एक कविता कोरोना पर

corona
👁️ 497 Views
yashoyash
डाॅ.यशोयश

(1) सुनी धरती सूना अंबर सूना सब संसार
कॉरोना का असर बढ़े ना केवल यह उपचार
केवल सह उपचार घरों में कैद रहें
निभा सभी कर्तव्य अर्ज़ कुछ दर्द सहें
कहें ‘यशोयश’ लाॅकडाउन में आऐ पहला नंबर
रखें दूरिया कभी न हो सुनी धरती सूना अंबर

(2) सुख-दुःख सभी तटस्थ है, जीवन की रीति।
संस्कार सब ऐसे पाए गाए पावन गीत।
गाए पावन गीत मधुर, कुछ छंद सुनिए।
जीवन के अनुराग रागमन कुछ खोए कुछ पाए।
कहें ‘यशोयश’ घर में कैद, तभी रहोगे स्वस्थ।
जब तक साँसें तब तक,सुख-दुःख सभी तटस्थ।

डाॅ.यशोयश
कवि एवं साहित्यकार , आगरा

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | सरकारी योजना के लिए ऑनलाइन राजिस्ट्रेशन की गाइड | सरके चुनर विवादः रिलीज से लेकर बैन तक पूरी कहानी | साइबर फ्रॉड में बैंक खाता फ्रीज मामले में सुप्रीम कोर्ट का क्या है नया फैसला | 2026 विधानसभा चुनाव कहां कहां हैं, कितनी हैं सीटें, चुनाव आयोग ने कितने पर्यवेक्षक नियुक्त किए | क्या आपको बिना आवेदन किए लोन मंजूर होने का मैसेज मिला ? | मध्यमा परीक्षा 2026 आरंभ, बोर्ड अध्यक्ष का औचक दौरा | साइबर फ्रॉड रिपोर्ट करें: Suspect Repository और GAC गाइड | दर्शन के बाद ऑटो में छूटा बैग, CCTV से ट्रेस कर दतिया पुलिस ने लौटाया | भोजपुरी सिनेमा के ‘इनसाइक्लोपीडिया’ को मिला बेस्ट लिरिसिस्ट का सम्मान | नारी के रूपः मातृत्व, प्रेम और तपस्विनी शक्ति-डा. अरूण कुमार जायसवाल |
18-03-2026