hsrp number plate का खेल समझिए और रहिए सावधान

hsrp number plate

अपने वाहन पर hsrp number plate लगवाना जरुरी तो है। मगर hsrp number plate लगवाने में जल्दबाजी करने से पहले जान लें कि इसके नाम पर बहुत बड़ा स्कैम भी चल रहा है। पिछले सप्ताह, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जाने वाले घोटालों में से एक था फर्जी HSRP (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) वेबसाइट स्कैम।

hsrp number plate की इतनी शिकायतें

नंबर प्लेट को लेकर 1,000 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जहां धोखेबाजों ने विश्वसनीय दिखने वाले नकली पोर्टल बनाए और वाहन मालिकों को HSRP बुकिंग सेवाएं देने का झांसा देकर ठगा। अगर आपके पास भी कोई वाहन है और hsrp number plate लगवाना चाह रहे हैं तो नीचे लिखी बातें ध्यान में रखिएः

अहम बातें

  • हमेशा सरकार के आधिकारिक पोर्टल (जैसे http://Parivahan.gov.in) या राज्य द्वारा अधिकृत ठेकेदारों (Rosmerta Safety Systems, Real Mazon India, FTA HSRP Solutions) का ही उपयोग करें। धोखेबाजों ने इन विक्रेताओं के नाम पर कम से कम छह मिलते-जुलते साइट्स बना रखे हैं।
  • URL और सुरक्षा प्रमाणपत्र (SSL) की जांच करें: असली साइट पर ट्रांसपोर्ट विभाग से मेल खाता डोमेन नाम और HTTPS लॉक आइकन होगा। स्कैमर्स अक्सर लगभग एक जैसे URLs इस्तेमाल करते हैं और SSL प्रमाणपत्र नहीं रखते, इसलिए किसी भी जानकारी को दर्ज करने से पहले दोबारा चेक करें।
  • SMS/WhatsApp/सोशल-मीडिया मैसेज में आने वाले “तुरंत HSRP बुक करें” वाले अनचाहे विज्ञापनों या लिंक्स पर कभी क्लिक न करें। ये फर्जी पोर्टल्स के प्रमुख वितरण चैनल हैं।
  • ऑनलाइन भुगतान करते समय आधिकारिक साइट पर दी गई UPI आईडी या बैंक विवरण से मेल बैठाएं। हाल के मामलों में, फर्जी IDs वाले यादृच्छिक QR कोड्स के जरिए किए गए पेमेंट स्कैम का हिस्सा थे।
  • संदेह होने पर स्थानीय RTO में व्यक्तिगत रूप से बुकिंग या भुगतान करें, या ट्रांसपोर्ट विभाग की वेबसाइट पर सूचीबद्ध अधिकृत एजेंट से संपर्क करें।
  • कोई संदिग्ध साइट दिखे? तुरंत NCRP पर शिकायत दर्ज करें या अपने नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन को सूचित करें—जल्दी की गई शिकायतें अधिकारियों को स्कैम्स बंद करने में मदद देती हैं।
  • यह जानकारी परिवार, मित्रों और सहयोगियों के साथ साझा करें—URL चेक करने और केवल आधिकारिक चैनलों का उपयोग करने की चेतावनी दें। सभी की थोड़ी सतर्कता ठगों के पनपने की संभावना कम कर देती है।

यह भी पढ़ेंः

Picture of inspector raman kumar
inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | International Tiger Day 2026: भोपाल की ‘Run for Tiger’ ने दिया बड़ा संदेश, 600 से अधिक लोगों ने बाघ संरक्षण के लिए लगाई दौड़ | फेक न्यूज़ और सोशल मीडिया नैरेटिव: डिजिटल युग में सक्रिय सूचना प्रबंधन क्यों बन गया है सबसे बड़ी जरूरत | ऑल इंडिया पुलिस जूडो चैंपियनशिप 2026: SSB ने जीती चैंपियन ट्रॉफी, जानिए मेडल टैली और सभी विजेताओं की पूरी जानकारी | CISF ने महिला जूडो में जीती रनर्स-अप ट्रॉफी, ऑल इंडिया पुलिस जूडो क्लस्टर चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन | वाइब हैकिंग क्या है? सोशल मीडिया पर आपकी सोच को प्रभावित करने वाला नया डिजिटल खतरा, जानिए भारत के कानून क्या कहते हैं | डायबिटीज में कौन सी दाल खानी चाहिए? क्या दाल खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है, जानिए विशेषज्ञ क्या कहते हैं | साइबर अपराध में जमानत मिलती है या नहीं? जानिए आईटी एक्ट क्या कहता है और सुप्रीम कोर्ट ने क्या स्पष्ट किया | क्या बच्चों के लिए सोशल मीडिया सुरक्षित है? फ्रांस के नए कानून से समझिए क्यों बढ़ रही है डिजिटल सुरक्षा की चिंता | CISF की खिलाड़ी निधि ने 10वीं एशियाई पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में जीता रजत पदक, भारत का बढ़ाया गौरव | आपकी कार का डेटा चोरी हो रहा है? स्मार्ट इलेक्ट्रिक वाहन का सच जानिए |
27-07-2026