Cancer Medicine racket-कैंसर की फर्जी दवा रैकेट का दायरा बिहार तक फैला हुआ था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फर्जी दवा सप्लाई चेन की जांच में मुजफ्फरपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी बीटेक है। उसकी पहचान 23 वर्षीय आदित्य कृष्णा के रूप में हुई है। उसने बीएचयू आईआईटी से बीटेक की शिक्षा प्राप्त की है। पुलिस ने इस सिलसिले में पहले 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनसे 4 करोड़ की दवा बरामद की हुई थी।
Cancer Medicine racket-पुणे तक सप्लाई
पुलिस जांच में पता लगा है कि फर्जी कैंसर की दवा का सप्लाई पुणे तक किया जाता था। गिरफ्तार आठवां आरोपी आदित्य पहले से गिरफ्तार आरोपी नीरज चौहान से दवाईयां लेकर पुणे और एनसीआर में सप्लाई करता था। मुजफ्फरपुर में उसकी खुद की केमिस्ट शॉप भी है। पुलिस उसे रिमांड में लेकर इस रैकेट के तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कैंसर कीमोथेरेपी की नकली दवाओं का कारोबार करने वाले सात लोगों के माडयूल का खुलासा किया था। इसमें दिल्ली के नामी राजीव गांधी कैंसर अस्पताल के दो कर्मचारी भी शामिल थे। आरोप है कि इसी अस्पताल में कैंसर कीमोथेरेपी के लिए दी जाने वाली दवा की खाली शीशी में एंटीफंगस दवा भर कर उसे कैंसर मरीजोंं को असली दवा के दाम पर बेचा जाता था।
बदमाश कैंसर इलाज के लिए नेपाल औऱ अफ्रीकी देशों से आने वाले मरीजों को झांसे में लेते थे। उन्हें सस्ते दाम पर दवा देने के नाम पर नकली दवा बेची जाती थी। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर भारी मात्रा में खाली और नकली दवा भरी हुई शीशीयां बरामद की थीं। इसके अलावा इनके पास से नकदी के रूप में भारी रकम बरामद की गई थी। बरामद रकम में विदेशी मुद्रा भी शामिल है। शक है कि यह रैकेट काफी बड़ा है।
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