CBI News-पीएनबी के वरिष्ठ प्रबंधक और रेलवे के इस अफसर के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज किया मामला, रिश्वत लेने का आरोप

CBI News

CBI News-सीबीआई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ देश भर में ताबतोड़ कार्रवाई की। इस सिलिसले में कई जगह छापेमारी और तलाशी अभियान भी चलाया गया। सीबीआई के इन कार्रवाईयों में पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक औऱ रेलवे के एक अधिकारी शामिल हैं। पहली कार्रवाई किसान क्रेडिट कार्ड लोन खाते के लिए नोडयूज सर्टिफिकेट जारी करने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में पीएनबी अलवर में कार्यरत वरिष्ठ प्रबंधक ओमप्रकाश मीणा के खिलाफ की गई।

CBI News-यह है मामला

आरोप है कि शिकायतकर्ता ने अनिच्छा व दबाव में उक्त रिश्वत राशि का भुगतान किया। इसके बाद, उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत स्वीकार्य(Admissible), रिश्वत के लेन-देन के 7 दिनों के भीतर इसकी शिकायत सीबीआई से की। यह पाया गया कि आरोपी वरिष्ठ प्रबंधक ने अपने कर्तव्यों के पालन हेतु 10,000/- रु. के कथित अनुचित लाभ की मांग की एवं इसे स्वीकार भी किया।

आरोपी के आधिकारिक एवं आवासीय परिसरों सहित 3 स्थलों पर तलाशी ली गई, जिससे आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।

रेलवे के इस अफसर के खिलाफ भी कार्रवाई

सीबीआई ने एक शिकायत के आधार पर प्रिंसिपल, (आईआरटीएस), जोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (जेडआरटीआई), सेंट्रल रेलवे, भुसावल के विरुद्ध मामला दर्ज किया, जिसमे आरोपी द्वारा अनुचित लाभ की मांग का आरोप है। आरोपी प्रिंसिपल का नाम सुरेश चंद्र जैन है उसके साथ ऑफिस सुपरिडेंटेड योगेश ए देशमुख को भी आरोपी बनाया गया है।

आरोप है कि शिकायतकर्ता को दिनाँक 18.05.2023 से 17.05.2025 की अवधि हेतु रेलवे को वाहन उपलब्ध कराने के लिए जेम (GeM) के माध्यम से एक अनुबंध मिला। अनुबंध के तहत वाहनों में से एक को कथित तौर पर प्रिंसिपल, जेडआरटीआई, भुसावल के लिए लगाया गया था। प्रिंसिपल, जेडआरटीआई, भुसावल वाहन के मासिक बिलों को पास करने के लिए अनुचित लाभ की मांग करते थे, लेकिन शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर भुगतान नहीं किया।

ऐसे में आरोपी ने समय पर लॉग बुक पर हस्ताक्षर नहीं किए। यह भी आरोप है कि उक्त अनुबंध दिनाँक 25.02.2024 को समाप्त कर दिया गया, लेकिन दिनाँक 18.01.2024 से 25.02.2024 तक की अवधि का फर्म का बिल लंबित रहा, क्योंकि आरोपी ने उक्त लॉग बुक पर हस्ताक्षर नहीं किए थे एवं लॉग बुक पर हस्ताक्षर करने के लिए 5000/- रु. की मांग की। इस क्रम में, आरोपी ने कथित अनुचित लाभ की माँग की धनराशि बढ़ाकर 10,000/- रु. कर दी एवं अंत में 9000/- रु. पर सहमति बनी।
सीबीआई ने जाल बिछाया एवं ट्रैप की कार्यवाही के दौरान आरोपी ने शिकायतकर्ता को कार्यालय अधीक्षक, जेडटीआरआई, भुसावल के रूप में कार्यरत अपने कर्मचारी को 9000/- रु. की रिश्वत राशि सौंपने का निर्देश दिया। उक्त कार्यालय अधीक्षक ने रिश्वत स्वीकार कर आरोपी प्रिंसिपल, जेडटीआरआई को सौंप दी। दोनों को पकड़ लिया गया एवं बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

Support India Vistar

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | Cyber Security पर BRICS में बड़ी चिंता, PM Modi ने बताया Technology के गलत इस्तेमाल का खतरा | Vetiver Grass क्या है? जम्मू में 2 लाख पौधों से मिट्टी का कटाव रोकने की CISF की मुहिम | आपके नाम पर फर्जी SIM तो नहीं? बायोमेट्रिक और e-KYC से ऐसे हो सकता है SIM Card Fraud | सपने में मृत व्यक्ति को देखना क्या संकेत देता है? बात करे, मुस्कुराए या कुछ दे तो जानें सपना फल | साइबर फ्रॉड कैसे रोकें: बैंक, पुलिस और DoT मिलकर कैसे बचा सकते हैं आपका पैसा | साइबर फ्रॉड के बाद बैंक खाता फ्रीज? GRM Portal से अकाउंट खुलवाने की प्रक्रिया जानें | APK File डाउनलोड करते ही खाली हो सकता है बैंक खाता? फोन में तुरंत जांचें ये 10 सेटिंग | मोबाइल रेडिएशन से कैंसर होता है ? जानिए सेहत पर इसके असर का सच | Aadhaar Update: आधार में क्या बदल सकते हैं घर बैठे, फोटो और मोबाइल नंबर बदलने का क्या है तरीका | सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन से ठगी का नया ट्रेंड; भूलकर भी न करें ये गलती, जानें शिकायत का तरीका |
15-09-2026