सस्ते air ticket चाहते हैं आप तो पढ़ लीजिए Delhi police का यह खुलासा, नहीं तो हो सकते हैं cyber crime के शिकार

air ticket

सस्ते Air ticket हर कोई खरीदना चाहता है। मगर सस्ते Air ticket के चक्कर में आप लाखों रुपये गंवा भी सकते हैं। Delhi Police ने एक ऐसे cyber crime का खुलासा किया है जिसमें सस्ते air ticket के नाम पर लोगों से मोटी रकम ठगी जा रही थी। पुलिस ने इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक पहले मुंबई में भी गिरफ्तार हो चुका है।

facebook पर सस्ते air ticket का विज्ञापन whatsapp पर चैट और फिर रकम साफ

आउटर नार्थ दिल्ली पुलिस डीसीपी निधि वाल्सन के मुताबिक cyber criminals का यह गैंग facebook, whatsapp और voip कॉल के जरिए शिकार को जाल में फांसता था। डीसीपी निधि वाल्सन ने बताया कि आउटर नार्थ दिल्ली पुलिस के साइबर सेल को पोर्टल के माध्यम से शिकायत मिली थी कि सस्ते टिकट के विज्ञापन का झांसा देकर करीब 47,681 रुपये ठग लिए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी निधि वाल्सन के निर्देश पर एडिशनल डीसीपी नीरव पटेल की निगरानी और एसीपी दिनेश कुमार की देखरेख में साइबर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह के नेतृत्व में एसआई अमित अहलावत, हेडकांस्टेबल जांच अधिकारी राहुल निगम, हेडकांस्टेबल अनिल, फ्तेह सिंह और महिला हेडकांस्टेबल सौभाग्यवती और सीमा की टीम बनाई गई।

पुलिस टीम ने गहन जांच के बाद पुलिस टीम ने मुंबई से लेकर दिल्ली तक में कई स्थानों पर छापेमारी कर रोहित राजाराम घनेकर और सलमान सिद्दीकी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता लगा कि ये लोग पीड़ितों को ठगने और पैसे निकालने के लिए वर्चुअल नंबर और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं।

ग्रेटर मुंबई में भी की थी ठगी

मास्टरमाइंड सलमान सईद सिद्दीकी को पहले ग्रेटर मुंबई के सहार पुलिस स्टेशन में इसी तरह के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें 2023 में सस्ती अंतरराष्ट्रीय टिकटें देने का लालच देकर लोगों को ठगा गया था। आरोपी ने एक वैध ट्रैवल एजेंट के रूप में खुद को पेश करते हुए अनजान ग्राहकों को कॉल करने के लिए वर्चुअल नंबर (VOIP) का इस्तेमाल किया।

इन कॉल का उद्देश्य पीड़ितों को फर्जी खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए लुभाना था। रोहित ने अपराध के अगले चरणों को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने खच्चर बैंक खाते बनाने और फर्जी सिम कार्ड हासिल करने की व्यवस्था की। इन धोखाधड़ी के तरीकों के माध्यम से, रोहित और उसके सहयोगियों ने बड़ी रकम निकाली और चुराए गए धन को अपने नियंत्रण में विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दिया। VOIP कॉल, फर्जी खातों और सिम कार्ड के उनके उपयोग ने उन्हें गुमनामी के साथ धोखाधड़ी करने में मदद की।

लोगों को फांसने के लिए यह लोग पहले Facebook पर सस्ते air ticket का विज्ञापन देते थे। उसपर दिए गए वर्चुअल नंबर यानि voip नंबर पर जैसे ही कोई फोन करता था उसे यह जाल में फांस लेते थे। पुलिस जांच कर रही है कि कितने लोग इनके शिकार हो चुके हैं।

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