दिल्ली में रहते हैं, या दिल्ली आते जाते हैं, तो आपके दिमाग में भी यह सवाल जरूर आता होगा कि दिल्ली में खोया मोबाइल वापस कैसे मिले ? इसका जवाब है दिल्ली पुलिस का “ऑपरेशन विश्वास”। इसी के तहत दिल्ली में 12600 लोगों को उनके गुम हुए फोन वापस किए।
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दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस में आयोजित एक समारोह में गुम मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को वापस सौंपे गए। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस के इस पहल की सराहना की।
दिल्ली में खोया मोबाइल वापस कैसे मिले का जवाब क्या है Operation Vishwas?
Operation Vishwas एक विशेष रिकवरी अभियान है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने CEIR Portal की मदद से चोरी और गुम मोबाइल फोन ट्रैक किए। इस अभियान के दौरान दिल्ली पुलिस की कई टीमों ने अलग-अलग राज्यों में जाकर मोबाइल फोन बरामद किए।
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इस पहल का मकसद केवल एफआईआर दर्ज करना नहीं था, बल्कि शिकायतकर्ता को उसका मोबाइल वापस दिलाना भी था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तकनीक आधारित निगरानी और तेज समन्वय की वजह से रिकवरी रेट में बड़ा सुधार देखने को मिला।
CEIR Portal क्या है और कैसे काम करता है?
भारत सरकार का CEIR यानी Central Equipment Identity Register Portal मोबाइल फोन ट्रैकिंग के लिए तैयार किया गया एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म है।
इस पोर्टल की मदद से:
- चोरी या गुम मोबाइल ब्लॉक किया जा सकता है
- IMEI नंबर के जरिए फोन ट्रैक किया जा सकता है
- सिम बदलने के बाद भी डिवाइस की पहचान संभव होती है
- बरामद मोबाइल को असली मालिक तक पहुंचाने में मदद मिलती है
यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल चोरी हो जाए, तो सबसे पहले CEIR Portal पर शिकायत दर्ज करना काफी उपयोगी माना जाता है।
2024 से 2026 तक रिकवरी रेट में बड़ा बदलाव
दिल्ली पुलिस के अनुसार:
- वर्ष 2024 में मोबाइल रिकवरी रेट लगभग 5% था
- वर्ष 2025 में यह बढ़कर 12% पहुंचा
- वर्ष 2026 में रिकवरी रेट 74% तक पहुंच गया
सिर्फ 45 दिनों में 19,000 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए गए। यह आंकड़ा बताता है कि तकनीक आधारित पुलिसिंग अब तेज और अधिक प्रभावी होती जा रही है।
मोबाइल चोरी होने पर तुरंत क्या करें?
यदि आपका मोबाइल खो जाए या चोरी हो जाए, तो ये कदम तुरंत उठाने चाहिए:
1. CEIR Portal पर शिकायत करें
फोन का IMEI नंबर दर्ज करके डिवाइस ब्लॉक करें।
2. नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं
ई-एफआईआर या लिखित शिकायत दोनों विकल्प उपयोगी हैं।
3. बैंक और UPI ऐप सुरक्षित करें
फोन में मौजूद बैंकिंग ऐप्स और वॉलेट तुरंत ब्लॉक करें।
4. Google या Apple अकाउंट से फोन लॉक करें
Find My Device या Find My iPhone जैसी सेवाओं का उपयोग करें।
5. IMEI नंबर सुरक्षित रखें
मोबाइल बॉक्स या बिल पर लिखा IMEI भविष्य में रिकवरी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
नागरिकों के भरोसे को मजबूत करने की कोशिश
कार्यक्रम के दौरान कई लोगों ने अपने मोबाइल वापस मिलने के अनुभव साझा किए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन दोबारा मिल पाएगा।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग, जन-सुनवाई और तकनीकी मॉनिटरिंग के जरिए पुलिस-पब्लिक संबंध मजबूत करने पर काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम में ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष ट्रैफिक एग्जीबिशन वैन और रोड सेफ्टी गाइड बुकलेट भी लॉन्च की गई।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
भारत में हर साल लाखों मोबाइल फोन चोरी या गुम होने की शिकायतें दर्ज होती हैं। ऐसे में यदि पुलिस केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित न रहकर रिकवरी पर भी काम करे, तो लोगों का भरोसा बढ़ता है।
Operation Vishwas यह संकेत देता है कि आधुनिक पुलिसिंग अब तकनीक, डेटा ट्रैकिंग और तेज समन्वय पर अधिक निर्भर हो रही है। इससे अपराधियों को भी स्पष्ट संदेश मिलता है कि चोरी किए गए मोबाइल को ट्रैक करना पहले की तुलना में काफी आसान हो चुका है।