दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई-1.68 लाख इंजेक्शन जब्त, दवा फर्म का मालिक गिरफ्तार

इंडिया विस्तार, नई दिल्ली

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अलीगढ़ की एक दवा फर्म के मालिक को गिरफ्तार किया है आरोपी का नाम विनीत गर्ग उर्फ बंटी है। विनीत के पास से 1.68 लाख बुपरनोर्फिन इंजेक्शन बरामद हुआ है। आरोपी अलग-अलग कूरियर कंपनियों के माध्यम से प्रतिबंधित दवाइयों को भेजने वाला था , पहले भी क्राइम ब्रांच की एक टीम ने एक रैकेट को पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस को विनीत के बारे में अहम सुराग हाथ लगे थे।
इस सिंडिकेट की जांच के लिए डीसीपी भिष्म सिंह की देखरेख में एसीपी आदित्य गौतम और इंसपेक्टर सुनील जैन की टीम बनाई गई। जांच के दौरान पता चला कि ये सिंडिकेट नारकोटिक दवा ‘बुपेरेनॉर्फिन’ को विनीत गर्ग उर्फ बंटी जो बंटी फार्मा के मालिक है। अलीगढ़ में अलग अलग माध्यम से, कूरियर कंपनी के जरिये लेबल हटा कर गैरकानूनी तरीके से बुपेरेनॉर्फिन की सप्लाई करते थे कूरियर असली दवाओं के नाम पर जाता था।
पुलिस को जांच के दौरान ये पता चला कि दिल्ली के ‘मधुर कूरियर’ और अलीगढ़ के ‘ओम लॉजिस्टिक्स’ के माध्यम से दवाओं की सप्लाई की जा रही है। इन पार्सलों की जांच में 1.68 लाख इंजेक्शन बरामद हुए।  जांच में 11,000 इंजेक्शन के लेबल बदले हुए मिले । जिसके आधार पर आरोपी विनीत गर्ग को गिरफ्तार कर लिया गया ।
पूछताछ में आरोपी विनीत उर्फ बंटी बताया कि वो अपने पिता की दवा की दुकान में काम करते था।लेकिन उनकी मृत्यु के बाद, उन्हें फार्मेसी लाइसेंस की कमी के कारण इसे बंद करना पड़ा। इसके बाद, उसने एक दवा डिस्टिब्यूटर लाइसेंस लिया और बंटी फार्मा के नाम से काम शुरू किया। 2018 में अच्छी कमाई की लालच में सुनील शर्मा से मुलाकात हुई , सुनील शर्मा ने उसे आदर्श फार्मा से बुपेरेनॉर्फिन इंजेक्शन खरीदने के लिए कहा। खरीद के बाद, बुपेरेनॉर्फिन इंजेक्शन के कुछ स्टॉक के लेबल हटा दिए और फर्जी लेबल लगा कर सप्लाई शरू कर दिया

BUPRENORPHINE क्या है
बुपेरेनॉर्फिन, एक ओपियोइड है जो पुरानी दर्द का इलाज करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग जीभ के नीचे, इंजेक्शन द्वारा, त्वचा पैच के रूप में, या एक प्रत्यारोपण के रूप में किया जाता है। यह आमतौर पर 24 घंटे तक प्रभाव के साथ एक घंटे के भीतर राहत प्रदान करता है। आज कल इसका इस्तेमाल अफीम के नशे की लत के रूप में किया जाता है क्योंकि यह अफीम की तुलना में अधिक आसानी से उपलब्ध है।फिलहाल पुलिस इस
सिंडिकेट के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है।

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