बी.काम., बीबीए तक की शिक्षा मगर काम अमरीका से नशीली दवाओं की तस्करी

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। बी.काम. औऱ बीबीए तक की शिक्षा प्राप्त दो युवक अमरीका से नशीली दवाईयां और इंपोर्टेड गांजा मंगा कर देश में बेचा करते थे। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इन युवकों को ड्रग की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। ड्रग की खेप अंतर्राष्ट्रीय कोरियर से मंगाया जाता था।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के एडिशनल सीपी शिबेस सिंग के मुताबिक पकड़े गए युवकों की पहचान इंद्र पुरी निवासी अविनाश जैन और वसंत कुंज निवासी शशांक गुप्ता के रूप में हुई है। इनसे 450 ग्राम आयातित गांजा, टीएचसी टाफी 100 ग्राम और मलाना क्रीम चरस 50 ग्राम बरामद किया गया है। क्राइम ब्रांच स्टार-II के इंस्पेक्टर शिव दर्शन को सूचना मिली थी कि डार्क वेब के माध्यम से अमरीका से नशीली चीजें मंगाई जा रही हैं। इस सूचना के आधार पर डीसीपी भीष्म सिंह की देखरेख में एसीपी अरविंद कुमार इंस्पेक्टर शिव दर्शन, एस आई रोबिन त्यागी, एएसाई विकल, हेडकांस्टेबल संजीव कुमार, मिंटू, नरेन्द्र, सोहनपाल राम दास कपिल नागर आदि की टीम बनाई गई। एसआई रोबिन त्यागी को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने वसंत कुंज सी-3 के पास जाल बिछाकर अविनाश उर्फ लक्ष्य जैन औऱ शशांक को गिरफ्तार किया। तलाशी में उनके पास से गांजा, टीएचसी टाफी औऱ मलाना क्रीम चरस बरामद किया गया।

ड्रग की यह खेप नए साल की पार्टियों के मद्देनजर मंगाई गई थी। ड्रग की इस तरह की खेप के लिए क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से भुगतान किया जाता था। अविनाश ने बीबीए तक की शिक्षा प्राप्त की है जबकि शशांक ने बी.काम. किया है। ड्रग की खेप का सौदा इंस्टाग्राम, व्हाट्स एप्प आदि से किया जाता था जबकि दिल्ली में आयातित गांजा 3 से 5 हजार रु प्रति ग्राम बेचा जाना था। इसी तरह टीएचसी टाफी 100-500 रु में और मलाना क्रीम चरस 50 हजार रु में 50 ग्राम बेचा जाना था।

 

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