भजन, प्रार्थना, हवन और रद्राभिषेक जीवन में सुख लाने का सबसे बड़ा माध्यम है। बिहार के सहरसा स्थित गायत्री शक्तिपीठ से यह आध्यात्मिक संदेश दिया गया। अवसर था गायत्री शक्तिपीठ में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के सफल छात्रों के बीच प्रमाण पत्र और पुरस्कार वितरण का।
इस कार्यक्रम में भजन प्रार्थना हवन रुद्राभिषेक से लाभ पर विस्तार से चर्चा की गई।
भजन प्रार्थना हवन रुद्राभिषेक से लाभ
बिहार के सहरसा में स्थित गायत्री शक्तिपीठ में कार्यक्रम का आरंभ दीप प्रज्जवलन से हुआ। पूर्व एडिटर राजेश कुमार टाइम्स आफ इन्डिया,इंडिया टुडे दिल्ली, पूर्व डायरेक्टर,रॉ राकेश कुमार, निशा पाठक,मुम्बई से आए प्रोफेसर डाक्टर शिल्पा ठाकुर एवम मेजर गौतम कुमार ( BNMU,मधेपुरा सिंडिकेट सदस्य )दीप प्रज्वलित कर कार्यकर्म का शुभारंभ किया।
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इन्हें सर्वप्रथम मंत्र दुपट्टा तथा तिलक लगाकर सम्मानित किया गया।
अरूण जायसवाल ने बताया भजन प्रार्थना हवन रुद्राभिषेक से लाभ
इस अवसर पर डाक्टर अरुण कुमार जायसवाल ने कहा- आप भजन करें,प्रार्थना करें,हवन करें,रुद्राभिषेक करें और ध्यान करें तो आपके अंदर का पापबल हटेगा और पुण्य बल बढ़ेगा यानी निगेटिव इनर्जी हटेगी और आपके अंदर पोजिटिव इनर्जी बढ़ेगी।दुख हटेगा और सुख बढ़ेगा,सफलता मिलेगी।
इस भाव से जब आप प्रार्थना करते हैं तो बात बनेगी। जब आपके अंदर पोजिटिव इनर्जी आयेगी तो आप इसका उपयोग कैसे करेंगे? इस संबंध में उन्होंने कहा-जीवन को उत्कृष्ट बनाने के लिए 24 घंटे में आप एक घंटा ऐसा काम करें जिसमें आपका प्रत्यक्ष लाभ नहीं होता हो।
उन्होंने इसका रास्ता भी बताया। डा. जायसावल ने कहा कि इसके लिए आप सेवा काम कीजिए, बच्चे को पढ़ाईये, साफ-सफाई कीजिए। इसका समान लाभ मिलता है।
इस अवसर पर जिले से आए विभिन्न स्कूल के शिक्षक को मंत्र दुपट्टा प्रशस्ति पत्र दे कर सम्मानित किया गया एवं भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा जिलास्तरीय प्रथम,द्वितीय, तृतीय, प्रखंड स्तरीय, प्रथम,द्वितीय, तृतीय, स्कूल स्तरीय,प्रथम,द्वितीय, तृतीय, प्रणाम पत्र एवं मोमेंटो एवं मैडल दे कर पुरिस्कृत किया गया। इस अवसर पर शक्तिपीठ के सभी परिजन उपस्थित थे।


