तो क्या है अब अलवर के फलाहारी बाबा की कहानी ……………………….

पवन सिंह परमार
कई दिनों की मश्कत और जांच के बाद आखिरकार दुष्कर्म के आरोप लगे फलहारी बाबा को निजी हॉस्पिटल ने डिस्चार्ज कर पुलिस के हवाले कर दिया।  इस दौरान एडिशनल एसपी पारस जैन सहित कई थानों के अधिकारी फोर्स के साथ मौजूद रहे इस दौरान हॉस्पिटल के चारों ओर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई किसी भी अशांति से निपटने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए थे।

https://youtu.be/-SiFMlSCf4sअब आपको बताते हैं कि आखिर कैसे कथित फलहारी महराज की अलवर में जड़े मजबूत हुई  अचानक महाराज को दक्षिण से राजस्थान का एक छोटा सा शहर कैसे भा गया । दरअसल हर बाबा की तरह फलाहारी बाबा की जड़ों को मजबूत करने में भी स्थानीय राजनेता आदि का हाथ है।   आरोप है कि इस बाबा की हैवानियत का शिकार छत्तीसगढ़ की बेटी हुई है. बाबा की करतूतें खुली, तो बिलासपुर में बाबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।  जिसके मुताबिक दिव्य धाम संचालित करने वाले जगदगुरू रामानुजाचार्य़ स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज ने मूलरूप से बिलासपुर की रहने वाली और जयपुर में रहकर लाॅ की पढ़ाई कर रही युवती से बलात्कार की कोशिश की ।बताया जा रहा है कि पीड़िता ने जयपुर में एलएलबी की पढ़ाई के दौरान बाबा कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी की सिफारिश पर ही सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े वकील के अधीन अपना इंटर्नशिप पूरा किया था. इंटर्नशिप खत्म होने के बाद पीड़िता को तीन हजार रूपए का मानदेय दिया गया.  https://youtu.be/CqyAtGQP4ew

अपनी जीवन की पहली कमाई से उत्साहित पीड़िता ने जैसे ही इसकी जानकारी अपने माता-पिता को दी, तो परिजनों ने सलाह दी कि अपनी पहली कमाई अलवर जाकर बाबा के चरणों में अर्पित कर दें. माता-पिता की सलाह के बाद पीड़िता अलवर के दिव्य धाम पहुंची, जहां उसने जगदगुरू स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज को तीन हजार रूपए अर्पित किया. इस दौरान ही पीड़िता से बाबा ने बलात्कार की कोशिश की.
बिलासपुर के महिला थाने में दिए गए बयान में पीड़िता ने बताया है कि 7 अगस्त यानी रक्षाबंधन के दिन वह बाबा के दर्शन के लिए अलवर स्थित दिव्य धाम पहुंची थी. इंटर्नशिप के तौर पर कमाई गई पहली कमाई जगदगुरू स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज को अर्पित किए जाने के बाद बाबा ने पीड़िता से रात दिव्य धाम में ही रूकने का आदेश दिया. बाबा ने पीड़िता से कहा कि रात के अंधेरे में बेहतर भविष्य के लिए गुप्त दिव्य मंत्र देंगे. बाबा पर अथाह भक्ति ने पीड़िता को दिव्य धाम में रूकने पर मजबूर कर दिया.
पीडिता के बयान के मुताबिक जगदगुरू स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज ने शाम साढ़े सात बजे दिव्य धाम के अपने कक्ष में उसे बुलाया. पीड़िता से कहा कि राजनीतिक, नौकरशाही, प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग ऐसे हैं, जो उनके फालोवर हैं. पीड़िता को बाबा ने अपने मोबाइल फोन पर राजनेताओं के साथ अपनी तस्वीरें भी दिखाई. बाबा ने पीड़िता को यह भी झांसा दिया कि वह उसे हाईकोर्ट का जज बनवा देंगे. पुलिस रिकार्ड में दर्ज किए गए बयान में पीड़िता ने बताया कि-बाबा ने उससे कहा कि हमने तुम्हें बहुत कुछ दिया है, तुम हमें क्या दोगी.
बाबा के इन शब्दों के बीच पीड़िता सहमी भी, लेकिन आस्था ने बाबा पर विश्वास कायम रखा. पीडि़ता के बयान के मुताबिक इसके बाद बाबा ने उसे प्रसाद देते हुए ग्रहण करने का आदेश दिया. प्रसाद खाने के बाद पीड़िता अचेत अवस्था में चली गई. बाबा का दबाव था कि दिव्य धाम में उनके कक्ष के ऊपर ही बने कक्ष में वह रात रूके, लेकिन बाबा की करतूतों से खौफजदा पीड़िता दिव्य धाम परिसर से बाहर निकलकर वेद विद्यालय स्थित आश्रम में जा पहुंची, जहां उसने अपने आप को एक कमरे में बंद कर किसी तरह रात बिताया. अगली सुबह पीड़िता बगैर किसी को सूचना दिए जयपुर के लिए रवाना हो गई. जयपुर पहुंचने के बाद पीड़िता 20 दिन गहरे अवसाद में रही.
जयपुर में 20 दिन गुजारने के दौरान अवसाद में डूबी पीड़िता ने टीवी पर सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की आ रही खबरों को देखा. सीबीआई की विशेष कोर्ट में राम रहीम को दोषी करार दिये जाने के बाद पीड़िता प्रेरणा मिली और तभी पीडिता ने तय किया कि इस पूरे मामले का खुलासा करेगी. घटना के बाद सहमी पीड़िता बिलासपुर स्थित अपने घर लौटी और परिजनों को सिलसिलेवार घटना की जानकारी दी. बेटी के साथ गुजरे हालातों को सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. पीड़िता का परिवार पिछले 15 सालों से जगदगुरू से जुड़ा हुआ है. परिवार ने बाबा को लाखों रूपयों का दान भी दिया है. लगभग हर साल परिवार बाबा के दर्शन के लिए दिव्य धाम जाता रहा है. लेकिन बेटी के साथ बाबा के कृत्यों ने बाबा पर आस्था को ध्वस्त कर दिया.
चूंकि मामला बेहद हाईप्रोफाइल था, लिहाजा पीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले की शिकायत डीजीपी ए एन उपाध्याय से की. डीजीपी की पहल के बाद बिलासपुर महिला थाना में पीड़िता का बयान दर्ज कर जगदगुरू स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया. पुलिस ने प्रारंभिक विवेचना कर पीड़िता के माता-पिता का बयान लेने के साथ ही मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत भी पीड़िता का बयान दर्ज कराया.
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24-08-2026