दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री के भागने की कोशिश ने सीआईएसएफ जवान की सतर्कता की अहमियत सामने ला दी। यात्री के बैग में एक्स-रे जांच के दौरान संदिग्ध वस्तु दिखाई दी थी। बैग खोलने के लिए कहे जाने पर वह उसे लेकर भागने लगा, लेकिन प्रवेश द्वार पर तैनात सीआईएसएफ जवान अभिषेक वर्मा ने अपने साथियों के साथ पीछा कर उसे स्टेशन से बाहर निकलने से पहले ही रोक लिया। इस त्वरित कार्रवाई के लिए सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने अभिषेक वर्मा को ₹10,000 का नकद पुरस्कार और महानिदेशक प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।
सतर्कता का यह वीडियो हुआ था वायरलः
एक्स-रे जांच में दिखा संदिग्ध सामान, बैग लेकर भागा यात्री
सीआईएसएफ की ओर से 23 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के मुताबिक, घटना 17 अक्टूबर को जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर हुई थी। सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री का बैग एक्स-रे बैगेज स्कैनर से गुजारा गया। स्क्रीन पर बैग के अंदर रखा एक बेहद घना सामान काले रंग में दिखाई दिया। इसके बाद सीआईएसएफ कर्मियों ने यात्री से बैग खोलकर दिखाने को कहा।
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आरोप है कि बैग खोलने के बजाय यात्री उसे उठाकर फ्रिस्किंग बूथ से भाग निकला। वह एस्केलेटर से होते हुए निकास गेट की तरफ दौड़ने लगा। उस समय प्रवेश द्वार पर फ्रिस्किंग ड्यूटी संभाल रहे अभिषेक वर्मा ने अपने साथियों के साथ उसका पीछा किया और स्टेशन से बाहर निकलने से पहले ही उसे रोक लिया।
इसके बाद यात्री को स्टेशन के कंट्रोल रूम में ले जाया गया।
अंडरगारमेंट में सिलाई करके छिपाया गया था पदार्थ
सीआईएसएफ के अनुसार, यात्री ने खुद को कुआलालंपुर में रहने वाला अप्रवासी भारतीय बताया। उसने कहा कि वह एक दिन पहले ही भारत आया था।
उसके बैग की जांच के दौरान एक अंडरगारमेंट के अंदर सिलाई करके छिपाया गया अर्ध-ठोस पदार्थ मिला। मौके पर पदार्थ की पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद दिल्ली मेट्रो रेल पुलिस को बुलाया गया और यात्री को सामान सहित आगे की जांच के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में पदार्थ की प्रकृति, उसकी मात्रा या जांच के अंतिम नतीजे की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इसे किसी मादक पदार्थ या अन्य प्रतिबंधित सामग्री के रूप में पहचानना अभी उचित नहीं होगा।
2018 में सीआईएसएफ में शामिल हुए थे अभिषेक वर्मा
अभिषेक वर्मा असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के रहने वाले हैं। वह दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन इकाई में तैनात हैं। 29 मई 2018 को सीधी भर्ती के जरिए सीआईएसएफ में शामिल हुए अभिषेक बल में आठ वर्ष से अधिक समय से सेवा दे रहे हैं।
उनकी कार्रवाई की सराहना करते हुए सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन, आईपीएस ने कहा कि अभिषेक वर्मा ने संदिग्ध बैग लेकर भाग रहे व्यक्ति को रोकने में असाधारण सतर्कता, चौकसी और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई उच्च पेशेवर दक्षता और सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
महानिदेशक ने यह भी कहा कि ड्यूटी पर तैनात जवानों की ऐसी सूझबूझ दिल्ली मेट्रो से रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाती है।




