दिल्ली क्राइम ब्रांच के सिपाही ने करोड़ो की लूट के मास्टरमाइंड को ऐसे पकड़ा

दिल्ली क्राइम ब्रांच
👁️ 553 Views

दिल्ली क्राइम ब्रांच के एक सिपाही ने करोड़ो की लूट के मास्टरमाइंट को गिरफ्तार करवाने में कामयाबी पाई है। यह मास्टरमाइंड दो साल से ना केवल गायब था बल्कि दिल्ली में ही पत्ते बदल बदल कर रह रहा था और लगातार फोन नंबर भी बदल रहा था। यही नहीं वह फरारी में बस चालक बन कर आराम से रह रहा था। अदालत से फरार घोषित होने के बाद भी उसे गिरफ्तार करने में कामयाबी नहीं मिली थी। मामला 31 अगस्त 2022 को पहाड़गंज में हुई 8 करोड़ से अधिक कीमत के सोने, हीरे और चांदी के आभूषणों की लूट का है।

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने ऐसे पकड़ा

डीसीपी अमित गोयल के मुताबिक क्राइम ब्रांच ने ₹ 8 करोड़ मूल्य के सोने, हीरे और चांदी के आभूषणों से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल डकैती मामले में मुख्य साजिशकर्ता आरोपी अजीत सिंह को गिरफ्तार किया है। अगस्त 2022 में दिल्ली के पहाड़गंज में हुई इस डकैती को सात लोगों के एक गिरोह ने अंजाम दिया था, जिनमें से छह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

हरियाणा के अंबाला शहर के निवासी सोमवीर की शिकायत के बाद 31 अगस्त 2022 को डकैती का मामला दर्ज किया गया था। जय माता दी लॉजिस्टिक्स में काम करने वाले सोमवीर ने बताया था कि जब वह और उनके साथी जगदीश सैनी दिल्ली में सोने और हीरे के आभूषणों की डिलीवरी कर रहे थे, तभी दिल्ली के पहाड़गंज में देश बंधु गुप्ता रोड के पास चार लोगों ने उन पर हमला कर दिया।

पकड़ने में अहम भूमिका इनकी

Delhi crime branch
Delhi crime branch

हमलावरों में से एक ने आंशिक रूप से पुलिस की वर्दी पहन रखी थी, उन्होंने मिर्च पाउडर से उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और आभूषणों से भरे दो बैग और एक कार्टन जबरन ले गए। चोरी किए गए माल में 6.27 किलोग्राम सोना, 106 हीरे और 2.9 किलोग्राम चांदी शामिल थी, जिसे पहले से गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने लूट में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया।

इनमें मनीष कुमार, नागेश कुमार, शिवम, चित्रेश बिष्ट, सचिन मेहरा और परमवीर शामिल हैं, ये सभी नजफगढ़ के रहने वाले हैं। इन लोगों से चोरी किए गए आभूषण बरामद कर जब्त कर लिया गया। इस मामले में मास्हाटरमाइंड आरोपी अजीत सिंह अब तक पुलिस की गिरफ्त से फरार था। एसीपी रमेश चंद्र लांबा की करीबी निगरानी में इंस्पेक्टर पंकज मलिक और रोहत कुमार के नेतृत्व में एएसआई संजीव कुमार, एचसी आशीष, कांस्टेबल रविंद्र कुमार और दिनेश कुमार की टीम ने महावीर एन्क्लेव, पालम गांव, दिल्ली में अपने ठिकाने से अजीत सिंह का सफलतापूर्वक पता लगाया और उसे पकड़ लिया।

आरोपी अजीत सिंह पहचान से बचने के लिए फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। कानून के शिकंजे से बचने के लिए वह बार-बार अपने आवासीय पते के साथ-साथ अपने मोबाइल नंबर भी बदल रहा था। लेकिन कांस्टेबल रविंद्र कुमार के निरंतर और अथक प्रयासों से टीम उसके वर्तमान ठिकाने का पता लगाने में सफल रही और उसे तेजी से ट्रैक किया। आरोपी अजीत सिंह सिलानी गांव, झज्जर, हरियाणा के एक निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार से है। वह 10वीं कक्षा पास है और गिरफ्तारी के समय दिल्ली के द्वारका में बस चालक के रूप में काम कर रहा था। डकैती से पहले वह गोपाल नगर, नजफगढ़ में रहता था, जहां उसने अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों, जिसमें उसका भतीजा नागेश कुमार भी शामिल था, के साथ मिलकर अपराध की साजिश रची।

यह भी पढ़ें

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | डीपीडीपी कानून और गैर डिजिटल डाटाः लाखों नागरिकों की गोपनीयता का अधूरा सच | मध्यमा परीक्षा 2026ः तारीख, केंद्र और परिणाम की पूरी जानकारी | नेहा बालाः झारखंड की साइबर शेरनी जिसने अंतर्राष्ट्रीय ठगों को धूल चटाई | डिजिटल अरेस्ट क्या है? ऑपरेशन बजरंग से समझें साइबर ठगी का पूरा जाल | Whatsapp-Signal यूजर्स सावधानः Linked devices से हो सकती है जासूसी | AI Deepfake से निवेश ठगी: मंत्री का नकली वीडियो, करोड़ों का नुकसान—ऐसे फंस रहा है पढ़ा-लिखा भारत | प्रेम और मातृत्व में क्या फर्क है? व्यक्तित्व सत्र में डा. जायसवाल की गहरी व्याख्या | गार्गी नारीशक्ति सम्मेलन 2026ः पटना में महिलाओं का महाकुंभ, विकसित बिहार की नई सोच | अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ींः सीबीआई के नए एफईआईआर में क्या | जब इंटरनेट बन जाए युद्धभूमिः muddy water APT और डिजिटल युद्ध का बढ़ता खतरा |
14-03-2026