अस्थमा-ना खाएं ये चीजें, रहेंगे स्वस्थ

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। दुनिया भर में अस्थमा के मरीजों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए मई महीने के पहले मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day) मनाया जाता है। अस्थमा के मरीजों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है इसलिए उनमें संक्रमण का भी खतरा ज्यादा होता है।

अस्थमा के मरीजों को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अस्थमा के मरीजों को कुछ चीजों से बहुत जल्दी एलर्जी हो जाती है जिससे उनकी तकलीफ बढ़ जाती है। आइए जानते हैं कि अस्थमा के मरीजों को खाने में किन चीजों से परहेज करना चाहिए।

आर्टिफिशियल स्वीटनर अस्थमा और एलर्जी फाउंडेशन ऑफ अमेरिका (AAFA) के अनुसार, अस्थमा के मरीजों को आर्टिफिशियल स्वीटनर के इस्तेमाल से बचना चाहिए। आर्टिफिशियल स्वीटनर आमतौर पर डाइट सोडा और जूस में होता है। आर्टिफिशियल स्वीटनर एलर्जी बढ़ाने का काम करता है। अस्थमा के मरीजों को प्रिजर्वेटिव फूड आइटम से बचना चाहिए।

प्रोसेस्ड फूड की वजह से अस्थमा और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं और बढ़ सकती हैं। खासतौर से यह बच्चों के लिए बहुत खतरनाक है। ग्रॉसरी स्टोर में कई ऐसे प्रोसेस्ड फूड पाए जाते हैं जिनमें प्रिजर्वेटिव और आर्टिफिशियल कैलोरी पाई जाती है जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। फास्ट फूड, डीप-फ्राइड फूड्स, पैकेट फूड्स और फ्रोजन फूड्स अस्थमा के लक्षणों को बढ़ाते हैं।

वेजिटेबल ऑयल वेजिटेबल ऑयल से खासतौर से सलाद और केक की ड्रेसिंग की जाती है। इसमें प्रिजर्वेटिव बेंजोएट पाया जाता है जो शरीर में जलन और सूजन को बढ़ाता है। हाई टेंपरेचर पर वेजिटेबल ऑयल से खाना बनाने पर कई तरह के विषाक्त पदार्थ निकलते हैं जो अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत हानिकारक हैं।

तला भोजनअस्थमा के मरीज जितना हो सके तले हुए भोजन से दूरी बना लें। इसके अलावा अस्थमा के मरीजों को ज्यादा नमक भी नहीं खाना चाहिए।

दूध से बनी चीजें

दूध और आइसक्रीम जैसे डेयरी प्रोडक्ट अस्थमा को बढ़ाने का काम करते हैं क्योंकि इनकी वजह से फेफड़ों में बलगम बढ़ता है। अस्थमा के मरीजों को ग्रीक योगर्ट खाने की सलाह दी जाती है।

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20-07-2026