रफ्तार पकड़ने लगी है प्रधानमंत्री आवास योजना-अब तक बन गए लाखों घर

आलोक वर्मा

अगर आपसे पूछा जाए कि संसार की सबसे प्यारी जगह कौन सी है तो जाहिर है जवाब होता-घर। जी साहब वही घर जो बेघरों का सबसे बड़ा ड्रीम होता है। जिसके पास घर नहीं उससे जरा पूछिए कि उसे संसार में सबसे बड़ी चीज क्या चाहिए। अब मैं आपसे ये कहूं कि ऐसे बेघरों को को आवास हो इसके लिए अब तक देश भर में 30.76 लाख घरों को सरकारी सहायती राशि दी जा चुकी है औऱ इसमें से 15.65 लाख घर निर्माणाधीन हैं। लाखो घरों का निर्माण हो भी चुका है। यानि जिंदगी के सबसे हसीन सपने को पूरा करने की ओर बढ़ रहे कदमों की रफ्तार अब तेज होने लगी है।

यकीन बेशक ना हो मगर ये सच है कि 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबके लिए घर देने के सपने को साकार करने के लिए जिस योजना की शुरूआत की गई थी वो अब रंग लाने लगी है। जी साहब मैं प्रधानमंत्री आवास योजना की बात कर रहा हूं। उसी योजना की जिसके तहम प्रधानमंत्री ने 2022 तक सबके लिए घर का सपना देखा है। इसके लिए 9 राज्यों के 305 नगरों और कस्बों की पहचान की गई है जिनमें ये घर बनाए जा रहे हैं।  सरकार ने इसके लिए 20 लाख घर बनाने का लक्ष्य रखा है जिनमें से 18 लाख घर झुग्गी झोपड़ी वाले इलाके में औऱ 2 लाख घर शहर के गरीब इलाकों में बनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना सबके लिए घर-2022 के तहत सरकार ने CLSS शुरू की थी. बाद में इसे बढ़ाकर छह लाख से 12 लाख रुपये सालाना और 12 से 18 लाख रुपये सालाना तक की आमदनी वाले लोगों तक भी कर दिया गया था।

मात्र दो साल पहले शुरू हुई इस योजना ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। उज्जवला की तरह इस योजना के तहत लोगों को घर मिलने लगा है । पिछले दो सालों में 4.13 लाख घरों का निर्माण हो चुका है। शहरी विकास और आवास मंत्रालय ने शहरों में 1,12.083 अतरिक्त बेहद सस्ते घरों को मंजूरी दी है तो इन घरों को बनाने के लिए आने वाली लागत 8105 करोड़ में से 1681 करोड़ की सहायता सरकार देगी।

जी साहब आवास निर्माण की रफ्तार ये बताने के लिए काफी है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की कामयाबी कुछ ही समय में सिर चढ़कर बोलने लगेगी।

 

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01-10-2026