Northeast india update-आप इस स्कैम को पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा ऑटो फाइनेंस स्कैम मान सकते हैंं। मिजोरम के डीजीपी अनिल शुक्ला के निर्देश पर बनी मिजोरम क्राइम एसपी भीष्म सिंह की विशेष जांच दल ने इस घोटाले का खुलासा किया है। डीजीपी अनिल शुक्ला से आप पूरी बात जान सकते हैं लेख के बीच में दिए गए वीडियो को क्लिक कर।
Northeast india update-इस तरह हुआ ये घोटाला
एक फर्जी खाता, 2000 घोस्ट यानि भूतिया ग्राहक और 150 करोड़ का घोटाला ये वो एलीमेंट हैं जो इसे पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा ऑटो फाइनेंस घोटाला बनाते हैं। आइए जानते हैं कैसे ये घोटाला चल रहा था और कैसे इसका खुलासा हुआ। 20 मार्च को महिन्द्रा एंड महिन्द्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड ने अपने मिजोरम के बिजनेस मैनेजर जाकिर हुसैन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में कार लोन वितरण में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया था।
मिजोरम के डीजीपी अनिल शुक्ला के मुताबिक कंपनी की शिकायत के आधार पर अपराध और आर्थिक पुलिस थाने में एक और मामला दर्ज हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी अनिल शुक्ला ने डीआईजी सीआईडी लालहुलियाना फनाई और इंटेलीजेंस आईजी बीनू बंसल की देखरेख में क्राइम एसपी भीष्म सिंह, एडिशनल एसपी सीआईडी क्राइम पीयू लालठकीमा, साइबर क्राइम एडि. एसपी गौरव त्यागी, आईपीएस राम कृष्णा शरण सहित 11 सदस्यीय पुलिस विशेष जांच टीम बनाई।
ऐसे हुआ खुलासा
डीजीपी अनिल शुक्ला के मुताबिक जांच के दौरान ये पाया गया कि आरोपी हुसैन और उसके साथ मिले कुछ कर्मचारियों ने साल 2020 में मिजोरम ग्रामीण बैंक की खतला शाखा में महिन्द्रा फाइनेंस लिमिटेड के नाम से एक फर्जी बैंक खाता खुलवा लिया। यह खाता जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर खुलवाया गया था। मूल ब्रांड से मिलता जुलता ये खाता धोखाधड़ी के पैसे को तीन साल से अधिक समय तक रखने के लिए किया गया था।
हुसैन के दो साथियों एडेनथारा और लाल थैंकिमा ने जाली दस्तावेज जमा किए। हुसैन को पुलिस ने 29 मार्च को छापेमारी के बाद गिरफ्तार कर लिया। एडेनथारा और लाल थैंकिमा को 2 अप्रैल को गिरफ्तार किया। फर्जी खाता कार डीलरों से भुगतान प्राप्त करने के लिए खोला गया था। इसके लिए मुहरें आदि भी नकली बनवा लिए गए थे।
जाकिर हुसैन ने 2000 घोष्ट ग्राहकों की फाइलें तैयार की थीं। ये फर्जी फाइलें मनोज सुनार के घर पहुंचा दिया जाता था। जाकिर ने मनोज को 15 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर रखा था। सुनार के घर तलाशी के दौरान फाइलों से भरे बोरे और जाली टिकटें बरामद की गईं। शक से बचने और फर्जी खाते एनपीए में ना बदले इसके लिए वो नकली महिन्द्रा के खाते से पैसे निकालकर ईएमआई भी भरते थे।
पुलिस ने 26 भूतिया बैंक खातों में करीब ढाई करोड़ की रकम फ्रीज कर दी है। कार डीलरों के 1 करोड़ रु मूल्य के खाते भी फ्रीज किए गए हैं। 2 करोड़ रुपके कीमत की 15 कारें भी बरामद की गई हैं। इस पूरे फर्जीवाड़े में स्थानीय कार डीलरों और बैंकों के मिलीभगत की जांच भी की जा रही है। पुलिस को तीन लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, 549 भूत ग्राहकों की फाइलें, 25 जाली मुहरें, कई सिम कार्ड, दो व्यक्तिगत डायरी और कई अन्य पहचान दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
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