कोरोना से इस तरह जंग लड़ रहीं हैं हिंदुस्तान की ग्राम पंचायत

आलोक वर्मा

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में यूं तो सारा हिंदुस्तान साथ खड़ा है। लेकिन गांव-गांव पैर पसार रहे कोरोना के खिलाफ जिस तरीके से पंचायतें लड़ रही हैं उनकी चर्चा के बिना कोरोना वारियर्स की कहानी अधूरी रह जाएगी। देश भर में जिला प्रशासन और ग्राम पंचायतें ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड -19 महामारी के प्रसार की रोकथाम के लिए विभिन्न उपाय कर रही हैं। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार राज्य सरकारों, जिला अधिकारियों और ग्राम पंचायतों के साथ निरंतर संपर्क में है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लॉकडाउन की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है और सामाजिक दूरी बनाये रखने के नियमों का निष्ठापूर्वक पालन किया जा रहा है। पंचायत स्तर पर विभिन्न पहल की जा रही हैं, जिन्हें अन्य, सर्वोत्तम प्रथाओं के उदाहरण के रूप में अपना सकते हैं। इनमें से कुछ निम्न हैं –

उत्तर प्रदेश:

सिद्धार्थनगर जिले में एक डाककर्मी ग्रामीणों को माइक्रो एटीएम के माध्यम से नकदी प्रदान करने में मदद कर रहा है।

 मेरठ मंडल 

सभी 6 जिलों में लगभग 20,000 प्रवासियों की पहचान की गई है। कुल 600 प्रवासियों द्वारा विदेश यात्रा की जानकारी मिली है।  कुल 700 क्वारंटाइन केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है, जिनमे 6600 लोगों को रखा गया हैं। ग्राम प्रधान / सचिव द्वारा भोजन और रहने की उचित सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इस कठिन समय में सभी निराश्रित परिवारों को राहत के रूप में 1000 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। प्रवासियों और कमज़ोर/गरीबों को राशन / पका हुआ भोजन दैनिक आधार पर वितरित किया जा रहा है। सभी 2820 सफ़ाई कर्मचारिओं को मास्क, सैनिटाइज़र / साबुन, दस्ताने आदि प्रदान किए गए हैं और वे प्रतिदिन गाँवों की सफाई कर रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में सोडियम हाइपोक्लोराइड और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करके स्वच्छता का काम नियमित रूप से किया जा रहा है।

स्थानीय स्वशासन संस्थाओं की मदद से पंचायतों और नगरपालिकाओं में 1304 सामुदायिक रसोई शुरू की गई हैं। इनमें से, 1100 सामुदायिक रसोई का काम कुदुम्बश्री (राज्य महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम) के साथ मिलकर किया जा रहा है और बाकी एलएसजीआई द्वारा स्वयं चलाए जा रहे हैं।

·        कुदुम्बश्री ने लगभग 300 सिलाई इकाइयों के माध्यम से 18 लाख से अधिक सूती मास्क तैयार किए हैं और इनका वितरण किया है।

·        21 माइक्रो उद्यमों ने 2700 लीटर सैनिटाइज़र तैयार किया है।

·        कुदुम्बश्री के 360 सामुदायिक परामर्शदाताओं के माध्यम से, विभिन्न मानसिक मसलों का मुकाबला करने के लिए जरूरतमंद लोगों को परामर्श और समर्थन दिया जा रहा है। 15 मार्च से 5 अप्रैल तक 49,488 लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया है।

·        कुदुम्बश्री की मदद से एलएसजीआई ने लॉकडाउन के दौरान कोविड  -19 को लेकर सरकार के निर्देशों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए 22 लाख नेबरहुड ग्रुप (एनएचजी) के सदस्यों के साथ 1.9 लाख व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से एनएचजी समूहों को जानकारी दी जा रही है।

दादरा और नगर हवेली:

·        पंचायत क्षेत्रों में प्रतिदिन स्वच्छता के साथ-साथ क्या करें और क्या न करें के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है।

·        ग्रामीण क्षेत्रों में 1.32 लाख से अधिक सैनिटाइजर और 17,400 मास्क वितरित किए गए

·        निश्चित समय पर दुकानें खोली जाती हैं, सामाजिक दूरी आदि के पालन के लिए दुकानों के सामने फर्श पर सीमांकन।

·        अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से जरूरतमंदों को प्रतिदिन पका हुआ भोजन दिया जा रहा है। इसके अलावा पशुओं और जानवरों के भी चारा दिया जा रहा है।

·        तीन आईईसी वाहनों द्वारा 20 ग्राम पंचायतों के सभी गांवों में कोविड – 19 के बारे में आम लोगों को जागरूकता प्रदान की जा रही है।

·        सभी 20 ग्राम पंचायतों में 10000 हैंडबिल / पम्पलेट वितरित किए गए।

·        सभी बहुमंजिला भवनों के  लिफ्टों को कीटाणु-मुक्त कर दिया गया है और निवासियों को जागरूक किया गया है कि केवल वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और विकलांग व्यक्तियों के लिए लिफ्टों का उपयोग किया जाना चाहिए।

आंध्र प्रदेश:

घर-घर जाकर सर्वे करना और मास्क का वितरण करना : सरकार COVID-19 की रोकथाम के लिए लोगों में 16 करोड़ से अधिक मास्क वितरित करेगी और राज्य में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने का तीसरा दौर चल रहा है।

·        कोविड मामलों की पहचान करने के लिए कुल 1.47 करोड़ में से 1.43 करोड़ परिवारों को कवर किया गया है।

·        अब तक, 32,349 मामलों को चिकित्सा अधिकारियों के पास भेजा गया है, जिनमें से 9,107 को परीक्षण के लिए अनुशंसित किया गया है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर ) के सुझावों के अनुरूप  सर्वेक्षण किये जा रहे हैं।



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Alok Verma
a senior journalist with a 25 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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23-07-2026