ये माहिरी महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने की है

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ये माहिरी महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने की है-ये हेडिंग आपको समझ में नही आया तो हम बता देते हैं दरअसल माहिरी का मतलब दक्षता या विशेषज्ञता से होती है। और हम जो बताने जा रहे हैं उससे आपको खुद ही पता चल जाएगा कि हेडिंग ऐसा क्यों दिया गया है। दिल्ली के मावलंकर हाल में आयोजित एक सुंदर कार्यक्रम में माहिरी को लांच किया गय़ा है औऱ इसे लांच करने वाली संस्था है विजन फार आसिस वेक्स सोसायटी (vows)। वैसे तो ये संस्था महिलाओं की कई समस्याओं के लिए जूझती  है लेकिन इस कार्यक्रम में खासकर महिलाओं को पैरों पर खड़ा करने के लिए एक अनूठी शुरूआत की थी। दरअसल संस्था ने पहले महिलाओं को स्किल ट्रेनिंग दी औऱ उसके बाद कपड़ो का डिजाइन तैयार किय़ा।

ऐसे समय में जब फैशन  डिजाइन की दुनिया में बड़े बड़े नाम पैर जमाने की कोशिश कर रहे हों, वहां आम महिलाओं की डिजाइन की हुई माहिरी आपको दांत तले उंगली दबाने के लिए मजबूर कर देगी। अब आप समझ गए होंगे कि माहिरी इसी कपड़े का ब्रांड नाम दिया गया है। 

माहिरी की लांचिंग सामारोह में संस्था की सदस्य अमिदंर प्रीत ने कहा कि कमी प्रतिभा की नहीं बल्कि कमी मौलिक सुविधाओं की है। महिला सशक्तिकरण अभियान तभी सफल हो सकता है जब महिलाओं को आजीविका के साधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। संस्था ने माहिरी की शुरूआत कर महिलाओं औऱ युवतियों को समाज में एक पहचान देने का प्रयास किया है। लांचिंग कार्यक्रम में दर्जनों मशहूर हस्तिय़ों के अलावा सैकड़ो की संख्या में महिला और य़ुवतियां शामिल हुईं। माहिरी के कपड़े बनाने वाली महिलाओं ने मंच पर अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर एक्शन इंडिया स्टाफ ने बेटी हूं मैं बेटी मैं तारा बनूंगी जैसे मनमोहक कार्यक्रम को भी प्रस्तुत किया।

ये कार्यक्रम गर्ल चाइल्ड सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है। इस मौके पर फेमिना मिस इंडिया कोयल राणा, सांसद परवेश वर्मा की पत्नी स्वाति वर्मा, मिस युएन अमिषा, दिल्ली क्राइम ब्रांच के डीसीपी भीष्म सिंह, दिल्ली दृारका डिसीपी शिबेस सिंह, अभिनेता राहु राय, दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला और दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री राजेन्द्र गौतम सहित कई हस्तियां मौजूद थीं।   

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