बनना चाहता था रेसलर बन गया शराब का स्मगलर जानें क्यों

👁️ 590 Views

34 साल का पवन उर्फ पोनी रेसलर बनना चाहता था उसने राज्य स्तर के कई दंगलों में हिस्सा भी लिया। मगर इसी क्रम में उसकी दोस्ती कुछ ऐसे लोगों से हो गई जिनकी संगत में आकर वह हरियाणा से दिल्ली में दारू की तस्करी करने लगा। रेसलर बनकर नाम कमाने की धुन की जगह शराब की तस्करी के नशे ने उसके सिर पर ऐसा असर किया कि वो तस्करी में बाधा डालने वाले आबकारी विभाग के अफसरों पर हमले भी करने लगा। दल-बल सहित आबकारी टीन पर हमला करने में कुख्यात पवन उर्फ पोनी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की आईजीआईएस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी भीष्म सिंह के मुताबिक  पिछले साल 3-4 अक्टूबर की रात में बवाना के विजय कालोनी में शराब की तस्करी की सूचना पर धर पकड़ के लिए तैनात आबकारी विभाग के हवलदार जय भगवान औऱ सिपाही सुनील कुमार पर फार्चूयनर औऱ स्कार्पियो में सवार आधा दर्न लोगों ने लोहे की राड आदि से हमला कर दिया। बाद में पता चला कि हमालावरों ने बार बार अपने आदमी पकड़े जाने का बदला लेने के लिए हगमला किया था। इस सिलसिले में गोविंद, नसीम औदि पकड़े गए थे। मगर मुख्य हमालावर पवन उर्फ पोनी अब तक फरार था। आईजीआईएस क्पाइम ब्रांच में तैनात एएसआई भूप सिंह की सूचमा पर एसीपी आदित्य गौतम की देखरेख में इंसपेक्टर यशपाल सिंह के नेतृत्व में एसआई लोकेश यादव, एएसआई रंधावा, गोविंद. भूप सिंह, , सिपाही रविंद्र, राहु आदि की टीम ने रोहिणी के एमटूके मार्केट से पवन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि मूल रूप से सोनीपत का निवासी पनव विजय विहार में अपने परिवार के साथ रहता था। मजबूत शरीर होने के साथ ही उसे रेसलर बनने का शौक था इस सिलिसले में वह राज्य स्तर के कई दंगलों में हिस्सा ले चुका था और जीत भी हासिल की थी। लेकिन बुरी संगति में पड़कर औऱ जल्दी पैसा कमाने की होड़ में वह हरियाणा से दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में शराब ती सप्लाई करने लगा। तस्करी के दौरान उसकी कई गाडियों और लोगों को आबकारी विभाग ने दबोच लिया इसीलि गु्स्से में वब आबकारी विभाग के लोगों पर हमले करने लगा था।

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | मध्यमा परीक्षा 2026ः तारीख, केंद्र और परिणाम की पूरी जानकारी | नेहा बालाः झारखंड की साइबर शेरनी जिसने अंतर्राष्ट्रीय ठगों को धूल चटाई | डिजिटल अरेस्ट क्या है? ऑपरेशन बजरंग से समझें साइबर ठगी का पूरा जाल | Whatsapp-Signal यूजर्स सावधानः Linked devices से हो सकती है जासूसी | AI Deepfake से निवेश ठगी: मंत्री का नकली वीडियो, करोड़ों का नुकसान—ऐसे फंस रहा है पढ़ा-लिखा भारत | प्रेम और मातृत्व में क्या फर्क है? व्यक्तित्व सत्र में डा. जायसवाल की गहरी व्याख्या | गार्गी नारीशक्ति सम्मेलन 2026ः पटना में महिलाओं का महाकुंभ, विकसित बिहार की नई सोच | अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ींः सीबीआई के नए एफईआईआर में क्या | जब इंटरनेट बन जाए युद्धभूमिः muddy water APT और डिजिटल युद्ध का बढ़ता खतरा | वित्तीय साइबर अपराध क्यों बढ़ रहे हैं ? बैंकिंग सिस्टम में सुधार क्यों हो गया जरूरी |
13-03-2026