बंटी बबली की हाईटेक जोड़ी का कारनामा अब तक सौ

साऊथ ईस्ट दिल्ली की साईबर सेल ने हाईटेक बंटी औऱ बबली की जोड़ी को गिरफ्तार किया है। इन पर सौ से अधिक लोगों को चूना लगाने का आरोप है। गिरफ्तार महिला 27 साल का नाम नैना सिंघल उम्र 27 साल है और वह बीटेक की शिक्षा प्राप्त है जबकि उसका साथी 27 वर्षीय चेतन सोनी ने डबल एमबीए किया हुआ है।

पुलिस के मुताबिक मशहूर नौकरी डाट काम ने शिकायत की थी कि उसके नाम पर कुछ लोग भोले भाले लोगों को जॉब दिलाने के नाम पर लूट रहे हैं। इस शिकायत पर साईबर सेल ने मामाला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके लिए एसीपी केपी सिंह की देखरेख में विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी जांच औऱ काफी मश्क्कत के बाद पुलिस ने गाजियाबाद वसुंधरा के सेक्टर 3 मे छापा मारकर चेतन सोनी को गिरफ्तार किया। पता चला कि फेक आईडी के सहारे चेतन ने मनीष कुमार के नाम से बैंक खाता खोल रखा था जिसके माध्यम से वह नौकरी के इच्छुक लोगों से पैसे वसुलता था। जांच के बाद नैना को भी उसके साथ गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में पता चला कि 2016 में दोनों ग्रेटर नौएडा की एक कंपनी में साथ-साथ काम करते थे। यही उनकी दोस्ती हुई। दोनों ना केवल उच्च शिक्षा प्राप्त थे बल्कि दोनो तकनीकी रूप से भी काफी मजबूत थे। तुरंत पैसा कमाने की फिराक में दोनों ने मिलकर साजिश रची। और ग्रेटर नोएडा से नौकरी छोड़ दी।

इसके बाद दोनों ने मिलकर स्ट्रोब ग्रुप के नाम से फर्म खोली औऱ नौकरी डाट काम के साथ रिक्रूटर के रूप में पंजीकृत हो गए। गौरतलब है कि स्ट्रोब ग्रुप अमरीकी कंपनी है। इसके बाद दोनों ने एक वेबसाइचट डोमेन भी ले लिया जिसका नाम रखा गया firstnaukri.com और unileverindia.com दोनों बड़ी कंपनियों के नाम से मिलते जुलते नाम जानबूझकर रखे गए।     https://youtu.be/6uJEHVnksxA

इसके बाद नौकरी के इच्छुक लोगों को इस फर्जी वेबसाइट के माध्यम से संपर्क किया जाने लगा। ठगी के शिकार लोगों के लगता था कि उनके पास नौकरी डाट कताम से ही फोन आया है। इसके बाद उन लोगों को फर्जी लेटर औऱ ईमेल के सहारे नौकरी का ऑफर दिया जाता था। ऑफर के साथ उनसे 4650 से लेकर 5450 विभिन्न खर्चों की आड़ में जमा करा लिया जाता था। फर्जी आईडी से खोले बैंक खाते में जैसे ही पैसे जमा होते थे बंटी बबली की यह जोड़ी पैसे निकाल लेती थी।

पुलिस ने इनके कब्जे से दो लैपटाप सहित कई चीजें बरामद की है। चेतन ने एचआर मार्केटिंग औऱ टूरिज्म मे एमबीए कर रखा है। साइबर क्राइम के लिए उसने रवि और मनीष नाम के फर्जी आईडी बना रखे थ।

 

 

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | पेंशन अदालत क्या है? पेंशनभोगियों की शिकायतों के समाधान की पूरी जानकारी | अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस: क्यों मनाया जाता है और हर नागरिक के लिए इसका क्या महत्व है? | CKYC नंबर है या नहीं? अभी जानें, एक नंबर से आसान होगी बैंकिंग और बढ़ेगी साइबर सुरक्षा | श्राद्ध में कौवे को पहला ग्रास क्यों दिया जाता है? जानिए काक बलि का रहस्य | ऑपरेशन Cy-Vajra में बड़ा खुलासा, 8 फर्जी कॉल सेंटर सील, 49 गिरफ्तार, ऐसे काम करता है साइबर ठगी का नेटवर्क | RBI आंतरिक लोकपाल (Internal Ombudsman) क्या है? साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए शिकायत निवारण का मजबूत सुरक्षा तंत्र | दिल्ली ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, जानिए कैसे मिलकर काम करती हैं Delhi Traffic Police और दूसरी एजेंसियां | बिना डेटा वाला मोबाइल रिचार्ज प्लान क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद? | क्या आपका स्मार्टफोन आपकी जासूसी कर रहा है? जेब में रखा फोन कैसे बन सकता है निगरानी का सबसे बड़ा हथियार | भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं। |
20-07-2026