जानिए कि छतीसगढ़ इस बुजुर्ग को क्यों कहता है “ताऊ”

आलोक वर्मा

पिछले दिनो जब छतीसगढ़ में कोबरा के एक जवान को नक्सलियों ने बंधक बना लिया। उस समय रिहा कराने वाली 11 सदस्यीय टीम में एक 91 साल बुजुर्ग भी थे। जवान राकेशवर सिंह के रिहा होने के बाद तमाम अखबारो और टीवी चैनलों पर एक बुजुर्ग की तस्वीर आपने जरूर देखी होगी। इस बुजुर्ग को छतीसगढ़ में लोग ताऊ कहकर पुकारते हैं।

दिन रात कड़ी मेहनत करने वाले ताऊ जी का असली नाम धर्मपाल सैनी है। पद्मश्री धर्मपाल सैनी।  आखिर कौन हैं ये ताऊ यही बताना इस वीडियो का मकसद है।

अब जानिए कौन हैं ताऊजी यानि धर्मपाल सैनी

91 साल के धर्मपाल सैनी को पूरे प्रदेश में ताऊ जी के नाम से जाना जाता है। धर्मपाल सैनी एक समाजसेवी के साथ-साथ माता रुकमणी कन्या आश्रम का संचालन करते हैं। जगदलपुर शहर के साथ-साथ बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों में उनके आश्रम संचालित होते हैं। धर्मपाल सैनी के आश्रम में पढ़कर कई बालिकाओं ने राष्ट्रीय खेलों में शिरकत करने के साथ प्रथम पुरस्कार जीतकर बस्तर का नाम रोशन किया है।

शिक्षा का मसाल

धर्मपाल सैनी भी एक खिलाड़ी रह चुके हैं। मध्य प्रदेश के धार जिले में रहने वाले धर्मपाल सैनी आज से 4 दशक पहले बस्तर आए और यहां शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। जब ताऊ जी 1976 में बस्तर में आए तो यहां साक्षरता दर 1% के आसपास था। साक्षरता दर को 65 फीसदी पहुंचाने में सैनी के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। यही वजह है कि साक्षरता दर को सुधारने के साथ-साथ बस्तर के आदिवासी लड़कियों के लिए माता रुकमणी देवी आश्रम के अंतर्गत उन्होंने एक के बाद एक कुल 37 आवासीय स्कूल खोले हैं। इनमें से कई स्कूल नक्सल समस्या से बुरी तरह प्रभावित इलाकों में भी हैं।

समाज सेवा के कार्यों के लिए धर्मपाल को 1992 में पद्मश्री भी मिल चुका है। धर्मपाल सैनी अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए कई बार सम्मानित हुए हैं। उन्हें विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों की ओर से भी सम्मानित किया गया है।

धर्मपाल सैनी इंद्रावती बचाओ मंच के सदस्य भी हैं। बस्तर के विकास के लिए उन्होंने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यही वजह रही कि धर्मपाल सैनी को राज्य सरकार ने मध्यस्थता के लिए न्योता दिया। सुनिए सैनी जी की जुबानी

जिसके बाद धर्मपाल सैनी गोंडवाना समाज के अध्यक्ष तेलाम बोरैया के साथ बीजापुर पहुंचे। यहां 11 सदस्य टीम के साथ अगवा किए जवान को रिहा कराने के लिए निकल पड़े। 11 सदस्य टीम का नेतृत्व धर्मपाल सैनी ने ही किया। नक्सलियों ने आखिरकार मध्यस्थता कर रही टीम के साथ चर्चा कर जवान को सही सलामत रिहा कर दिया। इस रिहाई के लिए धर्मपाल सैनी समेत पूरे 11 सदस्य टीम की जमकर तारीफ हो रही है।

देखें पूरी वीडियो स्टोरी 

Support India Vistar
Picture of Alok Verma
Alok Verma
a senior journalist with a 30 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | हैक किए गए ईमेल अकाउंट्स का काला कारोबार: साइबर अपराधी कैसे करते हैं आपके ईमेल का इस्तेमाल? | ईमेल अकाउंट हैक कैसे होता है? AI फिशिंग और बैंकिंग साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके | CISF की नई सुरक्षा व्यवस्था: अब पावर प्लांट से बंदरगाह तक अलग-अलग कमांड संभालेंगे सुरक्षा | दिल्ली-एनसीआर में कोकीन तस्करी का नेटवर्क बेनकाब, युवाओं तक कैसे पहुंच रहा था ड्रग्स का कारोबार? | पेन ड्राइव के साथ साथ ये चीजें भी आपको बना सकती हैं साइबर क्राइम का शिकार | फर्जी लोन और स्कॉलरशिप के नाम पर कैसे होती है ऑनलाइन ठगी? बैंक अकाउंट और फर्जी कॉल के इस खेल को समझें | कार हैकिंग क्या है? Tesla FSD मामला बताता है कि सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ कैसे बन सकती है जानलेवा खतरा | CISF में खेल सुविधाएं: जवानों की फिटनेस के लिए नोएडा में नया मल्टी-स्पोर्ट एरिना | साइबर सुरक्षा के 10 जरूरी नियम: पासवर्ड, डेटा बैकअप और ऑनलाइन ठगी से ऐसे बचें | सीआईएसएफ महिला तीरंदाजी टीम बनी चैंपियन, बल ने 16 पदक जीते |
05-11-2026