Kolkata doctor Death case:सीमेन से क्या मिलेगा, किसका होगा डीएनए, फिंगर प्रिंट बताएगा सच

Kolkata doctor death case

Kolkata doctor Death case: क्या डॉक्टर रेप हत्याकांड आरोपी संजय राय की शैतानी दिमाग की उपज है या इसमें और लोग भी शामिल हैं। सबूत के रूप में जिस 150 मिली सीमेन का जिक्र किया जा रहा है उससे क्या पता लग सकता है। क्या इससे इस कांड में सीधे या पर्दे में शामिल लोगों का पता लग जाएगा। मैंने इसी सच को जानने के लिए अपने क्राइम जर्नलिज्म के छाई दशक से ज्यादा के अनुभव से काम लिया। कई लोगों से बात की और पता लगा कि सच जानने के लिए अभी सीबीआई को बहुत कुछ करना बाकी है।

Kolkata doctor Death case: अब आगे क्या

कोलकाता कांड में क्या सबूत है कि इसमें कई लोग शामिल हैं या यह सिर्फ बलात्कार और हत्या का मामला है। सीबीआई ने इसके लिए साइको टेस्ट का सहारा लिया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी संजय राय साइकोलॉजी टेस्ट करने वाली एक विशेष टीम कोलकाता पहुंची है। साइकोलॉजी (Psychology) को जानने के लिए किए जाने वाले इस टेस्ट के ज़रिये उसकी आदतों और व्यवहार के साथ-साथ उसकी समझ को भी समझने का प्रयास किया जाता है।

इससे सीबीआई यह जानने की कोशिश करेगी कि आरोपी अकेले वारदात करने में सक्षम है या उसे किसी की मदद लेने की जरूरत है। उधर आर जी कर मेडिकल कालेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष से लगातार पूछताछ जारी है।
उपरोक्त दोनों कोशिशों के माध्यम से कांड के पूरे सच को सामने लाने की कोशिश हो रही है। मगर जानकारों का मानना है कि 150 मिली सीमेन का तब तक कोई महत्व नहीं है जब तक डीएनए फिंगरप्रिंटिंग करके लोगों की संख्या की पहचान न कर ली जाए।

यानि कांड मेंकितने लोग शामिल हैं इसका पता लगाने के लिए सीबीआई को डीएनए पर काम करना होगा।डीएनए की जांच से ही यह पता लग सकेगा कि कांड में एक से अधिक लोग शामिल हैं या केवल एक ही आदमी की सारी करतूत है औऱ सब कुछ केवल हाइप है। जल्द ही हाजिर होंगे उम्मीद है आप चैनल को सबस्क्राइब जरूर कर देंगे। साथ ही वीडियो को लाइक जरूर कीजिएगा।

यह भी पढ़ें:

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | CKYC नंबर है या नहीं? अभी जानें, एक नंबर से आसान होगी बैंकिंग और बढ़ेगी साइबर सुरक्षा | श्राद्ध में कौवे को पहला ग्रास क्यों दिया जाता है? जानिए काक बलि का रहस्य | ऑपरेशन Cy-Vajra में बड़ा खुलासा, 8 फर्जी कॉल सेंटर सील, 49 गिरफ्तार, ऐसे काम करता है साइबर ठगी का नेटवर्क | RBI आंतरिक लोकपाल (Internal Ombudsman) क्या है? साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए शिकायत निवारण का मजबूत सुरक्षा तंत्र | दिल्ली ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, जानिए कैसे मिलकर काम करती हैं Delhi Traffic Police और दूसरी एजेंसियां | बिना डेटा वाला मोबाइल रिचार्ज प्लान क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद? | क्या आपका स्मार्टफोन आपकी जासूसी कर रहा है? जेब में रखा फोन कैसे बन सकता है निगरानी का सबसे बड़ा हथियार | भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं। | वन्दे माँ नर्मदे: माँ नर्मदा की महिमा, इतिहास और भारतीय संस्कृति को समर्पित महत्वपूर्ण कृति | रांची में हैं मनोकामना पूरी करने वाले वृक्ष |
19-07-2026