दिल्ली पुलिस की नई भर्ती खास क्यों, 4 हजार से ज्यादा कांस्टेबलों की खासियतें

दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस की नई भर्ती बड़ा खास है। 4 हजार से ज्यादा कांस्टेबलों की भर्ती मामूली बात तो वैसे भी नहीं है। मगर दिल्ली पुलिस की इस भर्ती को खास बनाने की वजह कोई और है। महिला और पुरूपष कांस्टेबलों के 4088 नए रंगरूटों का जत्था अब दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर ड्यूटी देता नजर आएगा। इनमे 1241 महिला कांस्टेबल हैं।

दिल्ली पुलिस की नई भर्ती की खासियतें

 इनमें से 1308 कांस्टेबलों के पासिंग आउट परेड स्पेशल पुलिस कमिश्नर रोबिन हिब्बू ने सलामी ली। इसके अलावा 2780 कांस्टेबलों के पासिंग आउट परेड की सलामी स्पेशल कमिश्नर नुजहत हसन ने ली। लेकिन यह भर्ती इसके लिए भी खास नहीं है।  

दिल्ली पुलिस अकादमी, वजीराबाद परिसर में आयोजित पासिंग आउट परेड में बैच संख्या 124 के 1308 रिक्रूट पुरूष कांस्टेबल थे। इनमें से 42 स्नातकोत्तर हैं। खास बात यह है कि इन्हें नए आपराधिक कानूनों और साइबर अपराध विरोधी उपायों में भी प्रशिक्षित किया गया है। यही नहीं निहत्थे युद्ध तकनीकों, कमांडो रणनीति में भी ये प्रशिक्षित हैं और एनडीआरएफ ने इन्हें आपदा प्रबंधन में भी कुशल बनाया है। इस बार की भर्ती में सॉफ्ट स्किल और सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर दिया गया है।

इसके अलावा, 738 के पास विभिन्न विषयों जैसे बी.टेक., एल.एल.बी. और बी.एड. में स्नातक की डिग्री है। नवनियुक्त पुलिस कर्मी बल में व्यापक शैक्षणिक विविधता लाते हैं। इनको संवैधानिक रूपरेखा, आपराधिक कानून, अपराध संबंधी सिद्धांत, साइबर अपराध जागरूकता और जवाबी उपाय, जांच तकनीक और फोरेंसिक विज्ञान का गहन अध्ययन करवाया गया है।  कमांडो पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में, उन्हें विस्फोटकों और आईईडी के बारे में मूलभूत ज्ञान से भी अवगत कराया गया। इसमें कमांडो रणनीति प्रशिक्षण, फील्ड क्राफ्ट, छापा और घात प्रशिक्षण और भवन/शहरी हस्तक्षेप प्रशिक्षण भी शामिल था।

साइबर अपराध पर कार्यशालाओं की एक व्यापक श्रृंखला में उन्हें ऑनलाइन खतरों, डिजिटल फोरेंसिक और साइबर सुरक्षा उपायों के ज्ञान से लैस किया गया है, जिससे वे साइबर अपराध के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए भी तैयार माने जा रहे हैं।

खास बात ये भी कि इस बार पासिंग आउट परेड से दो दिन पहले तनाव और क्रोध प्रबंधन पर मनोवैज्ञानिक शिक्षा पर एक विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई। आईटी और कंप्यूटर प्रशिक्षण पर जोर दिया गया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रशिक्षु दिल्ली पुलिस के सभी ऐप और वेबसाइट में कुशल हों।

इन्हें विशेष मॉड्यूल ने सीसीटीएनएस, आईसीजेएस और आईसीएमएस जैसी महत्वपूर्ण प्रणालियों का गहन ज्ञान प्रदान किया गया है।

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Alok Verma
a senior journalist with a 30 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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