upi id को हैकर्स से बचाने और secure transaction के लिए अहम है यह जानकारी

upi id

upi id को जालसाज अपना निशाना ना बना लें। upi id से सुरक्षित लेनदेन हो सके इसके लिए कुछ जानकारियों का होना बहुत जरूरी है। हो सकता है हैकर्स आपके upi id को अपना शिकार बनाने के लिए कोई जाल बुन रहा हो। असल में यूपीआई (upi id) हाईजैकिंग एक धोखाधड़ी गतिविधि है जिसमें साइबर अपराधी किसी उपयोगकर्ता के यूपीआई खाते तक अवैध पहुंच प्राप्त कर लेते हैं।

धन चोरी से लेकर लेनदेन में भी हेरफेर की फिराक में रहते हैं जालसाज

जालसाज धन चुराने या लेनदेन में हेरफेर करने के लिए upi id हाइजैकिंग का उपयोग करते हैं। स्कैमर्स फ़िशिंग, सिम क्लोनिंग, या malicious apps जैसी तकनीकों का उपयोग कर सकते हैं। सुरक्षित यूपीआई लेनदेन के लिए आगे दी गई पांच जानकारियों को हर समय ध्इयान में रखें। इनको ध्यान में रखने से आप साइबर ठगों के जाल में फंसने से बच सकते हैं।

  1. विश्वसनीय यूपीआई ऐप्स का उपयोग करें – केवल Google Play Store या Apple App Store से आधिकारिक यूपीआई एप्लिकेशन डाउनलोड करें। अनजान या थर्ड-पार्टी ऐप्स से बचें।
  2. Authentication मजबूत करें – मजबूत पासवर्ड और सुरक्षित यूपीआई पिन का उपयोग करें। फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन जैसी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को सक्रिय करें और दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) सक्षम करें।
  3. असुरक्षित नेटवर्क से बचें – सार्वजनिक वाई-फाई या अविश्वसनीय नेटवर्क पर वित्तीय लेनदेन न करें, क्योंकि इससे संवेदनशील डेटा हैकर्स के लिए उजागर हो सकता है।
  4. लेनदेन और अलर्ट की निगरानी करें – अपने यूपीआई लेनदेन इतिहास को नियमित रूप से जांचें ताकि किसी भी अनधिकृत गतिविधि का पता लगाया जा सके। रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए SMS/ईमेल अलर्ट सक्रिय करें।
  5. लेनदेन के बाद लॉग आउट करें – यूपीआई ऐप का उपयोग करने के बाद हमेशा लॉग आउट करें ताकि आपके डिवाइस के संक्रमित होने की स्थिति में अनधिकृत पहुंच से बचा जा सके। यह बहुत जरुरी हैं।
    Enhanced Security के लिए, Google Play Protect जैसी मोबाइल सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें जो ऐप्स को स्कैन कर Malicious Activities का पता लगाने में मदद कर सकते हैं।

यह भी पढ़ेंः

Picture of inspector raman kumar
inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | दिल्ली मेट्रो सुरक्षा में नया अध्याय, CISF की QRT में शामिल हुईं 22 महिला कमांडो | AI Hallucination क्या है? AI की हर जानकारी पर भरोसा करना क्यों खतरनाक हो सकता है | जीवन का सच्चा धर्म क्या है? पुरुष के कर्तव्य, गुरु भक्ति, गौ सेवा और संतोष का आध्यात्मिक संदेश | Salman Khan Black Buck Case: ‘काला हिरण: बैटल फॉर लिगेसी’ फिल्म विवाद क्या है? जानिए पूरी कहानी | WhatsApp Username Feature: क्या बढ़ जाएगा डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड का खतरा? जानिए पूरी तस्वीर | दिल्ली में आतंक फैलाने की थी तैयारी? पाकिस्तान से WhatsApp पर मिल रहे थे निर्देश, Special Cell ने ऐसे खोली पूरी साजिश | दिल्ली पुलिस कमिश्नरेट डे 2026: अपराध में आई कमी, महिला सुरक्षा और टेक्नोलॉजी आधारित पुलिसिंग पर रहा जोर | Aadhaar Email Update: आधार में ईमेल जोड़ना क्यों है जरूरी, 31 दिसंबर तक मुफ्त में मिलेगा यह फायदा | Signal Backup Key Scam: क्या Signal भी अब सुरक्षित नहीं? इस एक गलती से हैकर्स पढ़ सकते हैं आपकी निजी चैट | अहंकार आपकी जिंदगी से क्या-क्या छीन सकता है? शास्त्र बताते हैं भगवान की कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग |
05-07-2026