ठिकाना बदलता था और मेवात क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर छिपकर रहता था।
यही वजह थी कि उसकी गिरफ्तारी के लिए केवल पुराने रिकॉर्ड की जांच काफी नहीं थी। पुलिस टीम को उसके मौजूदा मूवमेंट और संभावित ठिकानों के बारे में लगातार जानकारी जुटानी पड़ रही थी।
Technical Surveillance से मिली भिवाड़ी की लोकेशन
Western Range-II, Crime Branch की टीम दिल्ली, हरियाणा और NCR में सक्रिय वांछित अपराधियों तथा Proclaimed Offenders की तलाश कर रही थी। इसी अभियान के दौरान Zahid की गतिविधियों के बारे में विशेष सूचना विकसित की गई।
Delhi Police के अनुसार पिछले कुछ दिनों से आरोपी के संभावित ठिकानों और आने-जाने की जानकारी जुटाई जा रही थी। 12 अगस्त 2026 को मिली गुप्त सूचना के बाद उसे पकड़ने के लिए टीम बनाई गई।
टीम का नेतृत्व Inspector Gautam Malik ने किया। इसमें SI Manish Yadav, HC Pawan Kumar, HC Pawan Hooda और HC Rajesh शामिल थे। कार्रवाई ACP/WR-II Raj Pal Dabas की निगरानी में हुई, जबकि DCP/Crime Branch Harsh Indora, IPS के निर्देशन में अभियान चलाया गया।
Constable Mukesh द्वारा आरोपी की technical surveillance की जा रही थी। तकनीकी जानकारी के आधार पर उसकी मौजूदगी राजस्थान के Bhiwadi स्थित RICCO Chowk के आसपास चिन्हित की गई।
पुलिस को देखते ही भागा, थोड़ी दूर पीछा कर दबोचा
पुलिस टीम ने RICCO Chowk के पास जाल बिछाया। इसी दौरान Zahid अपने एक साथी से मिलने के लिए वहां पहुंचा।
पुलिस के मुताबिक टीम ने उसे पहचान लिया। पुलिस की मौजूदगी का अंदाजा लगते ही उसने मौके से भागने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया और कुछ दूरी के बाद उसे पकड़ लिया।
इस तरह दिल्ली में लंबे समय से वांछित ATM मशीन काटने वाला बदमाश राजस्थान के भिवाड़ी में Crime Branch की गिरफ्त में आ गया।
2012 में पहली बार गिरफ्तार हुआ था Zahid
पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार Zahid ने बताया कि वह 12वीं कक्षा तक पढ़ा है और Nuh, Mewat का स्थायी निवासी है।
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2012 में वह मेवात के कुछ ऐसे अपराधियों के संपर्क में आया जो ATM Cutting की वारदातों में सक्रिय थे। इसके बाद उसने दिल्ली NCR में ATM काटकर चोरी करने की घटनाओं में शामिल होना शुरू किया।
उसी वर्ष Geeta Colony थाना पुलिस ने उसे पहली बार गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार उस समय उसने दिल्ली NCR में ATM Cutting से जुड़े कई मामलों के बारे में जानकारी दी थी और बाद में उसे जेल भेजा गया।
जेल से बाहर आने के बाद वर्ष 2020 में भी वह फिर इसी तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल हुआ। पुलिस के अनुसार बाद में Welcome थाना क्षेत्र के एक ATM Cutting मामले में उसे गिरफ्तार किया गया।
जेल से रिहा होने के बाद उसने अदालत में पेश होना बंद कर दिया। इसके बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी और वह कई मामलों में Proclaimed Offender घोषित हो गया।













