CNAP लॉन्च मार्च 2026: अब कॉल से पहले दिखेगा असली नाम, डिजिटल अरेस्ट और बैंक फ्रॉड पर लगेगी लगाम

DoT मार्च 2026 में CNAP लॉन्च कर रहा है, जिससे कॉल से पहले ही कॉलर का असली सत्यापित नाम दिखेगा। यह डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड और पहचान आधारित घोटालों के खिलाफ एक बड़ा सुरक्षा कवच बनेगा।
CNAP Calling Name Presentation India cyber fraud prevention

दूरसंचार विभाग (DoT) ने Calling Name Presentation (CNAP) योजना के राष्ट्रव्यापी लॉन्च की समयसीमा मार्च 2026 तय कर दी है। यह पहल भारत में साइबर अपराध की दिशा और दशा बदलने वाला एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

CNAP के लागू होने के बाद मोबाइल स्क्रीन पर केवल नंबर नहीं बल्कि कॉल करने वाले का सत्यापित वास्तविक नाम दिखाई देगा — वही नाम जो सिम कार्ड लेते समय KYC में दर्ज किया गया था।

CNAP Calling Name Presentation क्यों महत्वपूर्ण है?

  • डिजिटल अरेस्ट जैसे घोटाले कमज़ोर पड़ेंगे।
  • फर्जी “बैंक मैनेजर” या “पुलिस अधिकारी” पहचान तुरंत उजागर होगी।
  • यह Truecaller जैसे crowd-sourced ऐप्स पर आधारित नहीं होगा, जिससे गलत टैगिंग घटेगी।
  • नागरिक कॉल उठाने से पहले ही जोखिम पहचान सकेंगे।

CEIR की तरह सुरक्षा कवच

जिस तरह CEIR पोर्टल चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रेस करने में प्रभावी साबित हुआ है, उसी तरह CNAP पहचान आधारित साइबर धोखाधड़ी को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा।

  • CEIR लॉन्च: 17 मई 2023
  • हजारों चोरी मोबाइल ट्रेस होकर लौटाए जा चुके हैं
  • TRAI और DoT के प्रयासों से डिजिटल विश्वास मजबूत हुआ है

CNAP कैसे काम करेगा?

वर्तमानCNAP के बाद
केवल नंबर दिखता हैसत्यापित असली नाम दिखेगा
उपयोगकर्ता को खोज करनी पड़ती हैस्वतः पहचान मिलेगी
ठग फर्जी पहचान बना लेते हैंफर्जी नाम तुरंत पकड़े जाएंगे
  • डिफ़ॉल्ट रूप से सक्रिय रहेगा
  • उपयोगकर्ता चाहें तो बंद कर सकते हैं
  • 4G और नई नेटवर्क तकनीकों पर चरणबद्ध लागू होगा

नागरिकों और एजेंसियों को लाभ

  1. रियल-टाइम धोखाधड़ी पहचान
  2. वैध कॉल्स पर भरोसा बढ़ेगा
  3. बुजुर्ग और ग्रामीण नागरिक सुरक्षित होंगे
  4. पुलिस को ट्रेसिंग में मदद मिलेगी
  5. डिजिटल स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा

साइबर अपराध पर प्रभाव

साइबर अपराधCNAP का असर
फर्जी कॉल स्कैमतुरंत पहचान
डिजिटल अरेस्टडर फैलाने की क्षमता घटेगी
OTP फ्रॉडबैंक कॉल सत्यापित होंगे
SIM स्वैपमालिक की पहचान आसान
कॉल सेंटर स्कैमगुमनामी खत्म

निष्कर्ष

CNAP केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि डिजिटल सुरक्षा का नया आधार स्तंभ है। यह नागरिकों, बैंकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच भरोसे की एक नई परत जोड़ेगा।

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inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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01-10-2026