पैरालंपिक का थीम गीत जारी हुआ, जानिए क्या है पैरालंपिक, कैसे हुई इसकी शुरूआत

👁️ 463 Views

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। भारतीय पैरालंपिक (Indian paralympic) दल का थीम गीत “कर दे कमाल तू ” जारी हुआ। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस गीत को जारी किया। आगे जानिए पैरालंपिक खेलों की हर बात। पैरालंपिक थीम गीत को दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ी संजीव सिंह ने लिखा और गाया है। वह लखनऊ के रहने वाले हैं। इस अवसर पर खेल मंत्रालय के सचिव रवि मित्तल, संयुक्त सचिव एलएस सिंह, भारतीय पैरालंपित समिति (PCI) की अध्यक्ष डा. दीपा मलिक महासचिव गुरशरण सिंह और मुख्य संरक्षक अविनाश राय खन्ना भी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित हुए।

इस अवसर पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि, “भारत, टोक्यो ओलंपिक की 9 खेल प्रतिस्पर्धाओं में 54 पैरा-खिलाड़ियों के साथ अपना अब तक का सबसे बड़ा दल भेज रहा है। हम आपके खेल को गौर से देखेंगे और आपकी इस अविश्वसनीय यात्रा के साक्षी बनेंगे। हमारे पैरा-एथलीटों का दृढ़ संकल्प उनकी असाधारण मानवीय भावना को दिखाता है। यह याद रखें कि जब आप भारत के लिए खेल रहे होंगे तो आपका उत्साहवर्धन कर रहे 130 करोड़ भारतीय आपके साथ होंगे! मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे पैरा-एथलीट अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देंगे! प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने हमारे रियो 2016 पैरालंपिक खेलों के खिलाड़ियों से मुलाकात की थी और वे हमेशा हमारे खिलाड़ियों के कल्याण के लिए गहरी रुचि रखते हैं। प्रधानमंत्री ने सदैव पूरे देश में खेल संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ प्रतिभा के पोषण के लिए सरकार के दृष्टिकोण पर ध्यान दिया है। मैं भारत की पैरालंपिक समिति और इसकी अध्यक्ष श्रीमती दीपा मलिक को भी बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि हमारे खिलाड़ी बेहतर तरीके से तैयार हों और सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं प्राप्त कर सकें।”

क्या है पैरालंपिक (what is paralympic) पैरालाम्पिक गेम्स (paralympic games) एथलीटों की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट है जिसमें दिव्यांग खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देते हैं। पैरालाम्पिक्स 1948 में ब्रिटिश द्वितीय विश्व युद्ध के दिग्गजों की एक छोटी सभा से उभरा है जो 21 वीं सदी की शुरुआत में सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में से एक बन गया है।

कैसे हुई पैरालंपिक की शुरूआत (how did paralympics start) ओलंपिक की गहमा-गहमी के बाद उसी मैदान पर पैरालंपिक खेलो में पदक जीतने की होड़ ओलंपिक कैलेंडर का नियमित हिस्सा बन गया है। दिव्यांग खिलाड़ी पदक तालिका में अपना और अपने देख का नाम दर्ज कराने के लिए पूरी ताकत झोंक देते हैं। इस बार पैराओलंपिक खेलो में भारत से रिकार्ड 54 पैराओलंपिक खिलाड़ी नौ विभिन्न खेलो में हिस्सा लेंगे। पैराओलंपिक खेलो की शुरूआत बड़ी दिलचस्प है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद घायल सैनिकों को मुख्य धारा में जोड़ने की सोच ने पैरालंपिक के इस स्वरूप को जन्म दिया। साल 1948 में विश्वयुद्ध के ठीक बाद स्टोक मानडेविल अस्पताल के नियोरोलॉजिस्ट सर गुडविंग गुट्टमान ने सैनिकों के पुनर्वास के लिए खेल को चुना तब इसे अंतर्राष्ट्रीय व्हील चेटर गेम का नाम दिया गया था। घायल सैनिकों के लिए कराई गई खेल प्रतियोगिता का आयोजन साल 1948 में लंदन में हुआ। तब गुट्टमान ने अपने अस्पताल के ही नहीं दूसरे अस्पताल के मरीजों को भी खेल प्रतियोगिता में शामिल किया। गुट्टमान के इस सफल प्रयोग को ब्रिटेन की कई स्पाइनल इंजरी इकाइयो ने शामिल किया और एक दशक तक स्पाइनल इंजरी को ठीक करने के लिए यह पुनर्वास कार्यक्रम चलता रहा। 1952 में फिर इसका आयोजन किया गया। इस बार ब्रिटिश सैनिकों के साथ ही डच सैनिकों को भी शामिल किया गया। 1969 में रोम में पहले पैरालंपिक खेल आयोजित हुए। इसमें 23 देशों के 400 खिलाड़ियो ने हिस्सा लिया। शुरूआत में तैराकी को छोड़कर सभी खेलो में खिलाडियो को व्हीलचेयर लेकर हिस्सा लेना होता था। 1976 में दूसरी तरह के पैरा खिलाडियों को भी खेल में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया।

 

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | दिल्ली में फर्जी ईडी रेड का सनसनीखेज खुलासा, मेड ही निकली मास्टरमाइंड | जान लीजिए मैसेजिंग ऐप्प पर ढील से कैसे बढ़ रहा है साइबर क्राइम | बिहार के गया में लगता है मौत के बाद मुक्ति का मेला, क्यों खास है यह पौराणिक परंपरा | जानिए क्या है ‘सबके लिए आवास’ मिशन, शहरी गरीबों को कैसे मिलता है पक्का घर | बिहार का वह शहर जिसे राम की कर्मभूमि कहा जाता है, जहां ताड़का से जुड़ी है एक रहस्यमयी कथा | operation octopus: हैदराबाद पुलिस ने 127 करोड़ के साइबर ठगी का नेटवर्क कैसे तोड़ा | UIDAI AI Invisible Shield: आपके आधार की पहचान अब पहले से ज्यादा सुरक्षित कैसे हुई | दिल्ली पुलिस ने एआई समिट के दौरान हुए प्रदर्शन पर तोड़ी खामोशी, बोली पूर्व नियोजित था प्रदर्शन | मुठभेड़ के बाद क्या हुआ खुलासा, दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े कौन से गैंग के शूटर | दिल्ली से कोलकाता तक आतंकी नेटवर्क, स्पेशल सेल ने कैसे बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया |
26-02-2026