loan apps से ब्लैकमेलिंग के फिर शुरू हुए खेल को समझिए और रहिए सावधान

loan apps

loan apps के जरिए ब्लैकमेल का नया तरीका शुरू हो चुका है। loan apps से ब्लैकमेल करने के इस नए तरीके को समझिए और आप भी सावधान रहिए। जब दिल्ली पुलिस ने डिंगटॉक ऐप के ज़रिए भारतीय माध्यमों का उपयोग करने वाले चीनी ऑपरेटरों के गिरोह का भंडाफोड़ किया, तब यह उम्मीद जगी थी कि फर्जी loan apps का खतरा खत्म हो जाएगा।

loan apps से ऐसे हो रही ब्लैकमेलिंग

अब साइबर अपराध का एक और भयावह रूप सामने आया है। मॉर्फ की गई अश्लील तस्वीरों के ज़रिए ब्लैकमेल और धमकी, खासकर पाकिस्तान (+92) के अंतरराष्ट्रीय नंबरों से।
धोखाधड़ी का तरीका
• पीड़ित झूठे लोन ऐप्स डाउनलोड करते हैं जो तुरन्त पैसे देने का वादा करते हैं।
• इंस्टॉल करते समय ये ऐप्स संपर्क, गैलरी, कैमरा और लोकेशन की अनुमति मांगते हैं।
• ₹5,000–₹20,000 के छोटे लोन देने के बाद, स्कैमर्स +92 नंबरों से कॉल व व्हाट्सऐप द्वारा परेशान करना शुरू कर देते हैं।
• यदि पीड़ित भुगतान में देरी करता है, तो उनकी तस्वीरों को मॉर्फ करके अश्लील रूप में बदल दिया जाता है और वायरल करने की धमकी दी जाती है।
• कई बार ये मॉर्फ की गई तस्वीरें वास्तव में संपर्कों को भेज दी जाती हैं ताकि शर्मिंदा करके पैसा वसूला जा सके।
अगर आप इस जाल में फंस जाएं तो क्या करें

आगे भुगतान न करें — इससे धमकी बंद नहीं होती।

तुरंत शिकायत दर्ज करें http://cybercrime.gov.in पर या नजदीकी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन जाएं।

सबूत सुरक्षित रखें:
o मैसेज, कॉल्स, ऐप परमिशन के स्क्रीनशॉट।
o ऐप का नाम, डेवलपर, डाउनलोड का स्रोत।

  1. संदिग्ध नंबरों को ब्लॉक करें (विशेष रूप से +92 और अज्ञात व्हाट्सऐप अकाउंट)।
  2. अपने संपर्कों को सूचित करें कि कोई भी अश्लील सामग्री फर्जी है और यह ठगी का हिस्सा है।
  3. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से मॉर्फ की गई तस्वीरों को हटाने का अनुरोध करें।
  4. कानूनी मदद लें — IPC की धारा 354D, 509 और IT Act की धारा 66E, 67A के तहत।
    रोकथाम के उपाय
    • अनजान स्रोतों या फॉरवर्डेड लिंक से लोन ऐप्स इंस्टॉल न करें।
    • ऐप्स को संपर्क, गैलरी और कैमरा की अनुमति देने से पहले सोचें।
    • केवल भरोसेमंद ऐप्स का उपयोग करें — डेवलपर और रिव्यू की जांच करें।
    • ऐप परमिशन अलर्ट ऑन रखें और समय-समय पर ऐप्स की समीक्षा करें।
    • कमजोर वर्गों को (विशेषकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को) ऐसे स्कैम्स के प्रति जागरूक करें।
    • एंटीवायरस और एंटी-मैलवेयर टूल्स इंस्टॉल करें।
    • ग़लत ऐप्स को Google Play या Apple App Store पर रिपोर्ट करें।
    चेतावनी संदेश:
    “तुरन्त पैसे देने वाले लोन ऐप्स धोखा हो सकते हैं। अगर कोई ऐप आपकी फोटो या कॉन्टैक्ट्स तक पहुंच मांगता है, दो बार सोचें। स्कैमर्स मॉर्फ की गई तस्वीरों और धमकियों से ब्लैकमेल करते हैं। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”

यह भी पढ़ेंः

Picture of inspector raman kumar
inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | आपकी कार का डेटा चोरी हो रहा है? स्मार्ट इलेक्ट्रिक वाहन का सच जानिए | Dhanushkodi Ghost Village: भारत की आखिरी सड़क पर बसा ‘भूतिया गांव’, शाम ढलते ही क्यों लग जाता है कर्फ्यू? | क्रिप्टो Conduits और USDT मनी लॉन्ड्रिंग: साइबर ठग कैसे छिपाते हैं धोखाधड़ी की रकम, जानिए बचाव और कार्रवाई का पूरा मॉडल | पेंशन अदालत क्या है? पेंशनभोगियों की शिकायतों के समाधान की पूरी जानकारी | अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस: क्यों मनाया जाता है और हर नागरिक के लिए इसका क्या महत्व है? | CKYC नंबर है या नहीं? अभी जानें, एक नंबर से आसान होगी बैंकिंग और बढ़ेगी साइबर सुरक्षा | श्राद्ध में कौवे को पहला ग्रास क्यों दिया जाता है? जानिए काक बलि का रहस्य | ऑपरेशन Cy-Vajra में बड़ा खुलासा, 8 फर्जी कॉल सेंटर सील, 49 गिरफ्तार, ऐसे काम करता है साइबर ठगी का नेटवर्क | RBI आंतरिक लोकपाल (Internal Ombudsman) क्या है? साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए शिकायत निवारण का मजबूत सुरक्षा तंत्र | दिल्ली ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, जानिए कैसे मिलकर काम करती हैं Delhi Traffic Police और दूसरी एजेंसियां |
23-07-2026