देहरादून में बड़ी बैठकःदेश के चिड़ियाघरो में होने जा रहा बड़ा बदलाव, “मेरा चिड़ियाघर” योजना पर बड़ा फैसला

देहरादून में हुई अहम बैठक में सरकार ने चिड़ियाघरों के सुधार के लिए कई बड़े फैसले लिए, जिनमें ‘मेरा चिड़ियाघर’ योजना सबसे खास रही।
देहरादून में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की 45वीं बैठक की अध्यक्षता के बाद एक प्रकाशन का विमोचन करते हुए भूपेंद्र यादव

देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में आयोजित केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की 45वीं बैठक में देशभर के चिड़ियाघरों के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें चिड़ियाघर प्रबंधन को आधुनिक और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में चिड़ियाघरों के प्रबंधन मूल्यांकन के दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा भी की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आने वाले समय में चिड़ियाघरों की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

‘मेरा चिड़ियाघर’ योजना: अब आम लोग भी जुड़ेंगे

इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण ‘मेरा चिड़ियाघर’ अवधारणा रही। इसके तहत एक विशेष समिति बनाई जाएगी, जो विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तियों और आम नागरिकों को चिड़ियाघरों से जोड़ने का काम करेगी।

इस पहल का उद्देश्य सिर्फ संरक्षण नहीं बल्कि जनभागीदारी को बढ़ाना भी है, जिससे Wildlife Awareness को नई दिशा मिल सके।

हर बैठक में प्रजातियों की प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य

अब हर आगामी बैठक में चिड़ियाघरों को 2 से 3 प्रजातियों के संरक्षण प्रजनन (Conservation Breeding) की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि संरक्षण कार्यों की निगरानी भी मजबूत होगी।

मानव-तेंदुआ संघर्ष पर सख्त फैसला

बैठक में मानव-तेंदुआ संघर्ष से जुड़े मामलों पर भी बड़ा निर्णय लिया गया। ऐसे तेंदुओं को उन चिड़ियाघरों में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां उनके दीर्घकालिक देखभाल के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।

यह कदम मानव सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों के संतुलन को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

दिल्ली Zoo का मॉडल पूरे देश में लागू करने की तैयारी

नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय चिड़ियाघर के आधुनिकीकरण मॉडल को अब अन्य चिड़ियाघरों के साथ साझा किया जाएगा। इससे देशभर के Zoo Infrastructure को अपग्रेड करने में मदद मिलेगी।

पशु चिकित्सकों के लिए विशेष ट्रेनिंग

बैठक में यह भी तय किया गया कि चिड़ियाघरों के पशु चिकित्सकों के लिए बंदी पशुओं के पोषण पर विशेष क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इससे जानवरों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा।

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नई किताब लॉन्च: कैद में देखभाल की सर्वोत्तम प्रथाएं

इस बैठक के दौरान ‘कैद में देखभाल: चिड़ियाघरों की सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रदर्शित करने वाला संकलन’ नामक एक महत्वपूर्ण प्रकाशन भी जारी किया गया।

यह पुस्तक पशु कल्याण, संरक्षण प्रजनन, अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में भारत के विकसित होते दृष्टिकोण को दर्शाती है।

आगे क्या होगा?

आगामी बैठकों में नीतिगत मामलों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और चिड़ियाघर निदेशकों की प्रस्तुतियां भी शामिल की जाएंगी। इससे नीति निर्माण और ग्राउंड लेवल इम्प्लीमेंटेशन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।

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05-09-2026