यूपीआई लाइट में मिलेगी अब ये सुविधा, खाते से राशि खुद जमा हो जाएगी

यूपीआई
👁️ 563 Views

यूपीआई लाइट में ऑटो टॉप अप की सुविधा मिलेगी। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम(एनपीसीआई) यह सुविधा 31 अक्टूबर से देने जा रहा है। इसके जरिए उपयोगकर्ता को अपने बैंक खाते से बार बार यूपीआई लाइट में रकम जमा करने की जरूरत नहीं होगी। रकम स्वतः यूपीआई वॉलेट में जमा हो जाएगी। एनपीसीआई ने सर्कुलर जारी कर दिया है। इसके मुताबिक ग्राहक अपने यूपीआई लाइट खाते में अपनी पसंद की राशि फिर से जमा करने के लिए ऑटो टॉप अप विकल्प का इस्तेमाल कर सकेंगे।

यूपीआई लाइट में ऐसे मिलेगी यह सुविधा

गौरतलब है कि छोटे भुगतान के लिए यूपीआई लाइट की सुविधा शुरू की गई है। इसके जरिए 500 रुपये तक के भुगतान के लिए पिन की जरूरत नहीं पड़ती है। इससे ज्यादा राशि के लिए पिन की जरूरत पड़ती है। इसमें राशि रखने की अधिकतम सीमा 2000 रुपये है। इसका मतलब है कि ग्राहक एक बार में 2000 रुपये तक का ही टॉप अप कर सकते हैं। इस सुविधा में ग्राहक को बैंक खाते से यूपीआईलाइट खाते में आने वाली एक निश्चित राशि तय करनी होगी।

यदि किसी ग्राहक ने टॉप अप के लिए 1000 की राशि तय की है तो जैसे ही वॉलेट में बैंलेस खत्म होगा वैसे ही 1000 रुपये खुद से उसमें जुड़ जाएंगे। ऑनलाइन भुगतान करने वालों को इससे काफी आसानी होगी। जारीकर्ता बैंक यूपीआईलाइट पर ऑटो टॉप अप की सुविधा देंगे। एक दिन में अधिकतम पांच बार ही बैंक खाते से निर्धारित तय रकम जोड़ी जा सकेगी।

संबंधित थर्ड पार्टी भुगतान ऐप सेवा कंपनियों और बैंकों को मैनडेट सुविधा लागू करते वक्त सत्यापन करना होगा। यूपीआई डिजिटल भुगतान करने का सबसे लोकप्रिय माध्यम है। यूपीआई पेमेंट का चलन बहुत तेजी से बढ़ गया है, इसी कड़ी में एक अहम फैसला लेते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग करके कर भुगतान के लिए लेनदेन सीमा बढ़ा दी है, जिससे लोग अब एक ही लेनदेन में 5 लाख रुपये ट्रांसफर कर पा रहे है।

यह भी पढ़ें

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | Whatsapp-Signal यूजर्स सावधानः Linked devices से हो सकती है जासूसी | AI Deepfake से निवेश ठगी: मंत्री का नकली वीडियो, करोड़ों का नुकसान—ऐसे फंस रहा है पढ़ा-लिखा भारत | प्रेम और मातृत्व में क्या फर्क है? व्यक्तित्व सत्र में डा. जायसवाल की गहरी व्याख्या | गार्गी नारीशक्ति सम्मेलन 2026ः पटना में महिलाओं का महाकुंभ, विकसित बिहार की नई सोच | अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ींः सीबीआई के नए एफईआईआर में क्या | जब इंटरनेट बन जाए युद्धभूमिः muddy water APT और डिजिटल युद्ध का बढ़ता खतरा | वित्तीय साइबर अपराध क्यों बढ़ रहे हैं ? बैंकिंग सिस्टम में सुधार क्यों हो गया जरूरी | वायरल मैसेज का सच: नहीं बनेगा कोई नया केंद्रशासित प्रदेश, PIB ने दी चेतावनी। | Panaji police cyber crime model: क्या पूरे देश में लागू हो सकता है गोवा पुलिस का सुरक्षा मॉडल | cisf raising day: मेट्रो से एयरपोर्ट तक CISF की अनकही कहानी |
10-03-2026