डिजिटल युग में साइबर धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 2025 में भारत में 28.15 लाख साइबर अपराध के मामले दर्ज हुए और नागरिकों को कम से कम ₹22,495 करोड़ का नुकसान हुआ, जिसमें 35% मामले निवेश धोखाधड़ी के थे। फर्जी कॉल, फ्राड वाले संदेश और फीशिंग ईमेल के जरिए ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सबके मन में सीधा सवाल यही आता है कि cyber fraud की रिपोर्ट कैसे करें?
सरकार ने अब तक 9.42 लाख से अधिक SIM कार्ड और 2,63,348 IMEI नंबर साइबर धोखाधड़ी से जुड़े होने के कारण ब्लॉक किए हैं, और हेल्पलाइन 1930 तत्काल सहायता के लिए उपलब्ध है। अब भारत में 459 समर्पित साइबर अपराध पुलिस स्टेशन हैं, जो 2020 में केवल 169 थे — उत्तर प्रदेश 75 स्टेशनों के साथ सबसे आगे है।
cyber fraud की रिपोर्ट कैसे करेंः
cyber fraud से निपटने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.inपर Suspect Repository नामक एक महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध कराई है।
इस प्रणाली के माध्यम से नागरिक संदिग्ध मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट लिंक की जानकारी साझा कर सकते हैं और यह भी जांच सकते हैं कि कोई नंबर पहले से धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है या नहीं।
Suspect Repository क्या है
Suspect Repository एक राष्ट्रीय डेटाबेस है जहाँ नागरिक और अधिकारी मिलकर संदिग्ध डिजिटल पहचान (Mobile Number, Email ID, Social Media Account, Website Link) की जानकारी साझा करते हैं।
इसका उद्देश्य है:
- साइबर अपराध से बचाव
- संदिग्ध संपर्कों की पहचान
- नागरिकों को पहले से चेतावनी देना
Suspect Repository उपयोग करने की प्रक्रिया
1. पोर्टल पर जाएँ
सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट खोलें
👉 https://cybercrime.gov.in
होमपेज पर “Suspect Repository” विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
संदिग्ध जानकारी दर्ज करें
यहाँ आप निम्न जानकारी दर्ज कर सकते हैं:
- संदिग्ध मोबाइल नंबर
- ईमेल आईडी
- सोशल मीडिया अकाउंट
- वेबसाइट लिंक
यदि आपको कोई फर्जी कॉल, धोखाधड़ी वाला संदेश या फ़िशिंग ईमेल मिला है, तो उसकी जानकारी यहाँ दर्ज करें।
विवरण जोड़ें
रिपोर्ट दर्ज करते समय संदिग्ध गतिविधि का संक्षिप्त विवरण लिखें, जैसे:
- Loan Fraud SMS
- Phishing Email
- Fake Job Offer
- Investment Scam
यदि उपलब्ध हो तो स्क्रीनशॉट या संबंधित दस्तावेज़ भी अपलोड किए जा सकते हैं।
जानकारी सबमिट करें
सभी जानकारी भरने के बाद Submit बटन पर क्लिक करें।
सबमिट की गई जानकारी राष्ट्रीय स्तर के डेटाबेस में जुड़ जाती है और अन्य नागरिक भी उसे देख सकते हैं।
रिपॉज़िटरी में खोज करें
नागरिक और अधिकारी दोनों इस रिपॉज़िटरी में जाकर किसी भी नंबर, ईमेल या लिंक को सर्च कर सकते हैं।
यदि वह पहले से रिपोर्ट हुआ है, तो उसकी जानकारी दिखाई देगी। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि कोई नंबर या ईमेल पहले से संदिग्ध घोषित किया गया है या नहीं।
नागरिकों के लिए Suspect Repository के फायदे
1. सतर्कता
संदिग्ध नंबर या ईमेल की तुरंत जांच की जा सकती है।
2. साझा जानकारी
देशभर के नागरिकों द्वारा रिपोर्ट किए गए संदिग्ध डेटा का लाभ मिलता है।
3. धोखाधड़ी की रोकथाम
पहले से चेतावनी मिलने से साइबर ठगी से बचाव संभव हो जाता है।
अगर आपका नंबर या ईमेल गलती से ब्लॉक हो जाए तो क्या करें
कई बार सुरक्षा कारणों से किसी नंबर या ईमेल को संदिग्ध मानकर ब्लॉक किया जा सकता है। यदि किसी को लगता है कि उसका नंबर या ईमेल गलती से ब्लॉक हुआ है, तो वह अपील और ग्रिवेन्स मैकेनिज़्म का उपयोग कर सकता है।
Grievance Appellate Committee (GAC) में अपील कैसे करें
यदि कोई व्यक्ति किसी प्लेटफ़ॉर्म के Grievance Officer (GO) के निर्णय से असंतुष्ट है, तो वह 30 दिनों के भीतर Grievance Appellate Committee (GAC) के समक्ष अपील कर सकता है।
महत्वपूर्ण नियम
- पहले संबंधित प्लेटफ़ॉर्म के Grievance Officer से संपर्क करना आवश्यक है।
- GO के निर्णय के 30 दिनों के भीतर अपील करनी होगी।
- यदि 30 दिनों में कोई उत्तर नहीं मिलता, तब भी अपील की जा सकती है।
GAC क्या है
Grievance Appellate Committee (GAC) एक ऑनलाइन विवाद निवारण तंत्र है जो उपयोगकर्ताओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच विवादों को सुलझाने के लिए बनाया गया है।
यह सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत कार्य करता है।
GAC की प्रमुख विशेषताएँ
- पूरी अपील प्रक्रिया ऑनलाइन होती है
- फाइलिंग से लेकर निर्णय तक डिजिटल प्रक्रिया
- भारतीय इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े विवादों का समाधान
इन प्लेटफॉर्म से जुड़े मामलों पर अपील की जा सकती है:
- Twitter (X)
- LinkedIn आदि
महत्वपूर्ण चेतावनी
- यदि मामला वित्तीय धोखाधड़ी या साइबर अपराध से जुड़ा है, तो तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
- या फिर राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें
👉 https://www.cybercrime.gov.in
अपील दर्ज करने से पहले GAC वेबसाइट पर उपलब्ध FAQ भी पढ़ सकते हैं।











