mobile tower apply करने से पहले जान लें नहीं तो लग सकता है आपको भी मोटी रकम का चूना

mobile tower apply

mobile tower apply करने की सोच रहे हैं। mobile tower apply करने पर मोटी कमाई का लालच दिया गया है, तो सावधान हो जाएं। क्योंकि mobile tower apply करवाने के नाम पर आपको मोटी रकम का चूना भी लगाया जा सकता है। दिल्ली पुलिस की आउटर नार्थ जिला पुलिस की साइबर थाने ने mobile tower scam का पर्दाफाश किया है।

mobile tower apply scam

आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी निधिन वाल्सन के मुताबिक साइबर क्राइम यूनिट ने mobile tower apply scam के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन्हें जिले की साइबर क्राइम यूनिट ने सरफराज और मुन्ना सिंह नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने लोगों को जाल में फांसने के लिए वेबसाइट विकसित किया था। इनके पास से 4 लैपटाप, मोबाइल फोन आदि बरामद किए गए हैं। इनके 49 वेबसाइट का पता चला है और अब तक आधा दर्जन जालसाजी के मामलो के बारे में पता लगा है।

आउटर नार्थ जिले के साइबर यूनिट में ऑनलाइन मोटी रकम हड़पने की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता को व्हाट्स एप्प औऱ दूसरे माध्यमों से संपर्क कर मोबाइल टावर लगाने का झांसा दिया गया था। इसके बदले उससे राजिस्ट्रेशन शुल्क अदा करने की बात कही गई। इस तरह उसे करीब 1 लाख 85 हजार से ज्यादा रकम की चपत लगा दी गई।

मामले को सुलझाने के लिए एसीपी दिनेश कुमार की निगरानी और साइबर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह के नेतृत्व में एसआई अमित, हेडकांस्टेबल रमण, पवन, मंदीप औऱ महिला हेडकांस्टेबल अंजू और सौभाग्यवती की टीम बनाई गई। यह टीम जिले के अतिरिक्त डीसीपी राजीव कुमार अम्बष्टा की देखरेख में काम कर रही थी। पुलिस ने गहन जांच के बाद सरफराज को समालखा और मुन्ना सिंह को महावीर एंकलेव से गिरफ्तार किया।

ऐसे करते थे ठगी

पुलिस के मुताबिक ठगों की इस जोड़ी ने http://www.towervision.in नाम की वेबसाइट बनाई थी। इसी वेबसाइट के माध्यम से लोगों को जाल में फांसा जाता था। सरफराज ने बिहार के एक नामी कालेज से ग्रेजुएशन कर रखी है और उसे वेबसाइट डेवलप करना आता है। उसका साथी मुन्ना सिंह ने भी बीसीए तक की शिक्षा प्राप्त कर रखी है। उसने विभिन्न जगहों पर आईटी सेक्टर में काम भी किया है।

पुलिस ने लोगों से किसी तरह की लालच में पड़ने से पहले अच्छी तरह जांच कर लेने की अपील की है।

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