let’s inspire bihar: पटना में महिला उद्यमिता का उत्सव

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let’s inspire bihar अभियान के अंतर्गत गार्गी अध्याय द्वारा होटल द पाइन, पी. एन. एम. मॉल के पास, पटना में ‘गार्गी उद्यमी सखी सावन महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। let’s inspire bihar द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार में महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना, परंपरा से जुड़ते हुए आधुनिकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करना रहा।

let’s inspire bihar 600+ महिलाओं का जुटान

इस अवसर पर 600 से अधिक महिलाएं बिहार के विभिन्न जिलों से सम्मिलित हुईं, जिनमें महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टॉलों ने उनके हुनर और नवाचार को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्घाटन लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक आई.पी.एस. विकास वैभव द्वारा किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा: “2047 तक विकसित भारत में विकसित बिहार का निर्माण महिलाओं के अग्रणी योगदान से ही संभव है। गार्गी अध्याय आज बिहार में संकल्पित एवं प्रबुद्ध महिलाओं का प्रमुख वैचारिक एवं सामाजिक मंच बन चुका है। आज 2,25,000+ व्यक्ति स्वैच्छिक रूप से अभियान में सीधे रूप से जुड़ चुके हैं, जिसमें 20,000+ महिलाएं भी हैं और गार्गी अध्याय द्वारा बिहार के 14 जिलों में वंचित विद्यार्थियों के लिए 27 गार्गी पाठशालाएं संचालित की जा रही हैं।

साथ ही वंचित महिलाओं के लिए गार्गी कला कौशल केंद्रों एवं गार्गी कृत्या जैसे प्रयासों से स्वरोजगार के अवसर विकसित किए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अब तक 800+ अग्रणी महिलाओं को सम्मानित किया गया है। हमारा लक्ष्य 2028 तक बिहार के हर पंचायत में गार्गी अध्याय की स्थापना कर महिलाओं को शिक्षा, समता और उद्यमिता के मंत्र से प्रेरित करना है।

हमें महान विदुषी गार्गी वाचक्नवी की दृष्टि को समझना होगा जिनमें सत्य को जानने की प्रबल जिज्ञासा के साथ-साथ विद्वतापूर्वक चुनौती देने का साहस भी था । यदि उनके और महर्षि याज्ञवल्क्य के बीच के संवाद का हम स्मरण करेंगे तो निश्चित ही अपने पूर्वजों की बृहत दृष्टि को समझ सकेंगे जो सर्वत्र परमतत्त्व के अंश को ही देखता था और जिसमें जाति-संप्रदाय अथवा लिंगभेद से परे व्यक्ति को व्यक्ति को जोड़ने की क्षमता थी जिसके कारण कालांतर में बिहार महान सभ्यता का केंद्र बन सका ।”

इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मिथिलांचल, मगध, अंग, भोजपुरी एवं पूर्वांचल और सीमांचल की भाषाओं, रीति-रिवाजों और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। सावन क्वीन, सावन प्रिंसेस और नन्ही परी प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिलाओं की बुद्धिमत्ता, संवेदनशीलता एवं वक्तृत्व क्षमता का समन्वित प्रदर्शन देखने को मिला।

गार्गी सावन क्वीन – माधुरी सिंह

गार्गी सावन प्रिंसेस – नीतू कुमारी

गार्गी नन्ही परी – आर्या अंशुमान

let’s inspire bihar: इनको मिला प्रेरणा सम्मान

इस वर्ष का गार्गी वाचक्नवी प्रेरणा सम्मान बिहार की सुप्रसिद्ध लोक गायिका सुश्री रितिका राज सिंह को प्रदान किया गया। जूरी के रूप में ऋचा राजपूत, ऋतिका दरबारी और प्रज्ञा सिंह उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में बिहार विधान परिषद की माननीय सदस्य अनामिका सिंह पटेल, सुप्रसिद्ध लोक गायिका नीतू कुमारी नूतन, राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व सदस्य सुषमा साहू, बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा, डॉ. बी. प्रियम, डॉ. बिंदा सिंह, श्रीमती बिधु रानी सहित कई गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

हरियाली तीज के अवसर पर महिलाओं द्वारा प्रस्तुत विशेष सांस्कृतिक प्रदर्शनों ने प्रकृति से जुड़ाव और पारंपरिक सौंदर्य को भली-भांति अभिव्यक्त किया। विभिन्न जिलों से आई महिला उद्यमियों को गार्गी उद्यमिता सम्मान से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के संचालन में गार्गी अध्याय की मुख्य समन्वयक डॉ. प्रीति बाला के नेतृत्व में शायरीन इरम, नेहा सिंह, करिश्मा, नितिका अग्रवाल, नम्रता कुमारी, सुधा रंजन, रूपा मेहता, अंजलि, निशा भगत सहित अनेक महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। मंच संचालन डॉ. शबनम अखौरी, फराह नाज़ और अंजलि द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन करिश्मा द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बिहार की महिलाएं परंपरा और आधुनिकता दोनों को आत्मसात कर रचनात्मक योगदान देने में सक्षम हैं। गार्गी अध्याय के माध्यम से यह स्पष्ट हो चुका है कि बिहार की महिलाएं न केवल प्रेरणास्रोत हैं, बल्कि विकसित बिहार के निर्माण में अग्रदूत भी बन रही हैं।

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03-03-2026