Delhi Cyber Crime News: नौकरी का झांसा देकर खुलवाते थे बैंक खाते, देशभर के साइबर ठगों को बेचते थे ATM-चेकबुक; 10 गिरफ्तार

Delhi Cyber Crime News: पूर्वी जिला साइबर थाना पुलिस द्वारा साइबर ठगों को बैंक खाते सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 10 आरोपी गिरफ्तार और POS मशीन, ATM कार्ड व चेकबुक बरामद।

साइबर ठगी के मामलों में अक्सर रकम ठगने वाले अपराधी चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार दिल्ली पुलिस ने उस नेटवर्क पर चोट की है जो देशभर के साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध करा रहा था। पूर्वी जिला साइबर थाना पुलिस ने ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बेरोजगार लोगों को नौकरी का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और फिर उन खातों को साइबर ठगों के हवाले कर देते थे।

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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 POS मशीनें, 27 चेकबुक, 17 ATM कार्ड और 12 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी से आने वाली रकम को छिपाने, ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जाता था।

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केरल की महिला से 2 लाख की ठगी ने खोला पूरा खेल

मामले की शुरुआत केरल निवासी जिजी शाइन की शिकायत से हुई। साइबर ठगी में उनके खाते से 2 लाख रुपये की रकम निकल गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि यह रकम यस बैंक के एक खाते में ट्रांसफर की गई थी। जब साइबर थाना ईस्ट की टीम ने बैंकिंग ट्रेल को खंगालना शुरू किया तो पता चला कि संबंधित खाता कोई सामान्य बैंक खाता नहीं बल्कि साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए जाने वाले तथाकथित म्यूल अकाउंट नेटवर्क का हिस्सा था।

यहीं से पुलिस को एक बड़े रैकेट का सुराग मिला।

बैंक खाते नहीं, साइबर ठगी का पूरा पैकेज बेचता था गिरोह

जांच में सामने आया कि आरोपी केवल बैंक खाते नहीं जुटाते थे बल्कि ATM कार्ड, चेकबुक, मोबाइल नंबर और इंटरनेट बैंकिंग एक्सेस भी साइबर अपराधियों को सौंप देते थे। इसके बदले गिरोह मोटा कमीशन वसूलता था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक साइबर ठगी से आने वाली रकम पहले इन खातों में जमा होती थी। इसके बाद POS मशीनों, ATM कार्ड और डिजिटल बैंकिंग माध्यमों से रकम को कई हिस्सों में बांटकर आगे भेजा जाता था ताकि असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाए।

तकनीकी जांच और फाइनेंशियल ट्रेल से खुली परतें

पूर्वी जिला साइबर थाना की टीम ने बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा, डिजिटल फुटप्रिंट और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की। लगातार कई दिनों तक चली पड़ताल के बाद पूरे नेटवर्क की पहचान की गई।

पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार के मुताबिक एसीपी ऑपरेशन पवन कुमार की निगरानी और इंस्पेक्टर पवन यादव (SHO, Cyber East) के नेतृत्व में W/SI रिंकी, HC कुलदीप, HC पारस और WHC पूनम की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।

ये हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने जिन 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें:

  • विजय कुमार
  • प्रदीप कुमार
  • यतेंद्र कुमार
  • मुकेश
  • विनेश
  • गुरबाज सिंह
  • अमन
  • सूरज यादव
  • गौरव नाहर
  • लक्ष्मण

शामिल हैं।

आरोपियों के तार दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के कई इलाकों से जुड़े पाए गए हैं।

बरामदगी ने बढ़ाई जांच एजेंसियों की दिलचस्पी

पुलिस को आरोपियों से जो सामान मिला है, उससे संकेत मिलते हैं कि नेटवर्क काफी बड़े स्तर पर काम कर रहा था।

बरामद सामानसंख्या
POS मशीन11
चेकबुक27
ATM कार्ड17
मोबाइल फोन12

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन खातों के जरिए अब तक कितनी रकम ट्रांजैक्ट हुई और देशभर के किन-किन साइबर गिरोहों ने इनका इस्तेमाल किया।

DCP ने लोगों को दी चेतावनी

पूर्वी जिला के डीसीपी राजीव कुमार (IPS) ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी इस्तेमाल करने के लिए न दें। ऐसा करना स्वयं भी कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।

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Alok Verma
a senior journalist with a 30 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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28-09-2026