FCI के भ्रष्टाचार की सच्चाई जान दंग रह जाएंगे आप, सीबीआई ने किया पर्दाफाश

एफआईआर में 75 लोगों के नाम औऱ अब तक 99 स्थानों पर तलाशी। FCI के भ्रष्टाचार की कहानी इससे कहीं ज्यादा लंबी है।

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एफआईआर में 75 लोगों के नाम औऱ अब तक 99 स्थानों पर तलाशी। FCI के भ्रष्टाचार की कहानी इससे कहीं ज्यादा लंबी है। सीबीआई की कार्रवाई जारी है। FCI में चल रहे भ्रष्टाचार के मामले पर से पर्दा उठाने के लिए सीबीआई ने जो ऑपरेशन शुरू किया है उसका नाम है आपरेशन कनक। बड़े ऑपरेशन ‘कनक’ में लगभग 39 स्थानों पर आगे की तलाशी सहित अब तक 1.03 करोड़ रु.(लगभग) बरामद किया है एवं FCI के प्रबंधक को भी गिरफ्तार किया है।

सीबीआई ने रूप नगर, संगरूर, मोरिंडा, बस्सी पठाना, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, गुरदासपुर, बरनाला, मनसा, बठिंडा, सुनाम, बुदलाडा, मोहाली, अंबाला नई दिल्ली सहित 39 स्थानों की तलाशी ली। पिछले तीन दिनों से चल रही तलाशी के दौरान तीन करोड़ रु से अधिक की एफडीआर, तथा विभिन्न संपतियों से संबंधित कागजात बरामद हो चुके हैं। FCI कर्मियों, निजी चावल मिल मालिकों एवं अनाज कारोबारियों द्वारा अपनाए गए भ्रष्टाचार के सांठ गांठ के खिलाफ चल रही जांच में तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एफसीआई के सेवारत (34) एवं सेवानिवृत्त कर्मियों (3), निजी व्यक्तियों (17) और अन्य संस्थाओं आदि सहित 74 आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। ऐसा आरोप है कि पश्चपात प्राप्त करने के लिए निजी गिरोह संचालको ने एफसीआई कर्मियों को भारी रिश्वत दी। आगे यह आरोप है कि निजी चावल मिल मालिक और अनाज व्यापारी निम्न गुणवत्ता वाले खाद्यान्नों की खरीद को समायोजित करने, खाद्यान्नों को उतारने में दिन-प्रतिदिन के कार्यों में कदाचार, विभिन्न कदाचारों के विरुद्ध जांच को प्रभावित( manage) करने आदि में लाभ प्राप्त करने के लिए एफसीआई कर्मियों को रिश्वत दे रहे थे। यह भी आरोप है कि कर्मियों ने राइस मिल मालिकों के साथ षड्यंत्र में स्टॉक में कमी को कवर किया एवं कम गुणवत्ता वाले खाद्यान्न को स्वीकार किया, जो देश के अन्य हिस्सों में ले जाया गया। बदले में राइस मिल मालिकों ने तकनीकी सहायकों, डीजीएम, एजीएम, और यहां तक कि कार्यकारी निदेशक सहित एफसीआई के कर्मियों को कथित रूप से चैनलाइज्ड/ प्रणालीकृत भ्रष्टाचार के रूप में भारी मात्रा में रिश्वत देते हैं।

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