सीसीटीवी कैमरा लगाने के नियम बदल गए! जानिए क्या है अपडेट

सीसीटीवी सिस्टम में अनधिकृत रिमोट एक्सेस से सुरक्षा और गोपनीयता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है, जिस पर भारत सरकार ने अब सख्त कदम उठाए हैं।
सीसीटीवी कैमरा हैकिंग, अनधिकृत रिमोट एक्सेस, साइबर सुरक्षा खतरा

कई जगह पर अभी भी पुराने सीसीटीवी का इस्तेमाल देखा जा रहा है। इसके साथ सबसे बड़ा खतरा रिमोट एक्सेस का है। इसमें कोई शक नहीं कि सीसीटीवी आज की सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन यही सिस्टम अब एक बड़े साइबर खतरे में बदलते जा रहे हैं।

अनधिकृत रिमोट एक्सेस के जरिए हैकर्स संवेदनशील निगरानी फीड्स तक पहुंच बना सकते हैं। इससे न सिर्फ व्यक्तिगत गोपनीयता प्रभावित होती है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा तक पर असर पड़ सकता है। इसीलिए सीसीटीवी कैमरा लगाने के नियम अब काफी अहम हो गए हैं।

सीसीटीवी कैमरा लगाने के नियम में क्या और क्यों बदलाव

सीीटीवी रिमोट एक्सेस में कमजोर प्रमाणीकरण, पुराने फर्मवेयर और विदेशी सर्वरों पर निर्भरता जैसी कमियां इसको असुरक्षित बना देती हैं।

इस बढ़ते खतरे का भांपते हुए ही भारत सरकार ने सीसीटीवी सुरक्षा मानकों को कड़ा कर दिया है। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के अनुसार अब 500 से अधिक सीसीटीवी मॉडल नए Essential Requirements के तहत प्रमाणित किए जा चुके हैं।

इन नए नियमों के तहत स्थानीय परीक्षण को अनिवार्य किया गया है और हार्डवेयर पारदर्शिता पर जोर दिया गया है। इससे न केवल सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि घरेलू निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा।

सीसीटीवी की वो कमजोरियां जो बनती हैं खतरे की वजह

सीसीटीवी सिस्टम की सुरक्षा में कई ऐसी खामियां होती हैं जो इन्हें हैकिंग के लिए आसान टारगेट बना देती हैं।सबसे बड़ी समस्या कमजोर या डिफ़ॉल्ट पासवर्ड की होती है। कई डिवाइस आज भी “admin/admin” जैसे साधारण क्रेडेंशियल्स के साथ चलते हैं, जिन्हें आसानी से तोड़ा जा सकता है।

इसके अलावा पुराने फर्मवेयर भी बड़ा जोखिम पैदा करते हैं। जब सिस्टम अपडेट नहीं होते तो उनमें मौजूद बग्स हैकर्स के लिए खुला रास्ता बन जाते हैं। विदेशी क्लाउड सर्वर पर डेटा ट्रांसफर भी चिंता का विषय है। इससे डेटा लीक और जासूसी का खतरा बढ़ जाता है।

यह भी पढ़ेंः एक कप चाय, एक सलाह और लाखों की सुरक्षा: संचार साथी की कहानी

ओपन पोर्ट्स और असुरक्षित प्रोटोकॉल जैसे Telnet और HTTP का इस्तेमाल भी सिस्टम को रिमोट टेकओवर के लिए कमजोर बना देता है। वहीं खराब यूज़र मैनेजमेंट के कारण बिना निगरानी के कई अकाउंट्स सक्रिय रहते हैं, जिससे अंदरूनी दुरुपयोग की संभावना बढ़ जाती है।

अगर अनदेखा किया तो हो सकते हैं गंभीर परिणाम

इस खतरे को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। नागरिक निगरानी डेटा लीक हो सकता है, जिससे गोपनीयता पर सीधा असर पड़ेगा। कानून प्रवर्तन एजेंसियों और ट्रांसपोर्ट सिस्टम में व्यवधान आ सकता है। इसके अलावा असुरक्षित सिस्टम के कारण कानूनी जिम्मेदारी भी तय हो सकती है।

यह भी पढ़ेंः तीन शब्द, एक रणनीति: दिल्ली पुलिस साइबर अपराध को कैसे ‘पहले ही तोड़’ रही है?

सबसे गंभीर पहलू यह है कि विदेशी सिस्टम के जरिए जासूसी की आशंका बढ़ जाती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है।

नए सीसीटीवी नियमः सुरक्षा मानकों में क्या बदला

सरकार द्वारा लागू किए गए Essential Requirements के तहत अब हर सीसीटीवी सिस्टम को अपने हार्डवेयर कंपोनेंट्स की जानकारी देनी होगी, जिसमें चिपसेट की उत्पत्ति भी शामिल है। साथ ही उपकरणों को भेद्यता परीक्षण से गुजरना होगा ताकि किसी भी तरह के अनधिकृत रिमोट एक्सेस को रोका जा सके। यह परीक्षण भारत की मान्यता प्राप्त लैब्स में ही किया जाएगा।

वर्तमान में 507 मॉडल इन मानकों को पूरा कर चुके हैं और जो उपकरण इन नियमों का पालन नहीं करते, उन्हें सरकारी खरीद से बाहर कर दिया गया है।

उद्योग और नीति पर इसका प्रभाव

सरकार के इस फैसले से स्थानीय निर्माताओं को बड़ा फायदा मिलने वाला है। 2017 के सार्वजनिक खरीद आदेश के तहत अब घरेलू रूप से बने सीसीटीवी सिस्टम को प्राथमिकता दी जा रही है।

इससे विदेशी कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम होगी और डेटा भारत में ही सुरक्षित रहेगा।

परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रिया में Ministry of Electronics and Information Technology https://meity.gov.in/के तहत STQC को लागू किया गया है। साथ ही निर्माताओं के लिए BIS पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।

Support India Vistar
Picture of inspector raman kumar
inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | एसबीआई के नाम पर फोन आए तो सावधान! डेटा लीक का यह दावा आपके लिए भी बन सकता है खतरा | सनी लियोनी और MTV Webbed: कैसे साइबर जागरूकता को युवाओं के लिए बनाया दिलचस्प? | वर्दी वालों को हनी ट्रैप में फंसाकर कैसे होती है जासूसी? SSB ने साइबर खतरों से किया सतर्क | यूपी में बीसी सखी योजना से घर बैठे हो सकती है आपकी कमाई, जानें कैसे | कॉकरोच जनता पार्टी के इन नेताओं पर पुलिस कार्रवाई, ये है पूरी डिटेल्स | ऐसे समझें किसान को कैसे मिलती है सोलर पंप सब्सिडी | ऑनलाइन रोमांस में सावधान ! सीमाहीन साइबर ठगों के जाल में ना फंस जाएं | Delhi crime: ऐसे पकड़ा गया कोविड पैरोल जंप कर फरार हुआ सजायाफ्ता गांजा तस्कर | साइबर ठगी से बचना है तो इन लालच से दूर रहें, जानिए कैसे बनते हैं शिकार | साइबर सुरक्षा प्रतियोगिता में CISF के अक्षय बडोला को दूसरा स्थान, c0c0n 2026 में मिली उपलब्धि |
21-10-2026