CISF जवान की मौत पर परिवार को कितना पैसा मिलता है? बीमा, पेंशन और सरकारी सहायता की पूरी जानकारी

CISF के चार दिवंगत जवानों के परिवारों के लिए करीब 1.60 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता घोषित की गई है। जानिए बीमा, रिस्क फंड, पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े प्रावधान।
CISF और SBI की ओर से दिवंगत जवानों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता

CISF जवान की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर उसके परिवार को कितना बीमा मिलता है? क्या सरकार की ओर से अलग आर्थिक सहायता भी दी जाती है? परिवार को पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति का लाभ कैसे मिल सकता है? ये ऐसे सवाल हैं जिनकी जानकारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में कार्यरत जवानों के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है।

हाल ही में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले चार जवानों के परिवारों को बीमा और अन्य कल्याणकारी लाभ दिलाने की प्रक्रिया में सहयोग किया। 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित CISF मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में इन परिवारों को वित्तीय सहायता से जुड़े लाभों की जानकारी दी गई।

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CISF की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चारों जवानों की मृत्यु 29 सितंबर 2026 को CISF यूनिट SHEP Sewa-II में तैनाती के दौरान हुई थी। प्रत्येक परिवार के लिए घोषित कुल वित्तीय सहायता लगभग 1.60 करोड़ रुपये है। इसमें बीमा, CISF रिस्क फंड और गृह मंत्रालय की अनुग्रह राशि शामिल है।

CISF जवान के परिवार को कितना बीमा मिलता है?

इस मामले में प्रत्येक परिवार के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (PAI) के तहत एक करोड़ रुपये और ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस (GTLI) के तहत 10 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है।

बीमा राशि के अलावा CISF रिस्क फंड से दिवंगत जवान के निकटतम परिजन को 20 लाख रुपये और माता-पिता को पांच लाख रुपये की सहायता निर्धारित है। अंतिम संस्कार के खर्च के लिए भी 35 हजार रुपये दिए जाने हैं। इसके अतिरिक्त, गृह मंत्रालय की ओर से प्रत्येक परिवार के लिए 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि शामिल है। सभी मदों को जोड़ने पर प्रति परिवार कुल राशि 1,60,35,000 रुपये होती है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस मामले में घोषित राशि को हर CISF जवान के परिवार के लिए स्वतः लागू होने वाला पैकेज नहीं माना जा सकता। दूसरे मामलों में मिलने वाले लाभ संबंधित बीमा योजना, पात्रता और लागू नियमों पर निर्भर करेंगे।

किन चार CISF जवानों के परिवारों को मिलेगी सहायता?

इस सहायता के लिए जिन चार जवानों के परिवारों का मामला सामने आया है, उनमें असिस्टेंट कमांडेंट/एग्जीक्यूटिव अंकित कुमार पांडेय, सब-इंस्पेक्टर/एग्जीक्यूटिव लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल/जीडी मोहम्मद रफीक और कांस्टेबल/जीडी संजीव कुमार शामिल हैं।

इन जवानों की मृत्यु के बाद उनके परिवारों को बीमा और अन्य स्वीकृत वित्तीय लाभ दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस दौरान CISF और SBI के अधिकारियों ने परिवारों से मुलाकात कर लंबित दावों और अन्य कल्याणकारी लाभों के निपटारे में सहयोग का भरोसा दिया।

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CISF जवान की मृत्यु के बाद परिवार को पेंशन कैसे मिलती है?

बीमा और एकमुश्त आर्थिक सहायता के अलावा पारिवारिक पेंशन भी पात्र परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होती है। इसके अतिरिक्त, लागू नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी, भविष्य निधि और अन्य सेवा संबंधी लाभ भी मिल सकते हैं।

हालांकि, पेंशन की पात्रता और राशि सेवा नियमों तथा संबंधित मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करती है। इसलिए प्रत्येक परिवार को अपने मामले में लागू नियमों के अनुसार जानकारी लेनी चाहिए।

CISF की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इन चारों जवानों के पेंशन संबंधी मामले नई दिल्ली स्थित पे एंड अकाउंट्स ऑफिस (PAO) को भेज दिए गए हैं। वहां आगे की प्रक्रिया की जानी है। CISF ने परिवारों को लंबित वित्तीय और पेंशन संबंधी मामलों में सहायता जारी रखने का भरोसा भी दिया है।

क्या CISF जवान के आश्रित को सरकारी नौकरी मिल सकती है?

ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले जवान के पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति के लिए विचार किया जा सकता है। इसका उद्देश्य कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार के सामने आने वाली आर्थिक कठिनाइयों को कम करने में मदद करना है।

हालांकि, अनुकंपा नियुक्ति अपने आप मिलने वाली नौकरी नहीं है। इसके लिए लागू सरकारी नियमों, पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होता है।

CISF ने इन चार जवानों के परिवारों के संदर्भ में भी स्पष्ट किया है कि पात्र आश्रितों को लागू नियमों के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति के लिए विचार किया जा सकता है।

CISF और SBI के अधिकारियों ने परिवारों को दिया भरोसा

26 अक्टूबर को CISF मुख्यालय में आयोजित समारोह में बल के महानिदेशक प्रवीर रंजन, एडीजी मुख्यालय विजय प्रकाश और एडीजी एयरपोर्ट सेक्टर बिनीता ठाकुर मौजूद रहीं।

भारतीय स्टेट बैंक की ओर से सलाहकार हरिनाथ मिश्रा, महाप्रबंधक अजीत पोद्दार और उप महाप्रबंधक सुचित्रा जैन ने समारोह में हिस्सा लिया।

इस दौरान अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवारों से बातचीत की और बीमा दावों सहित अन्य पात्र वित्तीय लाभों के निपटारे में सहयोग का आश्वासन दिया। CISF ने यह भी दोहराया कि परिवारों को लंबित भुगतान और पेंशन संबंधी मामलों में आवश्यक सहायता दी जाती रहेगी।

CISF जवान के परिवार को सहायता पाने के लिए क्या करना चाहिए?

जवान की मृत्यु के बाद परिवार को संबंधित CISF यूनिट या सक्षम विभागीय कार्यालय से संपर्क करके बीमा, पेंशन और अन्य सेवा लाभों की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। बीमा दावों और पेंशन की प्रक्रियाएं अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए संबंधित कार्यालय से आवश्यक दस्तावेजों और औपचारिकताओं की पुष्टि करना उपयोगी है।

परिवार को यह भी पता करना चाहिए कि पेंशन संबंधी मामला संबंधित कार्यालय को भेजा गया है या नहीं और किसी भुगतान के लिए कोई प्रक्रिया लंबित तो नहीं है। अनुकंपा नियुक्ति के संबंध में भी पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी संबंधित कार्यालय से लेनी चाहिए।

CISF और SBI की यह पहल दिखाती है कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले जवानों के परिवारों को आर्थिक लाभ दिलाने में बीमा, कल्याणकारी योजनाओं और विभागीय समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। परिवारों के लिए इन लाभों की जानकारी रखना इसलिए जरूरी है, ताकि वे अपने अधिकारों और पात्र सहायता के बारे में संबंधित अधिकारियों से समय पर संपर्क कर सकें।

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Alok Verma
a senior journalist with a 30 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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27-10-2026