दिल्ली-एनसीआर में कोकीन तस्करी का नेटवर्क बेनकाब, युवाओं तक कैसे पहुंच रहा था ड्रग्स का कारोबार?

दिल्ली-एनसीआर में कोकीन सप्लाई करने वाले कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क का क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है। चार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 136 ग्राम कोकीन, पांच मोबाइल फोन और ड्रग्स की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई है।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम के साथ कोकीन तस्करी मामले में गिरफ्तार आरोपी

दिल्ली और गुरुग्राम के पब और बार में कोकीन की तस्करी हो रही थी। इस तस्करी का नेटवर्क एक घाना नागरिका संचालित कर रहा था। उसके नेटवर्क में एक सुरक्षा गार्ड, आटो और टैक्सी चालक शामिल थे। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तस्करी के इस नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए घाना नागरिक सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे 136 ग्राम कोकीन भी बरामद की गई है।

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दिल्ली में कोकीन तस्करी का मामला कैसे सामने आया?

दिल्ली क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा के मुताबिक वेस्टर्न रेंज-II टीम को 26 मई 2026 को हेड कांस्टेबल संदीप कादियान से गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक, हुक्मुद्दीन नाम का व्यक्ति दिल्ली-एनसीआर में कोकीन की सप्लाई करता था और द्वारका इलाके में इसकी एक खेप पहुंचाने वाला था।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा, आईपीएस के निर्देश पर एसीपी राजपाल डबास की निगरानी और इंस्पेक्टर अक्षय गहलौत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एसआई राहुल, एसआई मनोज कुमार मीणा, एएसआई जितेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल दिनेश, हेड कांस्टेबल सुशील, हेड कांस्टेबल नवीन, हेड कांस्टेबल संदीप, हेड कांस्टेबल मयंक, हेड कांस्टेबल गौरव और कांस्टेबल संदीप कलकल शामिल थे।

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गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारका सेक्टर-9 पहुंची और वहां जाल बिछाया। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध को जब टीम की मौजूदगी का पता चला तो उसने पैदल भागने की कोशिश की और गिरफ्तारी का विरोध किया। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने कुछ देर की मशक्कत के बाद उसे काबू कर लिया।

तलाशी के दौरान उसके पास से एक प्लास्टिक की पुड़िया में रखी 106 ग्राम कोकीन बरामद हुई। बरामद पदार्थ की जांच के लिए मौके पर एफएसएल टीम को बुलाया गया, जिसने उसके कोकीन होने की पुष्टि की। गिरफ्तार शख्स की पहचान हुक्मुद्दीन के रुप में हुई।

पूछताछ में खुली कोकीन सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां

हुक्मुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, उसने बताया कि बरामद कोकीन उसे जाबिद हुसैन से मिली थी। जाबिद दिल्ली के छतरपुर स्थित खरक गांव का रहने वाला था। इसके बाद पुलिस ने 17 अगस्त 2026 को हरियाणा के नूंह-मेवात से जाबिद हुसैन को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में जाबिद से पता चला कि वह कोकीन मुश्ताक से खरीदता था और फिर हुक्मुद्दीन को सप्लाई करता था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को मुश्ताक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, मुश्ताक ने पूछताछ में बताया कि वह चार्ल्स ओवुसु उर्फ जॉनसन नाम के व्यक्ति से कोकीन हासिल करता था।

इस तरह जांच में सप्लाई नेटवर्क की अगली कड़ी का पता चला।

घाना के नागरिक के पास से 30 ग्राम कोकीन बरामद

जांच के दौरान पुलिस को चार्ल्स ओवुसु उर्फ जॉनसन के बारे में जानकारी मिली। वह दिल्ली के खानपुर स्थित देवली एक्सटेंशन में किराये के मकान में रह रहा था।

20 अक्टूबर 2026 को क्राइम ब्रांच की टीम ने उसके ठिकाने पर छापा मारा। पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान उसके पास से 30 ग्राम कोकीन बरामद हुई।

उसके किराये के मकान से मोबाइल फोन, एक डिजिटल वजन मशीन और छोटी प्लास्टिक की पुड़िया भी मिलीं। पुलिस के अनुसार, इनका इस्तेमाल कोकीन को तौलने और पैक करने में किया जाता था। चार्ल्स ओवुसु घाना का नागरिक है। पुलिस के मुताबिक, वह 2023 में पर्यटक वीजा पर भारत आया था और इसके बाद वापस नहीं लौटा।

पूछताछ में उसने कथित तौर पर डेविड नाम के एक अन्य नाइजीरियाई नागरिक से कोकीन खरीदने की बात बताई। पुलिस के अनुसार, डेविड दिल्ली के छतरपुर इलाके में कहीं रह रहा था। उसकी तलाश की जा रही है।

दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क कैसे काम कर रहा था?

पुलिस की जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस कथित नेटवर्क में अलग-अलग स्तर पर लोग काम कर रहे थे। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक कोकीन पहुंचाई जाती थी और फिर इसे आगे सप्लाई किया जाता था।

इस मामले में पुलिस की जांच से सामने आई सप्लाई की कड़ियों को इस तरह समझा जा सकता है:

  1. डेविड: पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर चार्ल्स ओवुसु को कोकीन सप्लाई करता था। उसकी गिरफ्तारी अभी बाकी है।
  2. चार्ल्स ओवुसु उर्फ जॉनसन: कथित तौर पर मुश्ताक को कोकीन देता था।
  3. मुश्ताक: पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, जाबिद को कोकीन सप्लाई करता था।
  4. जाबिद हुसैन: पुलिस के अनुसार, हुक्मुद्दीन को कोकीन देता था।
  5. हुक्मुद्दीन: दिल्ली-एनसीआर में आगे इसकी सप्लाई करता था।

पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क दक्षिण दिल्ली और गुरुग्राम के प्रमुख पब और बार में आने वाले युवाओं को निशाना बनाता था।

हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है। नेटवर्क के दूसरे सदस्यों, कोकीन के मूल स्रोत और इससे जुड़े आर्थिक लेनदेन का पता लगाया जाना बाकी है।

कौन हैं गिरफ्तार किए गए चार आरोपी?

इस मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान और उनके बारे में पुलिस की ओर से दी गई जानकारी इस प्रकार है:

  • हुक्मुद्दीन (45 वर्ष): दिल्ली के छतरपुर स्थित चंदनहोला का निवासी। सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की और सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था।
  • जाबिद हुसैन (41 वर्ष): दिल्ली के खरक गांव का निवासी। बारहवीं कक्षा तक पढ़ाई की और ऑटो रिक्शा चालक था।
  • मुश्ताक (40 वर्ष): दिल्ली के खरक गांव का निवासी। पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई की और टैक्सी चालक था।
  • चार्ल्स ओवुसु उर्फ जॉनसन (36 वर्ष): घाना का नागरिक। पुलिस के अनुसार, वह 2023 में पर्यटक वीजा पर भारत आया था।

पुलिस का कहना है कि चारों आरोपी कथित तौर पर जल्दी पैसा कमाने के लिए नशीले पदार्थों की सप्लाई में शामिल हुए थे।

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Alok Verma
a senior journalist with a 30 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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01-11-2026