कोविड-19 के दौरान पैरोल पर जेल से बाहर आए सजायाफ्ता गांजा तस्कर को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दबोच लिया है। वह 15 मई 2021 को पैरोल पर जेल से बाहर आया था। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार शख्स 161.2 किलोग्राम गांजा के साथ पकड़ा गया था। इस मामले में उसे सजा भी हुई थी।
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Delhi crime: दिल्ली में ही ठिकाने बदल-बदल कर रह रहा था सजायाऱ्ता गांजा तस्कर
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा के मुताबिक सजायाफ्ता गांजा तस्कर की पहचान अजय जरवाल टोरेला के रूप में हुई है। वह ऑटो चालक के तौर पर काम करता था। गांजा तस्करी मामले में पकड़े जाने के बाद उसे 2 साल 6 माह की सजा और काटनी थी।
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पुलिस ने उसे मालवीय नगर में 25 मई 2011 को उस समय गिरफ्तार किया था जब वह मारुति जेन कार से 8 बैग गांजा लेकर जा रहा था। बरामद गांजा का वजन 161.2 किलोग्राम था। इस मामले में सजा प्राप्त होने के बाद वह जेल में था।
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इस तरह पकड़ा गया सजायाफ्ता गांजा तस्कर
डीसीपी हर्ष इंदौरा के मुताबिक पैरोल जंपर्स और दूसरे फरार दोषियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए सीनियर अधिकारियों के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, एक खास टीम बनाई गई थी। एसीपी राजपाल डबास की निगरानी और इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में एसआई देवेंद्र कादयान और हेडकांस्टेबल अजय शामिल थे।
मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस टीम ने चंदर विहार इलाके में निगरानी शुरू की और दिल्ली के चंदर विहार में गली नंबर 7, हिमगिरी एन्क्लेव के पास एक जाल बिछाया। आरोपी को उस इलाके की ओर पैदल आते हुए देखा गया। पुलिस टीम की मौजूदगी का एहसास होते ही उसने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने तुरंत उसका पीछा किया और उसे दबोच लिया।
इसके बाद तिहाड़ जेल की जेल नंबर 2 से उसकी पहचान और पिछले रिकॉर्ड की पुष्टि की गई। उसकी मेडिकल जांच कराई गई और फिर कानून के मुताबिक उसे तिहाड़ जेल नंबर 2 में भेज दिया गया। उसके पकड़े जाने की जानकारी उसकी पत्नी को भी दी गई।
आरोपी अजय जरवाल टोरेला (पिता: जीत कुमार), जो सुल्तानपुरी, दिल्ली और सिकंदराबाद गांव, राजस्थान का रहने वाला है, का जन्म 1992 में हुआ था। उसने 5वीं कक्षा तक पढ़ाई की, लेकिन परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण पढ़ाई छोड़ दी और अपने पिता के साथ काम करने लगा।












