‘उजाला’ के सात वर्ष पूरे, जानिए अहम जानकारियां


उजाला यानि केंद्रीय विध्युत मंत्रालय की प्रमुख योजना उजाला कार्यक्रम के तहत एलईडी लाइटों के वितरण और बिक्री के सात वर्ष पूरे हो चुके हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच जनवरी, 2015 को उन्नत ज्योति बाय एफर्डेबल लेड्स फॉर ऑल (उजाला – सबके लिये सस्ते एलईडी द्वारा उन्नत ज्योति) का शुभारंभ किया था। छोटी अवधि में ही कार्यक्रम दुनिया का सबसे बड़ा गैर-सब्सिडी प्राप्त स्वदेशी प्रकाश कार्यक्रम बन गया, जो महंगी बिजली और अदक्ष प्रकाश व्यवस्था के कारण उच्च उत्सर्जन की समस्याओं का समाधान करता है। अब तक देशभर में 36.78 से अधिक एलईडी लाइटों का वितरण किया गया है। कार्यक्रम ने लोगों के जीवन को बदल डाला है। ऊर्जा दक्षता के लिये अनुपम रणनीतिक उपाय में योजना की सफलता निहित है।

वर्ष 2014 में उजाला योजना एलईडी बल्बों की खुदरा कीमत को नीचे लाने में सफल हुई थी। एलईडी बल्बों की कीमत 300-350 रुपये प्रति बल्ब से कम होकर 70-80 रुपये प्रति बल्ब पहुंच गई थी। सबके लिये सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने के अलावा, कार्यक्रम की बदौलत ऊर्जा में भारी बचत भी हुई। वर्तमान समय तक, 47,778 मिलियन किलोवॉट प्रति घंटा की वार्षिक ऊर्जा की बचत हुई है। इसके अलावा 9,565 मेगावॉट की अधिकतम मांग से मुक्ति मिली तथा 3,86 करोड़ टन सीओ(कार्बन डाई-ऑक्साइड) की कटौती हुई।

उजाला को सभी राज्यों ने सहर्ष अपनाया है। इसकी मदद से घरों के वार्षिक बिजली बिलों में कमी आई है। उपभोक्ता पैसा बचाने, अपने जीवन स्तर में सुधार लाने तथा भारत की आर्थिक प्रगति और समृद्धि में योगदान करने में सक्षम हुये हैं।

कार्यक्रम के तहत, सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित की है तथा सामान और सेवाओं की ई-खरीद के जरिये प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहन दिया है। परिणामस्वरूप लेन-देन के खर्च और समय में कमी आई है तथा प्रक्रिया पहले से ज्यादा कारगर हुई है। उजाला योजना की बदौलत एलईडी बल्बों की कीमत में 85 प्रतिशत तक की कमी आई है। इसके कारण बोली-कर्ताओं की तादाद बढ़ी है, उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर हुई है और उपभोक्ताओं के लिये बेहतर विकल्प उपलब्ध हुये हैं। औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और थोक खरीद के बढ़ने से ईईएसएल (एनर्जी एफीशियंसी सर्विसेज लिमिटेड) ने अनोखी खरीद रणनीति अपनाई है, जिसके परिणामस्वरूप चिर-परिचित लाभ प्राप्त हुये हैं। यही अब उजाला कार्यक्रम की यूएसपी बन गई है।

उजाला – अन्य उल्लेखनीय उपलब्धियां-

पर्यावरण सम्बंधी बेहतर लाभ देने में उजाला कार्यक्रम की प्रमुख भूमिका है। इसके अलावा, उजाला से उपभोक्ताओं को ऊर्जा दक्षता से जुड़े वित्तीय और पर्यावरण सम्बंधी लाभों के प्रति जागरूक बनाने में भी मदद मिली है।

  • इससे स्वदेशी प्रकाश उद्योग को गति मिलती है। इससे ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहन मिलता है, क्योंकि एलईडी का स्वदेशी निर्माण एक लाख प्रति माह से बढ़कर 40 मिलियन प्रति माह पहुंच गया है।
  • उजाला की बदौलत नियमित थोक खरीद के जरिये निर्माताओं को लागत-लाभ प्राप्त होता है। इससे निर्माताओं को खुदरा क्षेत्र में भी एलईडी की कीमतों में कमी करने का मौका मिलता है। वर्ष 2014 और 2017 के बीच इसका खरीद मूल्य 310 रुपये से घटकर 38 रुपये हो गया है। इस तरह लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है।
  • कार्यक्रम ने भारत के सर्वोच्च प्रबंधन संस्थानों का ध्यान भी आकर्षित किया है। यह अब अहमदाबाद स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में लीडरशिप केस स्टडी का हिस्सा बन चुका है। इसके अलावा हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के पाठ्यक्रम में भी इसे शामिल करने पर विचार हो रहा है।

ऊर्जा दक्षता तथा मध्यवर्ग और निम्न मध्यवर्ग के उपभोक्ताओं को बल्ब आदि के खर्च में बचत होने का श्रेय उजाला को जाता है। निम्न आयवर्ग के समुदाय की उन्नति के लिये समावेशी वृद्धि रणनीति के अंग के रूप में ईईएसएल ने उजाला कार्यक्रम के तहत एलईडी बल्बों के वितरण के सम्बंध में स्वसहायता समूहों को पंजीकृत किया है।

Picture of Alok Verma
Alok Verma
a senior journalist with a 25 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | ILOVEYOU Virus से Love Trap Scam तक: इंटरनेट पर प्यार कैसे बन जाता है साइबर ठगी का सबसे खतरनाक हथियार? | दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा खुलासा: मोजों में छिपा था 1.21 किलो सोना, CISF की मुस्तैदी से खुली पोल | सपने में सांप देखना शुभ या अशुभ? स्वप्न शास्त्र में जानें हर संकेत का अर्थ | आम के पत्तों का धार्मिक महत्व: शुभ कार्यों में क्यों किया जाता है इस्तेमाल? जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक कारण | सुख-दुख का रहस्य क्या है? संचित कर्म, प्रारब्ध और मां गंगा की महिमा को समझिए | ‘होगी जय… हे पुरुषोतम नवीन!’: आत्मविश्वास, पुरुषार्थ और सकारात्मक सोच का संदेश देती है जय प्रकाश आजाद की नई पुस्तक | ईश्वर पर विश्वास ही सबसे बड़ी शक्ति है, जानिए गुरु वचनों का संदेश | म्यूल अकाउंट क्या है? ₹310 करोड़ के साइबर फ्रॉड रैकेट से समझिए पूरा खेल | Delhi Cyber Crime News: नौकरी का झांसा देकर खुलवाते थे बैंक खाते, देशभर के साइबर ठगों को बेचते थे ATM-चेकबुक; 10 गिरफ्तार | ईश्वर पर विश्वास: जब नियत शुद्ध हो तो नियति भी मार्ग बना देती है |
18-06-2026