आपदा प्रबंधन के लिए राज्यों से अधिक संसाधन आबंटित करने की अपील

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नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने  नई दिल्ली में ‘आपदा प्रबंधन में मीडिया की भूमिका’ विषय पर कार्यशाला का उद्घाटन किया। कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ओर से किया गया। यह कार्यशाला आपदा प्रबंधन के सभी चरणों विशेषकर तैयारी, आपदा समाप्ति, अनुक्रिया, राहत में मीडिया की भूमिका के महत्व को देखते हुए आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य आपदा की खबर देते समय और देश में आपदा व्यवस्था के बारे में अपनी भूमिका और उततरदायितव को लेकर मीडिया को संवेदी बनाना था।

अपने उद्घाटन भाषण में किरेन रिजिजू ने कहा कि किसी तरह की आपदा से निपटने के तीन पहलु हैं। यह पहलू हैं आपदा पर्वू , आपदा के दौरान और आपदा के बाद की स्थिति। मुख्य रूप से फोकस उस समय दिया जाता है जब आपदा आती है, जबकि आपदा के पहले के पहलू पर फोकस किया जाना चाहिए यानी आपदा की रोकथाम संबंधी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि आपदा के दुष्प्रभावों को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत प्राकृतिक आपदाओं वाला देश है और इसके लिए हम सभी को अधिक जिम्मेदारी और भूमिका निभानी होगी। उन्होंने बताया कि उन्हें आपदा जोखिम कटौती के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनआईएसडीआर) द्वारा आपदा जोखिम कटौती के लिए एशिया चैंपियन की उपाधि दी गई है और यह आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत के महत्व को दिखाता है। यह आपदा प्रबंधन में भारत के सक्रिय और नेतृत्व भूमिका का भी संदेश देता है।

गृह राज्यमंत्री ने कहा कि गृह मंत्रालय ने आपदा के समय हमेशा उचित कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) आपदा प्रबंधन के लिए सबसे बड़ा समर्पित बल है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की भूमिका के बारे में उन्होंने कहा कि यह पेशेवर रूप से शासित संगठन है और महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान तालमेल में कमी की समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए और राज्यों को प्राथमिकता देते हुए आपदा प्रबंधन के लिए पर्याप्त धन आवंटित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन को पेशेवर तरीके से देखने की आवश्यकता है।

उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया और एनआईडीएम के प्रो. संतोष कुमार ने ‘आपदा प्रबंधन-एक झलक’ विषय पर प्रेजेंटेशन दिया। इसके बाद ‘मीडिया और आपदा प्रबंधन-भूमिका और जिम्मेदारी’ विषय पर प्रेजेंटेशन दिया गया। इस सत्र की अध्यक्षता एनडीएमए के सदस्य कमल किशोर ने की। सत्र में आकाशवाणी के राजीव शुक्ल, एनडीएमए के संयुक्त सचिव डॉ. थिरूपुगाज तथा गृह मंत्रालय के एडीजी (मीडिया एवं संचार) ए भारत भूषण बाबू उपस्थित थे।

कार्यशाला में एनडीएमए के सदस्य आर.के जैन , गृह मंत्रालय की अपर सचिव  रजनी सेखरी सिब्बल, एनडीआरएफ के महानिदेशक  संजय कुमार, एनआईडीएम के कार्यकारी निदेशक  बी.एच. अनिल कुमार, गृह मंत्रालय के अधिकारी तथा मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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